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अपने ही हाथों से तोड़ रहे सपने: 'खून-पसीने से सींची दुकानें, आज खुद चला रहे हथौड़ा'; मेरठ के व्यापारी मजबूर

संकल्प रघुवंशी, अमर उजाला, मेरठ Published by: Sharukh Khan Updated Sat, 11 Apr 2026 10:20 AM IST
सार

मेरठ की सेंट्रल मार्केट में व्यापारियों का 40 साल पहले तखत और फोल्डिंग पलंग से सफर शुरू हुआ था। संघर्ष से बाजार को बसाया था। अब व्यापारी खुद के ही निर्माण उजाड़ने को मजबूर हो गए हैं। व्यापारियों का कहना है कि दुकानें खून-पसीने से सींची थीं, आज खुद हथौड़ा चलाना पड़ रहा है।

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Meerut News Traders Demolish Shops in Central Market Forced Action Emotional Scenes from UP
meerut central market sealing - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
इंसान अपनी पूरी उम्र एक-एक ईंट जोड़कर अपने सपनों का आशियाना और कारोबार खड़ा करता है लेकिन हमने जिन दुकानों को अपने खून-पसीने से सींचा था आज हाथों में हथौड़ा थामकर उन्हें जमींदोज करना पड़ रहा है। 


अपने ही सपनों को अपने ही हाथों से तोड़ना विभीषिका से कम नहीं है। यह कहना है मेरठ के सेंट्रल मार्केट के व्यापारियों का। इन दिनों बाजार की गलियों में हथौड़ों की चोट की आवाज गूंज रही है इस चोट से ईंट-पत्थरों की इमारतों के साथ व्यापारियों के दिल और उम्मीदें भी टूट रही हैं।

आवास एवं विकास परिषद की ओर से शास्त्रीनगर स्कीम नंबर सात की 859 संपत्तियों की सूची सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की गई थी। स्कीम के तहत ये संपत्तियां आवासीय हैं लेकिन इनका व्यावसायिक इस्तेमाल हो रहा है। 
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Meerut News Traders Demolish Shops in Central Market Forced Action Emotional Scenes from UP
लोगों ने अपने शोरूम मकानों में बदलने की प्रक्रिया की शुरू, खुद चलाए हथौड़े - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बुधवार को सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर आवास विकास ने 44 भवनों को सील कर दिया था। वहीं बृहस्पतिवार को सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए सभी 859 संपत्तियों पर बने अवैध सेटबैक यानी इमारत के चारों ओर छोड़ी जाने वाली अनिवार्य खाली जगह में हुए निर्माण को दो महीने के भीतर तोड़ने का आदेश दिया है।
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Meerut News Traders Demolish Shops in Central Market Forced Action Emotional Scenes from UP
लोगों ने अपने शोरूम मकानों में बदलने की प्रक्रिया की शुरू, खुद चलाए हथौड़े - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
ऐसे में अब व्यापारियों ने भारी मन से खुद ही ध्वस्तीकरण शुरू कर दिया है। अलंकार साड़ी के संचालक राजीव गुप्ता ने बताया इस बाजार की नींव मेहनत और संघर्ष पर टिकी है। यहां बड़ी संख्या में पंजाबी समाज के दुकानदार हैं, जिनमें कई ऐसे परिवार भी हैं जो विभाजन के बाद पाकिस्तान से आकर यहां बसे थे। 

 
Meerut News Traders Demolish Shops in Central Market Forced Action Emotional Scenes from UP
लोगों ने अपने शोरूम मकानों में बदलने की प्रक्रिया की शुरू, खुद चलाए हथौड़े - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
करीब 35-40 साल पहले जब शास्त्रीनगर एक तरह से जंगल था और शाम होते ही लोग इधर आने से कतराते थे तब इन व्यापारियों ने तखत और फोल्डिंग पलंग पर फड़ लगाकर काम शुरू किया था। पाई-पाई जोड़कर उन्होंने अल्प आय वर्ग (एलआईजी) के भवन लिए और जीवनयापन के लिए उनमें छोटी-छोटी दुकानें खोलीं।
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Meerut News Traders Demolish Shops in Central Market Forced Action Emotional Scenes from UP
लोगों ने पलायन के पोस्टर लगाए, दर्द छलका, रोती रहीं महिलाएं - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
व्यापारियों का कहना है कि उनकी मेहनत और मशक्कत ने ही इस सुनसान इलाके को बाजार की पहचान दिलाई जिससे शास्त्रीनगर आज शहर के पॉश इलाकों में गिना जाता है। अपने उस संघर्ष को याद कर दुकानदारों की आंखों से आंसू बह निकलते हैं। 

 
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