मेरठ के बली गांव में प्रधान के बेटे के हत्यारोपी विजय धामा को जिंदा या मुर्दा देने वाले को पुलिस 20 हजार का इनाम देगी। उसकी तलाश में जिले में पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम लगी है। किसी भी सूरत में उसका बचना आसान नहीं है। जहां पर होगा, वहीं से पुलिस उसको जल्द गिरफ्तार करेगी। एसएसपी अजय साहनी ने हत्यारोपी विजय धामा पर इसी अंदाज में 20 हजार का इनाम करने की घोषणा की है-
प्रधान के बेटे की हत्या: एसएसपी ने आरोपी पर रखा 20 हजार का इनाम, कहा-जिंदा या मुर्दा चाहिए विजय धामा
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जिला पंचायत सदस्य उपचुनाव के भाजपा समर्थित प्रत्याशी रहे विजय धामा और उसके दो भाइयों पर बली गांव के प्रधान पुत्र अनित गुर्जर की हत्या के आरोप में मुकदमा दर्ज है। एसएसपी ने कहा कि हत्यारोपी को जिंदा या मुर्दा देने वालों को पुलिस 20 हजार रुपये का इनाम देगी। जिंदा देने वाले को सम्मानित भी किया जाएगा। जबकि मुर्दा देने वाले की जांच करनी होगी।
पुलिस की तीन टीमें गठित की गई हैं। जिसके साथ क्राइम ब्रांच टीम को लगाया गया। एसएसपी ने बताया है कि आरोपियों के मोबाइल की लोकेशन भी देखी जा रही है। इस मामले में जो आरोपी होगा, उसे गिरफ्तार किया जाएगा। पुलिस टीम पर हमला करने वालों की भी गिरफ्तारी की जाएगी। बली और रामनगर गांव में फोर्स तैनात है। माहौल सामान्य है। कोई भी तनाव की स्थिति नहीं है। एहतियात के तौर पर पुलिस फोर्स लगा है।
हत्या में गनर की भूमिका की जांच शुरू
प्रधान पुत्र अनित गुर्जर की हत्या में गांव नंगला खेपड़ निवासी प्रशांत के गनर पंकज की भूमिका संदिग्ध पाई गई है। घटना के दौरान पंकज आरोपी विजय के साथ मौजूद था। इसकी जांच शुरू करा दी गई है। पंकज ने रविवार सुबह थाना मीरापुर में आमद करा दी है।
अनित हत्याकांड में मुजफ्फरनगर के मीरापुर थाना क्षेत्र के गांव नंगला खेपड़ निवासी भाजपा नेता प्रशांत को मिले गनर की भूमिका संदिग्ध पाई जा रही है। उपचुनाव में प्रशांत भी अपने गनर पंकज के साथ भाजपा प्रत्याशी के समर्थन में किला परीक्षितगढ़ पहुंचा था।
भाजपा प्रत्याशी विजय धामा ने गनर पंकज को अपने साथ ले लिया था। बली के ग्रामीणों और अनित गुर्जर के परिजनों का कहना है कि गनर विजय धामा के साथ ही घूम रहा था। मेरठ पुलिस ने हत्याकांड में गनर की भूमिका को लेकर जांच बैठा दी गई है।
एसएसपी मुजफ्फरनगर अभिषेक यादव का कहना है कि प्रधान पुत्र की हत्या में गनर पंकज की भूमिका की जांच मेरठ पुलिस द्वारा की जा रही है। फिलहाल मेरठ पुलिस द्वारा न तो कोई जानकारी मांगी गई है और न ही गनर के संबंध में किसी तरह की संस्तुति ही की गई है।
पिता-पुत्र की हत्या के बाद मिला था गनर
गांव नंगला खेपड़ निवासी ओमवीर सिंह की वर्ष 2014 में गांव की पार्टीबाजी के चलते हत्या कर दी गई थी। ओमवीर हत्याकांड की पैरवी उसके वृद्ध पिता भाजपा नेता शोभाराम आर्य द्वारा की जा रही थी, जिस पर उनकी भी वर्ष 2017 में हत्या कर दी गई थी।
शोभाराम की हत्या के बाद उनके पौत्र प्रशांत पुत्र ओमवीर को गनर उपलब्ध कराया गया था। फिलहाल गनर के रूप में पंकज भाजपा नेता प्रशांत के साथ है, जो प्रशांत के साथ ही किला परीक्षितगढ़ गया था, लेकिन वहां से वह भाजपा प्रत्याशी विजय धामा के साथ हो लिया था।