सांसों का संकट : मेरठ में वेंटिलेटर पर अस्पताल, ऑक्सीजन की मारामारी, सीएम योगी के दावों की पोल खोल रहीं ये तस्वीरें
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मेरठ में कोरोना पीड़ित मरीजों के इलाज को लेकर मुख्यमंत्री के बयान और स्थानीय जनप्रतिनिधियों व नेताओं के पत्र विरोधाभासी हो गए हैं। ऐसे में साफ है कि प्रशासन कहीं न कहीं शासन और सरकार को गुमराह करने में लगा है। या फिर जनप्रतिनिधि अपने यहां के हालात से वाकिफ नहीं है।
शनिवार देर रात आनंद अस्पताल में ऐसे ही हालात पैदा हो गए। रविवार को दिन में संतोष अस्पताल में एक बार फिर यहीं संकट पैदा हो गया तो रात में केएमसी अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी से हड़कंप मच गया। लोकप्रिय और न्यूटिमा में भी ऑक्सीजन की कमी के बाद मरीजों को शिफ्ट किया गया। गणपति अस्पताल में भी ऑक्सीजन की कमी की सूचना मिलते ही अधिकारी मौके पर पहुंच गए।
रविवार को दिल्ली के भजनपुरा से एंबुलेंस में मेडिकल कॉलेज पहुंचे उत्तम सिंह को भर्ती नहीं किया गया। बोले, जीटीबी में भर्ती करने से मना कर दिया। गाजियाबाद होते हुए मेरठ कई निजी अस्पतालों में गया। कहीं भी भर्ती नहीं किया।
एक घंटे से मेडिकल कॉलेज में हूं। इमरजेंसी में भर्ती होने के लिए कोशिश कर रहा हूं लेकिन, बेड फुल बताकर उन्हें भर्ती नहीं किया गया। आखिरकार वह वहां से चले गए। कहां गए, नहीं पता। उनके मोबाइल पर संपर्क करने की कोशिश की गई तो वह स्विच ऑफ आया।
देर रात ही लोकप्रिय और न्यूटिमा अस्पताल में भी ऑक्सीजन की कमी हो गई। लोकप्रिय अस्पताल से उन चार मरीजों को सुभारती अस्पताल शिफ्ट किया जा रहा है, जिन्हें ज्यादा ऑक्सीजन की जरूरत है। इसी दौरान न्यूटिमा में ऑक्सीजन की कमी होने पर वहां ऑक्सीजन भिजवाई गई। सीएमओ डॉ. अखिलेश मोहन ने बताया कि वहां अभी ज्यादा परेशानी नहीं है।