पूर्व मंत्री याकूब कुरैशी फैक्टरी पर सील लगाने के विरोध में हाईकोर्ट पहुंच गए हैं। वहीं मामले को गंभीरता से देखने के लिए खुद एमडीए सचिव चंद्रपाल तिवारी प्रयागराज पहुंचे हैं, जिससे एमडीए मजबूती से अपना पक्ष रख सके। इसके अलावा शासन द्वारा याकूब की फैक्टरी के भू-उपयोग आवेदन निरस्त करने के मामले को भी याचिका में जोड़ा गया है। याकूब ने 10 हेक्टेयर की सार्वजनिक सुविधाओं वाली जमीन का भू-उपयोग बदलने के लिए आवेदन किया था।
हाईकोर्ट पहंचे याकूब: गिरफ्तारी के लिए लगी पांच टीमें, ताबड़तोड़ दबिश, फैक्टरी और अस्पताल पर चल सकता है योगी का बुलडोजर
याकूब की गिरफ्तारी के लिए लगाईं 5 टीमें, कई जगह दबिश
पूर्व मंत्री याकूब कुरैशी के गिरफ्तारी वारंट के बाद पुलिस पांच टीमों का गठन किया है। इन टीमों ने सोमवार को याकूब परिवार की तलाश में कई जगह दबिश दी। एसपी देहात केशव कुमार ने बताया कि याकूब परिवार की तलाश में पुलिस की दबिश जारी है।
याकूब कुरैशी की अवैध मीट फैक्टरी में रखे हुए करीब 5 करोड़ रुपये कीमत के मीट का निस्तारण कराने के लिए कोर्ट में प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस ने याकूब के घर दो बार नोटिस भेज दिया गया है पर इसका कोई जवाब नहीं मिला है। अब एमडीएम और प्रशासन फैक्टरी और अस्पताल पर बुलडोजर चलवाकर धवस्त करने की तैयारी में हैं।
दिल्ली और राजस्थान में दबिश
याकूब अपने रिश्तेदारों के यहां दिल्ली या राजस्थान में हो सकते हैं। पुलिस ने दिल्ली राजस्थान समेत कई संभावित ठिकानों पर दबिश देनी शुरू की। याकूब के करीबी व रिश्तेदारों को भी पुलिस ने चेतावनी दी है कि अगर उन्होंने संरक्षण दिया तो कड़ी कार्रवाई होगी।
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एक साथ है पूरा परिवार
पुलिस का कहना है कि मुकदमा दर्ज होने के दौरान याकूब व उनके परिवार के मोबाइल नबंरों की सीडीआर निकाली थी। इसमें याकूब, उनकी पत्नी संजीदा बेगम, बेटे इमरान और फिरोज के मोबाइल की लोकेशन एक साथ ही मिली थी। इससेे अंदेशा है कि याकूब परिवार एक साथ ही एक ही जगह पर छुपा हो सकता है। चारों के मोबाइल नंबर बंद हैं।
कसता जा रहा शिकंजा
याकूब का गिरफ्तारी वारंट लेने के बाद अब कुर्की की तैयारी पुलिस कर रही है। पुलिस की दबिश भी लगातार जारी है। याकूब की घेराबंदी के लिए पांच टीम पुलिस की गठित कर दी है। याकूब ने कोई भी जवाब पुलिस को नहीं दिया है। - प्रभाकर चौधरी, एसएसपी
