गणतंत्र दिवस की परेड में काशी विश्वनाथ धाम की झांकी दिखाई देगी। काशी की संस्कृति के साथ ही बाबा के धाम का आकर्षण हर किसी को अपनी तरफ लुभाएगा। यह दूसरा अवसर पर है जब बनारस से जुड़ी झांकी राजपथ पर नजर आएगी। इसके पूर्व महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ की झांकी को गणतंत्र दिवस की परेड में शामिल किया जा चुका है।
26 जनवरी: राजपथ पर दिखेगी काशी विश्वनाथ धाम की झांकी, 13 दिंसबर को पीएम ने किया था लोकार्पण, जानें यहां सब कुछ
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13 दिसबर को पीएम मोदी ने किया था लोकार्पण
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 13 दिसबर को 700 करोड़ की लागत से 33 महीने में तैयार हुआ श्री काशी विश्वनाथ धाम विश्व को समर्पित किया। धाम में बालेश्वर, मकराना, कोटा, ग्रेनाइट, चुनार, मैडोना स्टोन, मार्बल सात तरह के पत्थर इस्तेमाल हुए हैं।
8 मार्च 2019 को धाम का शिलान्यास
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8 मार्च 2019 को काशी विश्वनाथ धाम का शिलान्यास किया था। धाम के लिए जमीन खरीदने में लगभग 400 करोड़ रुपये खर्च हुए, निर्माण कार्य में अब तक लगभग 339 करोड़ रुपये खर्च हुए। बाबा विश्वनाथ का धाम 50,200 वर्ग मीटर जमीन में बन रहा है। अभी दूसरे चरण का काम जारी है।
गंगा छोर पर गेटवे ऑफ कॉरिडोर
काशी विश्वनाथ धाम के गंगा छोर पर गेटवे ऑफ कॉरिडोर बना है। सड़क से गंगा तट मणिकर्णिका घाट जलासेन और ललिता घाट तक 50,200 वर्ग मीटर में विस्तारित कॉरिडोर बना है। काशी में बाबा विश्वनाथ के दर्शन से पहले गंगा स्नान या आचमन की मान्यता है। इस बात को ध्यान में रखते हुए जलासेन घाट पर बनाए जा रहे गेट को खास रूप दिया गया है। इसकी ऊंचाई 32 फीट व चौड़ाई 90 फीट है। मंदिर परिसर में प्रवेश के लिए चार द्वार बनाए गए हैं।
पहला चरण
काशी विश्वनाथ धाम परियोजना को दो चरणों में पूरा किया जा रहा है। 13 दिसंबर को पीएम मोदी के हाथों पहले चरण की परियोजना लोकार्पित हो गई। इसमें मंदिर परिसर के साथ ही मुमुक्षु भवन, यात्री सुविधा केंद्र, वैदिक केंद्र, गंगा व्यू गैलरी, भोगशाला, फूड कोर्ट सेंटर, सुरक्षा केंद्र और मंदिर चौक सहित 19 भवन यात्री सुविधाओं के लिए तैयार किए गए हैं।
दूसरे चरण में ये काम होंगे पूरे
मंदिर चौक से विश्वनाथ धाम परिसर के साथ ही गंगा दर्शन किए जा सकेंगे। दूसरे चरण में जलासेन घाट और ललिता घाट से रैंप का निर्माण, एस्केलेटर, सांस्कृतिक केंद्र आदि का निर्माण किया जा रहा है।