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धार्मिक पर्यटन को नई पहचान: देश में इकलौता शहर बनारस, जहां के इन 9 मंदिरों में हर दिन आते हैं 8 लाख श्रद्धालु
Wed, 27 Sep 2023 09:35 PM IST
उत्पल कांत
आलोक कुमार त्रिपाठी, अमर उजाला, वाराणसी
आलोक कुमार त्रिपाठी, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: उत्पल कांत
Updated Wed, 27 Sep 2023 09:35 PM IST
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काशी विश्वनाथ धाम
- फोटो : अमर उजाला
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बनारस देश की सांस्कृतिक राजधानी कहलाती है। ये शहर इतिहास से भी पुरातन है, परंपराओं से पुराना है। किवदंतियों से भी प्राचीन। मंदिर और घाटों का ये शहर देश में धार्मिक पर्यटन का नया अध्याय लिख रहा है। देश का इकलौता शहर है, जहां के नौ बड़े मंदिरों में हर दिन सात से आठ लाख लोग दर्शन-पूजन करते हैं। यह आंकड़ा कई देशों की पूरी आबादी से भी ज्यादा है। देश के कुल पर्यटन में 60 फीसदी धार्मिक पर्यटन शामिल है। इसमें सर्वाधिक हिस्सेदारी काशी की है।
काशी विश्वनाथ मंदिर में सामान्य दिनों में हर दिन डेढ़ लाख श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। सोमवार को यह आंकड़ा दो लाख पार कर जाता है। सावन में हर दिन चार लाख श्रद्धालु दर्शन-पूजन करने आ रहे थे। सावन सोमवार के दिन श्रद्धालुओं की संख्या छह से सात लाख पहुंच जाती थी। इसी तरह कैथी मार्कंडेय महादेव मंदिर में पूर्वांचल के अलग-अलग जिलों से हर दिन एक लाख से ज्यादा लोग दर्शन के लिए आते हैं। सावन में हर सोमवार को दर्शनार्थियों का आंकड़ा 4.5 लाख से पांच लाख रहता है।
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देश में इकलौता श्री यंत्र के आकार का है मां अन्नपूर्णा का मंदिर
- फोटो : अमर उजाला
श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के बाद सबसे ज्यादा श्रद्धालु मां अन्नपूर्णा के मंदिर जाते हैं। श्रद्धालुओं का आंकड़ा बाबा विश्वनाथ के बराबर है। कहा जाता है कि उनके दर्शन के बिना विश्वनाथ के दर्शन पूरे नहीं होते। यहां पर दर्शन करने वालों में सबसे अधिक संख्या दक्षिण भारत के श्रद्धालुओं की रहती है।
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काल भैरव मंदिर से बाहर निकलतीं राष्ट्रपति
- फोटो : अमर उजाला
काशी के कोतवाल काल भैरव मंदिर में भी हर दिन 80 हजार लोग दर्शन के लिए आते हैं। इतने ही लोग संकट मोचन और दुर्गाकुंड भी जाते हैं। और विशेष दिन पर तो आंकड़ा डेढ़ लाख पार जाता है। जबकि शक्तिपीठ विशालाक्षी मंदिर, बीएचयू के विश्वनाथ मंदिर और गौरी केदारेश्वर मंदिर में हर दिन 50-60 हजार लोग दर्शन को पहुंचते हैं।
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दुर्गाकुंड स्थित मां कूष्मांडा मंदिर में भव्य सजावट
- फोटो : अमर उजाला
काशी में पर्यटन उद्योग 60 फीसदी की बढ़ाेतरी हुई है। घरेलू के साथ ही विदेशी पर्यटकों का आवागमन बढ़ा है। विदेशी पर्यटक अब समूह में बुकिंग करा रहे हैं। पर्यटन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक 2019-20 में 67.82 पर्यटक आए थे। यह आंकड़ा अब करोड़ों में पहुंच चुका है। इसमें सर्वाधिक योगदान धार्मिक पर्यटन का है।
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वाराणसी के कैथी स्थित मार्कंडेय महादेव धाम
- फोटो : अमर उजाला
पर्यटन कारोबार से जुड़े दीपक मिश्रा ने बताया कि देसी पर्यटकों के मामले में दक्षिण भारत नंबर एक पर है। तमिल संगमम के सफल आयोजन के बाद दक्षिण भारतीय पर्यटक और बढ़े हैं।
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