बीएचयू में शनिवार को वसंत पंचमी के मौके पर 107वां स्थापना दिवस पर परंपरागत तरीके से मनाया गया। ट्रामा सेंटर परिसर स्थित स्थापना स्थल पर कुलपति प्रो. सुधीर कुमार जैन ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पुष्पांजलि अर्पित कर हवन, पूजन किया। उन्होंने कहा कि महामना ने जिस सोच, मूल्यों के आधार पर विश्वविद्यालय की स्थापना की, उसका अनुसरण करते हुए ही आगे बढ़ने की जरूरत है।
बीएचयू का 107वां स्थापना दिवस: वसंत पंचमी पर कुलपति ने किया हवन पूजन, बोले- महामना के मूल्यों का अनुसरण कर आगे बढ़ना होगा
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आरएसएस स्वयंसेवकों ने किया परिसर में पथ संचलन
विश्वविद्यालय के स्थापना दिवस पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ काशी विभाग के तहत आयोजित कार्यक्रम में स्वयंसेवकों ने पथ संचलन किया। कृषि विज्ञान संकाय के खेल मैदान से सिंह द्वार तक निकले पथ संचलन में संघ का भगवा ध्वज लगाया या। पूरे गणवेश में दंड लेकर स्वयंसेवक घोष वादन की धुन पर चलते रहे। वंदेमारतम के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
बतौर मुख्य अतिथि पूर्व अपर महासॉलिसीटर अशोक मेहता ने कहा कि भारतीय आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक व्यवस्था को आज स्वीकार्य कर लिया गया और भारत एक विश्व गुरु के साथ-साथ विश्वदृष्टा बनने जा रहा है। मालवीय जी की हार्दिक इच्छा थी कि हर विश्वविद्यालय में विज्ञान एवं तकनीकी विषय का अध्यापन हिन्दी भाषा में हो लेकिन दुर्भाग्य से पिछले 70 वर्षों में ऐसा नहीं हुआ।
महामना ने विश्वविद्यालय में आरएसएस के लिए विशेष भवन बनवाया था, जो आपातकाल की भेंट चढ़ गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता छात्र अधिष्ठाता केके सिंह ने किया। इस दौरान विभाग संघचालक जयप्रकाश लाल, भाग संघचालक सुनील, नगर संघचालक आरएन चौरसिया, विभाग प्रचारक कृष्णचंद्र आदि मौजूद रहे।
बीएचयू में एक महीने तक चलने वाली कला प्रदर्शनी का उदघाटन
बीएचयू के अहिवासी एवं महामना कला दीर्घा में एक महीने तक चलने वाली कला प्रदर्शनी दृश्य काशी का शनिवार को कुलपति ने उदघाटन किया। इस दौरान कुलपति ने प्रदर्शनी में लगे चित्रों का अवलोकन करने के बाद उनके प्रतिभा की सराहना की। उन्होंने छात्रों को कला परामर्श के रुप में काम करने, लोगों को जागरूक करते रहने के साथ ही विभिन्न संकायों के साथ संबंधों को प्रगाढ़ बनाए जाने का आह्वान किया।
अतिथियों का स्वागत करते हुए संकाय प्रमुख ने बताया कि पांच मार्च तक सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक प्रदर्शनी जन सामान्य के लिए खुली रहेगी। प्रदर्शनी के क्यूरेटर कला इतिहास विभाग के प्रोफेसर प्रदोष मिश्रा ने प्रदर्शनी में लगी कलाकृतियों के बारे में विस्तार से बताया। कार्यक्रम का संचालन डॉक्टर मनीष अरोड़ा ने किया।