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शिकंजे में आया पूर्वांचल का 'यादव सिंह', इसके कारनामे जानकर रह जाएंगे दंग

amarujala.com, presented by अजीत कुमार सिंह Updated Sun, 11 Jun 2017 08:00 PM IST
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chandauli ARTO rs yadav arrested from jaunpur
arto - फोटो : अमर उजाला
योगी सरकार ने भ्रष्ट अधिकारियों पर गाज गिराने की शुरूआत पूर्वांचल से कर दी है। अवैध वसूली के आरोप में निलंबित किए गए चंदौली के एआरटीओ आरएस यादव को पुलिस ने शिकंजे में ले लिया  है। पिछले 19 वर्षों से सरकार चाहे जिसकी भी रही हो, सड़क पर सिक्का आरएस यादव का ही चलता था। लेकिन योगी सरकार में कोई जोर नहीं चला। प्रारंभिक जांच में ईडी की टीम को वाराणसी में तारांकित होटल, पांच प्लॉट और गोरखपुर में शॉपिंग- हाउसिंग कांप्लेक्स समेत करोड़ों के साम्राज्य की जानकारी मिली है। आगे की स्लाइड्स में जानें...
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chandauli ARTO rs yadav arrested from jaunpur
arto - फोटो : अमर उजाला
अवैध वसूली के आरोप में निलंबित किए गए चंदौली के एआरटीओ आरएस यादव को शनिवार शाम शाम जौनपुर के मछलीशहर में गिरफ्तार किया गया। तीन दिन पहले चंदौली में आरएस यादव के  चालक को पुलिस ने ओवरलोड ट्रकों से वसूली करते वक्त गिरफ्तार किया था। यादव पर भ्रष्टाचार के कई आरोप हैं। नौबतपुर चेकपोस्ट से अब तक वही ओवरलोड ट्रक पास होते रहे जिसे आरएस यादव चाहता था।
जांच में पता चला है कि खास तौर पर पांच बड़ी ट्रांसपोर्ट कंपनियों के ढाई हजार ओवरलोड ट्रकों को वे हर महीने नौबतपुर चेकपोस्ट से पास कराता रहा।  एक ट्रक से सात हजार रुपये की वसूली की जाती थी। केवल इन्हीं ट्रकों से हर माह पौने दो करोड़ रुपये की अवैध वसूली का खुलासा हुआ है।
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chandauli ARTO rs yadav arrested from jaunpur
arto - फोटो : अमर उजाला

इनके अलावा भी सैकड़ों ओवरलोड ट्रकों से वसूली कर उन्हें पास कराया जाता रहा है। आरएस यादव की गाड़ी में मिली डायरी में पिछले महीने ढाई हजार ट्रकों से वसूली का विवरण चौंकाने वाला है। गिरफ्तार एआरटीओ की गाड़ी से उसके चालक और एक दलाल को पुलिस ने बीते गुरुवार को ट्रकों से अवैध वसूली करते पकड़ा था। करोड़ों का साम्राज्य खड़ा करने वाले आरएस यादव 23 साल पहले जल निगम में जेई हुआ करता था। चंदौली प्रशासन की जांच में फिलहाल इन तथ्यों का खुलासा हुआ है कि 1994 में पांच साल के लिए उसे प्रतिनियुक्ति पर संभागीय परिवहन कार्यालय वाराणसी में बतौर आरआई भेजा गया था। बाद में शासन में पैरवी कर इसने खुद को परिवहन विभाग में ही समायोजित करा लिया। 
chandauli ARTO rs yadav arrested from jaunpur
arto - फोटो : arto
इसी विभाग में प्रमोशन पाकर एआरटीओ बन गया। 1994 से 2017 तक की नौकरी में 19 साल तक उसका कार्यक्षेत्र वाराणसी और चंदौली ही रहा। बाकी के चार साल भी गाजीपुर और भदोही में गुजारा।  ज्यादातर नौकरी आरएस यादव ने प्रवर्तन अधिकारी के रूप में ही की। सपा सरकार में एक कद्दावर मंत्री और बसपा सरकार में भी बड़े कद वाले एक मंत्री की पैरवी से उसे वाराणसी मंडल में अभयदान मिलता रहा। पिछले बीस सालों में यादव ने वाराणसी समेत पूर्वांचल में करोड़ों की संपत्ति बना ली है। पूर्वांचल में ‘मोटी कमाई’ का सबसे बड़ा केंद्र चंदौली माना जाता है। यहां पोस्टिंग के लिए सत्ता तक सीधी पकड़ उनका सहारा बनी।
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arto - फोटो : अमर उजाला
सत्ता में मजबूत पकड़ के चलते आरएस यादव कई बार अपने कारनामों को छिपाने में कामयाब रहा है। 18 मार्च 2015 को चंदौली के तत्कालीन डीएम और एसडीएम ने एआरटीओ दफ्तर में छापेमारी की थी। दो कर्मचारियों समेत तीन लोगों को जेल भेजा गया था। तीनों के पास करीब 50 हजार रुपये मिले थे जिनका कोई हिसाब नहीं था। कर्मचारियों ने अपने बयान में तत्कालीन एआरटीओ आरएस यादव का नाम नहीं लिया जिससे वह बच गया। सूत्र बताते हैं कि नाम न लेने के लिए कर्मचारियों को ‘मैनेज’ किया गया था। इस बार आरएस यादव का चालक उसकी गाड़ी से वसूली करते पकड़ा गया है। इस बार भी ‘मैनेज’ करने की पूरी कोशिश हुई पर सत्ता की सख्ती के आगे किसी की एक न चली।
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