गंगा के जलस्तर में बढ़ाव लगातार बना हुआ है। जलस्तर के बढ़ाव से अस्सी घाट समेत कई घाट पूरी तरह डूब चुके हैं। जलस्तर बढ़ने से शवदाह और गंगा आरती गली व छतों पर हो रही है। गंगा के पलट प्रवाह से वरुणा पार के निचले इलाकों में भी पलायन शुरू हो गया है। गंगा चेतावनी बिंदु पार कर चुकी हैं। बनारस में मौजूदा समय मे केंद्रीय जल आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक एक बजे तक गंगा 70.28 मीटर पर बह रही थीं।
{"_id":"66e69721be1d60b7dc038cfc","slug":"flood-in-varanasi-ghats-submerged-due-to-rising-water-level-of-ganga-2024-09-15","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"Varanasi Flood: तस्वीरों में देखें- काशी में गंगा का रौद्र रूप, कई घाट डूबे; गलियों में भरने लगा पानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Varanasi Flood: तस्वीरों में देखें- काशी में गंगा का रौद्र रूप, कई घाट डूबे; गलियों में भरने लगा पानी
Sun, 15 Sep 2024 02:16 PM IST
प्रगति चंद
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
Published by: प्रगति चंद
Updated Sun, 15 Sep 2024 02:16 PM IST
विज्ञापन
Flood In Varanasi
- फोटो : रोहित सोनकर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
Flood In Varanasi
- फोटो : रोहित सोनकर
बढ़ते जलस्तर के कारण गंगा में नौका का संचालन भी बंद कर दिया है। इस साल गंगा के जलस्तर में यह बढ़ाव छठवीं बार हो रहा है। ऐसे में जिला प्रशासन ने बाढ़ चौकियों और एनडीआरएफ को अलर्ट मोड पर रखा है।
Flood In Varanasi
- फोटो : रोहित सोनकर
पांच से छह घंटे का करना पड़ रहा इंतजार
बाढ़ के कारण शवदाह करने वालों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। हरिश्चंद्र घाट पर जहां गलियों में शवदाह हो रहा है। वहीं मणिकर्णिका घाट की छत पर शवदाह हो रहा है। मणिकर्णिका घाट पर शवदाह के लिए पांच से छह घंटे का इंतजार करना पड़ रहा है। हरिश्चंद्र घाट का शवदाह स्थल डूबने के कारण गलियों में शवदाह के लिए लाइन लग रही है। नमो घाट पर बना नमस्ते का चिह्न भी पानी में आधे से अधिक डूब चुका है। गंगा का जलस्तर रमना में दाह संस्कार स्थल के करीब पहुंच गया है।
बाढ़ के कारण शवदाह करने वालों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। हरिश्चंद्र घाट पर जहां गलियों में शवदाह हो रहा है। वहीं मणिकर्णिका घाट की छत पर शवदाह हो रहा है। मणिकर्णिका घाट पर शवदाह के लिए पांच से छह घंटे का इंतजार करना पड़ रहा है। हरिश्चंद्र घाट का शवदाह स्थल डूबने के कारण गलियों में शवदाह के लिए लाइन लग रही है। नमो घाट पर बना नमस्ते का चिह्न भी पानी में आधे से अधिक डूब चुका है। गंगा का जलस्तर रमना में दाह संस्कार स्थल के करीब पहुंच गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Flood In Varanasi
- फोटो : रोहित सोनकर
जल्द ही बस्तियों में प्रवेश कर जाएगा पानी
गंगा के जलस्तर में इसी रफ्तार से बढ़ाव जारी रहा तो कुछ ही घंटों में बाढ़ का पानी नालों के रास्ते लंका के तरफ की बस्तियों में घुसने लगेगा। अस्सी नाले से पानी बढ़ने पर कैवल्य धाम, साकेत नगर, रोहित नगर, बटुआ पुरा के नाले के किनारे वाले इलाके प्रभावित होंगे। मारुति नगर, पटेल नगर, रत्नाकर विहार और काशी पुरम की आबादी भी बाढ़ का पानी घुस सकता है।
गंगा के जलस्तर में इसी रफ्तार से बढ़ाव जारी रहा तो कुछ ही घंटों में बाढ़ का पानी नालों के रास्ते लंका के तरफ की बस्तियों में घुसने लगेगा। अस्सी नाले से पानी बढ़ने पर कैवल्य धाम, साकेत नगर, रोहित नगर, बटुआ पुरा के नाले के किनारे वाले इलाके प्रभावित होंगे। मारुति नगर, पटेल नगर, रत्नाकर विहार और काशी पुरम की आबादी भी बाढ़ का पानी घुस सकता है।
विज्ञापन
Flood In Varanasi
- फोटो : रोहित सोनकर
चिरईगांव ब्लॉक के ढाब क्षेत्र के सोते में भी अब उफान आने लगा है। रामचंदीपुर रेतापार, रामपुर, मोकलपुर चांदपुर, मुस्तफाबाद में शाम को सोते का पानी मोकलपुर गांव के विमला इंटर कालेज के सामने से मैदानी क्षेत्रों में प्रवेश कर गया है। मोकलपुर का नखवा गांव अब पानी से घिरने लगा है। उधर गंगा का पानी भी नाले के रास्ते रामचंदीपुर व गोबरहां के निचले हिस्से में प्रवेश कर रहा है। प्रशासन स्तर पर बाढ़ चौकियों पर कर्मचारियों को अलर्ट कर दिया गया है।