{"_id":"5bb1ef4d867a5537ba4068a8","slug":"milk-price-is-less-than-water-rate-at-uttar-pradesh-this-place","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"उत्तर प्रदेश में इस जगह पर दूध का दाम पानी से भी कम, कारण हैरान करने वाला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उत्तर प्रदेश में इस जगह पर दूध का दाम पानी से भी कम, कारण हैरान करने वाला
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Tue, 02 Oct 2018 10:57 AM IST
विज्ञापन
milk
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले के राजगढ़ ब्लाक के आधा दर्जन गांवों में पानी से भी सस्ता दूध बिक रहा है। यहां दूध 16 रुपये और एक लीटर पानी की बोतल 20 रुपये है। यह क्षेत्र नक्सल प्रभावित है और जिला मुख्यालय से 70 किमी दूर और रास्ता दुरूह होना है। यहां न तो दूध का कोई बाहरी खरीददार पहुंचता है और न बाहर दूध जा पाता है। जो कुछ दूध खरीदते हैं वह स्थानीय दुकानदार ही हैं। पशु पालकों की हालत ऐसी हो गई है कर्ज लेकर गाय-भैंस तो खरीद ली लेकिन अब वे उसकी लोन की किस्त भी जमा नहीं कर पा रहे। डेयरी संचालक मुश्किल में हैं और मदद की बाट जोह रहे हैं। आगे की स्लाइड्स में देखें...
डेमो
- फोटो : डेंमो
केंद्र एवं राज्य सरकार ने नाबार्ड के तहत मिनी डेयरी के लिए राजगढ़ के आधा दर्जन गांवों के 13 लोगों को ढाई करोड़ का लोन दिया है। अप्रैल 2015 से चल रही इस योजना में जिला पशु चिकित्सा अधिकारी ने इलाहाबाद बैंक के माध्यम से लोन दिलाया है। अब आधा दर्जन गांवों से रोजाना करीब 12 कुंतल दूध का उत्पादन हो रहा है। लेकिन दुग्ध उत्पादक औने-पौने दाम में दूध बेचने के लिए विवश हैं। यहां 16 रुपये प्रति लीटर दूध की बिक्री हो रही है।
Milk sample
दूग्ध उत्पादकों ने कहा कि अगर सरकार डेयरी के माध्यम से 30 से 32 रुपये प्रति लीटर दूध बेचवाए तो हम लोगों की स्थिति सुधर सकती है और बैंक का कर्ज भी दिया जा सकता है। अगर शासन ने कोई कदम नहीं उठाया तो इस क्षेत्र से दूध उत्पादन बंद हो जाएगा। डेयरी उत्पादकों ने कहा कि सरकार क्षेत्र से दूध खरीद कर शहरों व महानगरों में भेजे।
विज्ञापन
विज्ञापन
synthetic milk, mewat
- फोटो : अमर उजाला
मिर्जापुर डीएम अनुराग पटेल ने कहा कि जिले के नक्सल प्रभावित इलाकों में जो समस्याएं हैं, उनका दूर कराने का प्रयास किया जा रहा है। किसानों का दूध बाजारों में उचित दामों पर बिके इसके लिए पूरा प्रयास किया जाएगा। संबंधित अधिकारियों को इसके लिए दिशा निर्देश दिए जाएंगे।
विज्ञापन
d
- फोटो : getty images
भीटी के पशुपालक भोला सिंह ने नाबार्ड योजना से डेयरी उद्योग के लिए 25 लाख रुपये कर्ज लिया है। उनका कहना है कि सरकार ने आर्थिक सहयोग करके दूध उत्पादन शुरू करा दिया है, लेकिन इस क्षेत्र में दूध की बिक्री बहुत कम कीमत में हो रही है। इससे घाटा लग रहा है। क्षेत्र में 20 रुपये लीटर बोतल का पानी बिक रहा है, जबकि दूध 16 रुपये लीटर ही बिक रहा है।