शब ए बरात पर मंगलवार को इबादतगुजारों ने पूरी रात इबादत में गुजारी। कब्रिस्तानों और इबादतगाहों में गुलपोशी और चिराग रोशन कर अकीदत पेश किया। रातभर इबादत व फातिहा पढ़ने का सिलसिला चलता रहा। इस्लामी माह शाबान की 15वीं रात शब ए बरात के नाम से जानी जाती है, जिसका अर्थ है गुनाहों से छुटकारे की रात।
शब ए बरात: इबादत में गुजारी रात, गुनाहों की मांगी माफी; कब्रिस्तानों पर चिराग रोशन कर पेश किया अकीदत
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
Published by: प्रगति चंद
Updated Wed, 04 Feb 2026 02:27 PM IST
सार
इस्लामी माह शाबान की 15वीं रात शब ए बरात के नाम से जानी जाती है, जिसका अर्थ है गुनाहों से छुटकारे की रात। ऐसे में शब ए बरात पर कब्रिस्तानों और इबादतगाहों में गुलपोशी और चिराग रोशन कर अकीदत पेश किया गया।
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