काशी में सोमवार की शाम संस्कृत साहित्य की कालजयी विरासत के नाम रही। 25वें भारत रंग महोत्सव (बीआएम) में राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय के छात्रों ने महाकवि भवभूति रचित नाटक मालतीमाधवम् का मंचन किया। नागरी नाटक मंडली में आयोजित अंतरराष्ट्रीय नाट्य महोत्सव के मंच पर मालतीमाधवम् की प्रस्तुति विशेष रही।
तस्वीरें: 228 बोलियों के महाकुंभ में गूंजी संस्कृत की मिठास, कलाकारों की प्रस्तुति ने मोह लिया दर्शकों का मन
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
Published by: प्रगति चंद
Updated Tue, 03 Feb 2026 04:01 PM IST
सार
भारत रंग महोत्सव (बीआएम) में राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय के छात्रों ने महाकवि भवभूति रचित नाटक मालतीमाधवम् का मंचन किया। मालतीमाधवम् के मंचन में प्रेम, तंत्र और सत्ता के संघर्ष की गाथा दिखी।
विज्ञापन
