{"_id":"5baa228a867a557f220f9d78","slug":"varanasi-pisach-mochan-kund-is-very-unique-in-india","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"पितृ पक्ष: भटकती आत्माओं की मुक्ति का द्वार खोलता है काशी का यह कुंड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पितृ पक्ष: भटकती आत्माओं की मुक्ति का द्वार खोलता है काशी का यह कुंड
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Tue, 02 Oct 2018 02:53 PM IST
विज्ञापन
varanasi
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
varanasi
- फोटो : अमर उजाला
मंगलवार से पितृ पक्ष शुरू हो चुका है। मान्यता के अनुसार तो काशी में जिसकी भी मौत होती हो उसे मोक्ष मिल जाता है, लेकिन इस कुंड पर अकाल मौत या अन्य अन्य किसी वजह से भटकती आत्माओं को मोक्ष मिलता है। यही वजह है कि यहां देश भर से लोग आते हैं और तर्पण करते हैं।
pitru
भारत में सिर्फ पिशाच मोचन कुंड पर ही त्रिपिंडी श्राद्ध होता है, जो पितरों को प्रेत बाधा और अकाल मृत्यु की बाधाओं से मुक्ति दिलाता है। इस कुंड का बखान गरुड़ पुराण में भी किया गया है। काशी खंड की मान्यता के अनुसार पिशाच मोचन मोक्ष तीर्थ स्थल की उत्पत्ति गंगा के धरती पर आने से भी पहले से है।
विज्ञापन
विज्ञापन
pitru
मान्यता के अनुसार यहां स्थित पीपल के वृक्ष पर भटकती आत्माओं को बैठाया जाता है। इस दौरान पेड़ पर सिक्का रखवाया जाता है ताकि पितरों का सभी उधार चुकता हो जाए और पितर सभी बाधाओं से मुक्त होकर मोक्ष प्राप्त कर सकें और यजमान भी पितृ ऋण से मुक्ति पा सके।
विज्ञापन
pitru
- फोटो : pitru
पितृपक्ष की प्रतिपदा यानी मंगलवार को बड़े पैमाने पर तर्पण किया जाएगा। इसके लिए पिशाच मोचन और गंगा के घाटों पर भोर से ही पिंडदान करने वालों की भीड़ जुट जाएगी। वहीं जो लोग गया श्राद्ध करने जाते हैं वह भी काशी में पिंडदान करते हैं। पिंडदान करने का सिलसिला तो सोमवार से ही शुरू हो गया है।