फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Baby Crying at Night? It May Not Be Hunger Says Paediatrician

Baby Health: शिशु बार-बार रोता है या चुप नहीं होता, हर बार भूख नहीं होती वजह, डॉक्टर ने बताईं ये आम गलतियां

Mon, 27 Jul 2026 10:08 AM IST
Dhirendra Singh अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा Published by: Dhirendra Singh Updated Mon, 27 Jul 2026 10:08 AM IST
सार

बाल रोग विशेषज्ञ के अनुसार, शिशु के हर बार रोने का कारण भूख नहीं होता, बल्कि गैस, पेट दर्द या असहजता भी हो सकती है। बार-बार दूध पिलाने से समस्या बढ़ सकती है, इसलिए सही अंतराल और डकार दिलाना जरूरी है।

विज्ञापन
Baby Crying at Night? It May Not Be Hunger Says Paediatrician
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. आरके. मिश्रा - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

छोटे बच्चों में रात के समय लगातार रोने और पेट की समस्याओं को लेकर अभिभावक अक्सर परेशान रहते हैं। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. आरके. मिश्रा के अनुसार, नवजात और शिशुओं में इस परेशानी का मुख्य कारण गैस्ट्रोकोलिक रिफ्लेक्स होता है। हालांकि यह कोई गंभीर बीमारी नहीं है, लेकिन अनजाने में माता-पिता की कुछ गलतियां इस समस्या को बढ़ा देती हैं।
विज्ञापन


डॉ. मिश्रा ने बताया कि शिशु का पेट छोटा होता है। जब भी बच्चा रोता है, तो मां या परिजन समझ लेते हैं कि उसे भूख लगी है और मिनट-मिनट पर दूध पिलाने लगते हैं। बार-बार दूध पिलाने से पेट में गैस, भारीपन और दर्द होता है, जिससे बच्चा रात में चिड़चिड़ा होकर रोने लगता है। रोने की वजह हर बार भूख नहीं, बल्कि पेट दर्द या असहजता भी हो सकती है।
विज्ञापन


डाॅक्टर ने बताया कि शून्य से 6 महीने तक बच्चे के शारीरिक विकास के लिए केवल मां का दूध ही सर्वोत्तम है। इस दौरान बच्चे को घुट्टी, शहद या ऊपरी आहार बिल्कुल न दें। साथ ही, एक बार दूध पिलाने के बाद कम से कम 2 घंटे का अंतर रखें। तुरंत दूध पिलाने से पाचन तंत्र पर दबाव पड़ता है। दूध पिलाने के बाद बच्चे को सीधे लेटाना भी नुकसानदेह होता है। इसलिए दूध पिलाने के बाद लगभग 30 मिनट तक बच्चे को कंधे से लगाकर रखें। उसकी पीठ सहलाए और डकार अवश्य दिलवाए।
विज्ञापन
विज्ञापन



निश्चित समय अंतराल: हर बार रोने पर दूध न पिलाएं। दो फीडिंग के बीच कम से कम 2 घंटे का अंतर जरूर रखें।
थपकी और डकार जरूरी: दूध पिलाने के बाद लगभग 30 मिनट तक बच्चे को कंधे से लगाकर रखें और डकार अवश्य दिलवाएं।
दूध पिलाने की सही पोजीशन: बच्चे का सिर थोड़ा ऊंचा उठाकर ही दूध पिलाएं, ताकि पेट में हवा न जाए। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed