{"_id":"5ce8f0c0bdec22077e09c1a9","slug":"bjp-mp-hema-malini-many-promises-to-the-people-of-mathura","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"अब हेमा मालिनी के 'ड्रीम प्रोजेक्ट' पर मथुरा वालों की नजर, जनता से किए थे कई वादे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब हेमा मालिनी के 'ड्रीम प्रोजेक्ट' पर मथुरा वालों की नजर, जनता से किए थे कई वादे
पुनीत शर्मा, अमर उजाला, मथुरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sat, 25 May 2019 07:26 PM IST
विज्ञापन
भाजपा सांसद हेमा मालिनी
- फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
कान्हा की नगरी से दूसरी दफा सांसद बनीं 'ड्रीम गर्ल' हेमामालिनी के ड्रीम प्रोजेक्ट पर मथुरा की नजर रहेगी। यह सभी वो प्रोजेक्ट हैं जिनकी घोषणा 2014 में की थी। सांसद ने स्वीकार भी किया था कि वो इन प्रोजेक्ट को पूरा नहीं कर सकीं।
हेमा ने कहा था कि अगर जनता दोबारा से मौका देगी तो सबसे पहले इन प्रोजेक्ट पर काम शुरू होगा। मंकी सफारी बनना था, कान्हा थीम पार्क तैयार होना था। मीठे पानी के लिए गांवों में टंकियां बननी थीं। यमुना के घाटों का सुंदरीकरण किया जाना था। अब देखना यह है कि इन प्रोजेक्ट पर कब तक काम शुरू होता है।
मंकी सफारी
मथुरा में बंदरों की समस्या सबसे बड़ी है। मथुरा और वृंदावन में बंदरों से हर कोई परेशान है। स्थिति यह है कि लोग बंदरों से बचने के लिए घरों पर जाल लगवाते हैं। पुराने शहर के कई मोहल्ले तो ऐसे हैं जहां सैकड़ों बंदर हमेशा जमा रहते हैं।
Trending Videos
हेमा ने कहा था कि अगर जनता दोबारा से मौका देगी तो सबसे पहले इन प्रोजेक्ट पर काम शुरू होगा। मंकी सफारी बनना था, कान्हा थीम पार्क तैयार होना था। मीठे पानी के लिए गांवों में टंकियां बननी थीं। यमुना के घाटों का सुंदरीकरण किया जाना था। अब देखना यह है कि इन प्रोजेक्ट पर कब तक काम शुरू होता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
मंकी सफारी
मथुरा में बंदरों की समस्या सबसे बड़ी है। मथुरा और वृंदावन में बंदरों से हर कोई परेशान है। स्थिति यह है कि लोग बंदरों से बचने के लिए घरों पर जाल लगवाते हैं। पुराने शहर के कई मोहल्ले तो ऐसे हैं जहां सैकड़ों बंदर हमेशा जमा रहते हैं।
बंदरों के हमलों से कई की मौत भी हो चुकी है। इस समस्या से निजात दिलाने के लिए मथुरा में मंकी सफारी बनाने का प्रस्ताव तैयार हुआ था। सांसद के कहने पर कुछ दिन वन विभाग की टीम ने दौड़भाग भी की लेकिन बाद में वह भी खामोश होकर बैठ गए।
यमुना के किनारे मंकी सफारी तैयार की जानी थी। बंदरों को पकड़कर यहां छोड़ दिया जाता है। 50 हेक्टेयर से भी ज्यादा जमीन इसके लिए तलाशी जा रही थी। इस जमीन में तमाम फलदार पौधे लगाए जाने थे। एक छोटा तालाब भी तैयार किया जाना था।
कान्हा थीम पार्क
एक इस तरह का पार्क तैयार किया जाना है जिसमें बाहर से आने वाले श्रद्धालु भगवान की लीलाओं को देख सकें। ब्रज में भगवान ने जो भी लीलाएं की हैं उन सभी को यहां प्रदर्शित किया जाता। 2014 में हेमामालिनी जब पहली दफा सांसद बनी थीं तब उन्होंने इसके लिए प्रयास किए थे। यमुना के किनारे पार्क बनाने की प्लानिंग थी। पानी गांव में इसके लिए जमीन भी देखी गई थी।
यमुना के किनारे मंकी सफारी तैयार की जानी थी। बंदरों को पकड़कर यहां छोड़ दिया जाता है। 50 हेक्टेयर से भी ज्यादा जमीन इसके लिए तलाशी जा रही थी। इस जमीन में तमाम फलदार पौधे लगाए जाने थे। एक छोटा तालाब भी तैयार किया जाना था।
कान्हा थीम पार्क
एक इस तरह का पार्क तैयार किया जाना है जिसमें बाहर से आने वाले श्रद्धालु भगवान की लीलाओं को देख सकें। ब्रज में भगवान ने जो भी लीलाएं की हैं उन सभी को यहां प्रदर्शित किया जाता। 2014 में हेमामालिनी जब पहली दफा सांसद बनी थीं तब उन्होंने इसके लिए प्रयास किए थे। यमुना के किनारे पार्क बनाने की प्लानिंग थी। पानी गांव में इसके लिए जमीन भी देखी गई थी।
इस पार्क का डिजाइन तैयार करने के लिए मुंबई से एक इंजीनियरों की टीम पहुंची भी थी लेकिन जहां जमीन देखी गई थी वहां कहा गया कि यमुना में जलस्तर बढ़ने पर पानी पार्क तक आ सकता है लिहाजा पानीगांव में पार्क बनाने की योजना धड़ाम हो गई थी। उसके बाद कई दूसरे स्थानों पर भी जमीन देखी गई लेकिन अभी तक पार्क का प्रोजेक्ट परवान नहीं चढ़ पाया है।
अंतरराष्ट्रीय नृत्य अकादमी
हेमा मालिनी ने मथुरा में एक नृत्य अकादमी खोलने का प्रस्ताव रखा था। इसके लिए वो खुद जुटी भी थीं। मुंबई से एक टीम मुक्ताकाशीय रंगमंच में पहुंची और यहीं पर अकादमी खोलने की बात कही थी। 12 करोड़ का यह प्रोजेक्ट था।
शुरुआत में एक करोड़ लगा भी दिया गया था। लेकिन शासन स्तर से इतना बड़ा बजट मंजूर नहीं हो सका और नृत्य अकादमी तैयार नहीं हो सकी। इसके लिए हेमा ने कई दफा शासन स्तर तक भी मुद्दा उठाया था।
उन्होंने कहा था कि उनका सपना है कि वह मथुरा में नृत्य अकादमी स्थापित करें। ताकि बच्चियों को नृत्य की विभिन्न कलाएं सिखाई जा सकें। ब्रज की नृत्य कला को बढ़ावा दिया जा सके। लेकिन अभी तक कुछ नहीं हुआ।
अंतरराष्ट्रीय नृत्य अकादमी
हेमा मालिनी ने मथुरा में एक नृत्य अकादमी खोलने का प्रस्ताव रखा था। इसके लिए वो खुद जुटी भी थीं। मुंबई से एक टीम मुक्ताकाशीय रंगमंच में पहुंची और यहीं पर अकादमी खोलने की बात कही थी। 12 करोड़ का यह प्रोजेक्ट था।
शुरुआत में एक करोड़ लगा भी दिया गया था। लेकिन शासन स्तर से इतना बड़ा बजट मंजूर नहीं हो सका और नृत्य अकादमी तैयार नहीं हो सकी। इसके लिए हेमा ने कई दफा शासन स्तर तक भी मुद्दा उठाया था।
उन्होंने कहा था कि उनका सपना है कि वह मथुरा में नृत्य अकादमी स्थापित करें। ताकि बच्चियों को नृत्य की विभिन्न कलाएं सिखाई जा सकें। ब्रज की नृत्य कला को बढ़ावा दिया जा सके। लेकिन अभी तक कुछ नहीं हुआ।
गांवों में मीठे पानी की उपलब्धता
सबसे बड़ा संकट पानी का है। पूरे मथुरा में ही खारा पानी है। चौमुंहा, फरह, राया, गोवर्धन, नंदगांव समेत कई इलाके ऐसे हैं जहां मीठे पानी के लिए महिलाएं बड़ी दूर तक पैदल जाती हैं। ऐसे गांवों की संख्या 80 से भी ज्यादा है।
इन गांवों में मीठे पानी की सप्लाई करने को पाइप लाइन बिछवाई जानी थी। लेकिन कुछ गांवों में तो टंकियां बन गईं थीं मगर तमाम गांव रह गए थे। सांसद ने चुनाव के दौरान भी लोगों से दावा किया था वह मीठे पानी की सप्लाई कराएंगी। अब हर किसी की नजर इसी पर रहेगी कि पानी की सप्लाई कब तक होती है।
इन गांवों में मीठे पानी की सप्लाई करने को पाइप लाइन बिछवाई जानी थी। लेकिन कुछ गांवों में तो टंकियां बन गईं थीं मगर तमाम गांव रह गए थे। सांसद ने चुनाव के दौरान भी लोगों से दावा किया था वह मीठे पानी की सप्लाई कराएंगी। अब हर किसी की नजर इसी पर रहेगी कि पानी की सप्लाई कब तक होती है।