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UP: सीईसी की नहीं ली मंजूरी, पहले ही गिराया 100 साल पुराना पीपल का पेड़, सीएम ग्रिड परियोजना पर उठे सवाल

Tue, 14 Jul 2026 09:04 AM IST
Dhirendra Singh अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा Published by: Dhirendra Singh Updated Tue, 14 Jul 2026 09:04 AM IST
सार

आगरा में सीएम ग्रिड सड़क परियोजना के लिए सेंट्रल इंपावर्ड कमेटी की अनुमति मिलने से पहले ही तीन पेड़ों को हटाने का काम शुरू कर दिया गया, जिसमें 100 साल पुराना पीपल का पेड़ गिरा दिया गया। मामले में पर्यावरणविदों ने शिकायत दर्ज कराई है, जबकि वन विभाग ने इसे अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर बताया है।

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Century-Old Peepal Tree Felled Before CEC Approval for CM Grid Project in Agra
पीपल का पेड़ - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

आगरा के हरीपर्वत स्थित सीएम ग्रिड की सड़क से तीन पेड़ शिफ्ट किए जाने थे लेकिन सेंट्रल इंपावर्ड कमेटी की अनुमति मिलने से पहले ही काम शुरू करा दिया गया। पीपल का 100 साल से ज्यादा पुराना पेड़ गिरा दिया गया। ताज ट्रेपेजियम जोन में एक से 49 पेड़ काटने या शिफ्ट करने के लिए सेंट्रल इंपावर्ड कमेटी की अनुमति अनिवार्य है। नगर निगम के पत्र पर डीएफओ ने स्पष्ट कहा कि यह काम उनके अधिकार क्षेत्र से बाहर का है। इसके लिए सीईसी से अनुमति लेनी चाहिए।
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दिल्ली गेट से हरीपर्वत तक सीएम ग्रिड सड़क निर्माण के लिए 25 फरवरी को तीन पेड़ हटाने के लिए नगर निगम ने वन विभाग को पत्र भेजा था। केंद्रीय अधिकार प्राप्त समिति (सीईसी) की अनुमति मिलने से पहले ही निर्माण कार्य शुरू करा दिया गया था। पीपल का पेड़ गिरने के बाद पर्यावरणविदों ने इसकी शिकायत सीईसी से की है।
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नगर निगम के प्रभारी मुख्य अभियंता अरविंद श्रीवास्तव ने बताया कि 25 फरवरी को पत्र के माध्यम से तीन पेड़ के झुके होने के कारण हटाने की मांग की थी। प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) राजेश कुमार का कहना है कि इस संबंध में किसी पत्र या प्रस्ताव की जानकारी नहीं है। पेड़ों के ट्रांसलोकेशन का कार्य वन विभाग के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता है। इस मामले में वन विभाग की कोई भूमिका नहीं है।

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