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Holi Dahan Muhurat 2026: होलिका दहन आज 2 मार्च को प्रदोष काल में ही होगा, जानें शुभ मुहूर्त और पूजा विधि
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: आगरा ब्यूरो
Updated Mon, 02 Mar 2026 10:38 AM IST
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सार
होलिका दहन को लेकर तिथियों को लेकर यदि उलझन में तो जान लें। श्री सिद्धि विनायक मंदिर गोकुलपुरा के महंत पंडित ने बताया कि पूर्णिमा तिथि सूर्यास्त से पूर्व समाप्त होने और 3 मार्च को चंद्र ग्रहण के कारण 2 मार्च को प्रदोष काल में होलिका दहन करना शुभ माना गया है।
होलिका दहन
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
फाल्गुन शुक्ल चतुर्दशी पर इस बार होलिका दहन 2 मार्च को प्रदोष काल में किया जाएगा। पंचांग के अनुसार इस दिन पूर्णिमा तिथि सूर्यास्त से पूर्व समाप्त हो रही है और 3 मार्च को चंद्र ग्रहण रहेगा। पूर्णिमा तिथि के सूर्यास्त से पूर्व समाप्त होने के कारण 2 मार्च को इस विशेष मुहूर्त में होलिका दहन करना शुभ और श्रेष्ठ होगा।
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श्री सिद्धि विनायक मंदिर गोकुलपुरा के महंत पंडित मनीष शर्मा ने बताया कि 2 मार्च को होलिका दहन के लिए श्रेष्ठ मुहूर्त है। यह मुहूर्त सूर्यास्त के समय सायं 6:19 बजे से रात 8:43 बजे तक प्रदोष काल में रहेगा। धर्मसिंधु के अनुसार पूर्णिमा तिथि सूर्यास्त से पूर्व समाप्त हो रही है। साथ ही 3 मार्च को चंद्रग्रहण भी रहेगा, जिसके कारण यह विशेष मुहूर्त निर्धारित किया गया है।
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इसलिए होलिका दहन का शुभ मुहूर्त 2 मार्च को शाम 6:19 मिनट से 8:43 मिनट तक प्रदोष काल में करना अतिशुभ होगा। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार भद्रा (भद्रा) मुख त्यागकर प्रदोष वेला में होलिका दहन करना शास्त्रोक्त माना गया है। भद्रा (भद्रा) का प्रारंभ 2 मार्च को प्रातः 5:55 बजे से होगा और 3 मार्च को प्रातः 5:28 बजे तक रहेगा। भद्रा मुख 2-3 मार्च की रात्रि 2:31 बजे से 4:33 बजे तक तथा भद्रा पुच्छ रात्रि 1:27 बजे से 2:36 बजे तक रहेगा। विद्वानों ने बताया कि होलिका दहन भद्रा मुख में नहीं करना चाहिए। इसलिए नगरवासी शास्त्रोक्त समय में ही होलिका दहन कर पर्व मनाएं।
