सब्सक्राइब करें

श्री पारस अस्पताल प्रकरण: आगरा के लोग बोले- एसआईटी जांच से ही मिल पाएगी दोषियों को सजा

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: मुकेश कुमार Updated Sat, 26 Jun 2021 12:47 PM IST
विज्ञापन
paras hospital case updates: agra people raised question on police investigation
श्री पारस अस्पताल आगरा - फोटो : अमर उजाला

आगरा के श्री पारस अस्पताल में दमघोंटू मॉकड्रिल मामले को लेकर ताजनगरी में लोगों का आक्रोश थम नहीं रहा है। आईएमए की जांच में लगातार ढील और प्रशासन की जांच में आरोपी अस्पताल संचालक को क्लीन चिट मिलने के बाद लोगों की नाराजगी और बढ़ी है। लोगों का कहना है कि मामले को उलझाया गया, मॉकड्रिल करने वाले और उन्हें बचाने वाले मानवता के गुनहगार हैं। कोई निष्पक्ष जांच एजेंसी ही अब इस मामले को सुलझा सकती है। मामले की एसआईटी जांच कराई जाए जिससे दोषियों को सजा मिल सके। वहीं श्री पारस अस्पताल में स्वजनों को खोने वाले पीड़ितों का कहना है कि अब वे चुनाव में नेताओं की ‘ऑक्सीजन’ बंद करेंगे। जो वोट मांगने के लिए दरवाजे पर आते हैं उन्हें अपने वोट की एहमियत समझाएंगे।  





अपने शहर की खबरों से अपडेट रहने के लिए पढ़ते रहिए amarujala.com । अमर उजाला आगरा के फेसबुक पेज को लाइक और फॉलो करने के लिए यहां क्लिक कर सकते हैं। 


 

Trending Videos
paras hospital case updates: agra people raised question on police investigation
श्री पारस अस्पताल प्रकरण: सामाजिक कार्यकर्ता शबी हैदर जाफरी, मोहन अग्रवाल और सत्यवीर चौधरी (बायें से दायें क्रमश:) - फोटो : अमर उजाला
'सील अस्पताल को दोबारा कोविड सेंटर बनाया'    
सामाजिक कार्यकर्ता शबी हैदर जाफरी ने कहा कि कोरोना संक्रमण फैलाने पर सील हुए अस्पताल को दोबारा कोविड सेंटर बना दिया गया। फिर प्रशासन ने दमघोंटू मॉकड्रलि की जांच की सच्चाई छिपा दी, अब आईएमए की जांच कमेटी से क्या उम्मीद की जाए। पूरे मामले की जांच एसआईटी से की जाए।

'जांच संस्था निष्पक्ष हो'
दयालबाग के सत्यवीर चौधरी ने कहा कि डॉक्टरों पर मरीज भरोसा करते हैं, अगर मॉकड्रिल में 22 मरीजों की मौत हुई है तो यह जघन्य हत्याकांड है, निष्पक्ष संस्था ही सही जांच कर सच्चाई सामने ला सकती है। 

'मामला उलझ गया है'
कमला नगर मोहन अग्रवाल ने कहा कि श्री पारस अस्पताल प्रकरण का मामला उलझ गया है। किसी के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए। मरीजों की मौत के जिम्मेदार कौन हैं, इसकी एसआईटी से जांच कराई जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन
paras hospital case updates: agra people raised question on police investigation
श्री पारस अस्पताल प्रकरण: किसान नेता राजवीर लवानियां और संजय सिंह - फोटो : अमर उजाला
'आईएमए की जांच से कोई उम्मीद नहीं'
किसान नेता राजवीर लवानियां ने कहा कि अप्रैल में मरीजों को अस्पतालों में बेड नहीं मिले थे, ऑक्सीजन के लिए हाहाकार मचा हुआ था। मॉकड्रिल के कई दोषी अभी बचे हुए हैं, आईएमए की जांच से भी कोई उम्मीद नहीं। 

'प्रशासन भी दोषी'
आवास विकास कॉलोनी के संजय सिंह ने कहा कि श्री पारस अस्पताल प्रकरण में प्रशासन भी दोषी है, इसके कारण ही अस्पताल प्रशासन को बचाने में लगा है, इसलिए जांच में क्लीन चिट दे दी, एसआईटी से निष्पक्ष जांच कराई जाए।
 
paras hospital case updates: agra people raised question on police investigation
श्री पारस अस्पताल प्रकरण - फोटो : अमर उजाला
पीड़ित बोले-अब हम चुनाव में रोकेंगे नेताओं की ‘ऑक्सीजन’
मधु नगर के नत्थीलाल त्यागी ने कहा कि सब पैसों का खेल है साहब। गरीबों की सुनवाई नहीं। नेता भी पैसे वाले की बजाता है। इस बार एक वोट नहीं मिलेगा। पहले से ही जनता परेशान है। श्री पारस अस्पताल में मेरी पत्नी की मृत्यु हो गई। मुझे शासन व प्रशासन के न्याय पर बिल्कुल भरोसा नहीं।

नेताओं की मौन सहमति 
जीवनी मंडी के अशोक चावला ने कहा कि श्री पारस अस्पताल मालिक के कृत्य में कुछ जनप्रतिनिधियों की मौन सहमति है। इसीलिए वह आवाज नहीं उठा रहे। वे भूल रहे हैं, चुनाव में जनता उनसे जवाब मांगेगी। सत्ताधारी दल को इस तरह आंखों देखी मक्खी नहीं निगलनी चाहिए। 

नेता सही होते तो ये नौबत नहीं आती
दहतोरा की प्रियंका सिंह ने कहा कि हमारे नेता सही होते तो आज ये नौबत नहीं आती। चुनाव में भीख की तरह वोट मांगते हैं। आज हमें उनकी जरूरत है तो हमारी आवाज उठाने वाला कोई नहीं। जब वोट मांगने आएंगे तब उन्हें बताएंगे ऑक्सीजन बंद करना क्या होता है। 
विज्ञापन
paras hospital case updates: agra people raised question on police investigation
श्री पारस अस्पताल: मुख्य दरवाजे पर तैनात पुलिसकर्मी (फाइल) - फोटो : अमर उजाला
ताजनगरी के लोगों ने उठाए सवाल
- पहली लहर में 11 जिलों में संक्रमण फैलाने पर सील हुए अस्पताल को क्यों खोला गया, किसने अस्पताल को खोला ? 
- दूसरी लहर में सारे नियमों को दरकिनार कर अस्पताल को कोविड सेंटर क्यों और किसने बनाया ?
- दमघोंटू मॉकड्रिल से कितने मरीज मरे, मॉकड्रिल क्यों की गई ?
- ऑक्सीजन की कमी थी, लोग मारे-मारे फिर रहे थे, तो फिर प्रशासन क्यों झूठ बोल रहा है ?
- क्या वजह हैं कि प्रशासन अस्पताल के साथ खड़ा है और क्लीन चिट दे दी है ?
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed