Aligarh: जिला अस्पताल या चिड़ियाघर, वार्ड में मरीज और बाहर मुर्गियों की कुकड़ू-कूं, पल रहे कुत्ता-बिल्ली
नोटिस में कहा गया है कि संज्ञान में आया है कि आवासों में विभिन्न प्रकार के जानवर जैसे मुर्गी, कुत्ता, बिल्ली, सूअर आदि का पालन हो रहा है। इनके पालने से गंदगी हो रही है। वातावरण दूषित हो रहा है। मरीजों को संक्रमण का खतरा हो गया है।
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अलीगढ़ के मलखान सिंह जिला अस्पताल परिसर इन दिनों मरीजों के इलाज की जगह से ज्यादा पोल्ट्री फार्म नजर आ रहा है। अस्पताल परिसर में कर्मचारियों द्वारा पाले गए कुत्ते, बिल्ली, सूअर और मुर्गियों ने गंदगी का अंबार लगा दिया है। इस पर कड़ा संज्ञान लेते हुए मुख्य चिकित्सा अधीक्षक ने न केवल नोटिस थमाया है, बल्कि दोषी कर्मचारियों में खलबली मचा दी है। अस्पताल के स्वच्छक से भी जवाब तलब किया गया है कि आखिर उनकी नाक के नीचे इतनी गंदगी कैसे पनप रही है।
जिला अस्पताल परिसर में ही 50 स्टाफ क्वार्टर भी बने हुए हैं। इनमें रहने वाले कुछ परिवार मुर्गी, कुत्ता आदि का पालन भी करते हैं। इसी से अब परिसर में समस्या पैदा हो रही है। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ जगवीर ने बताया कि मरीज अस्पताल में ठीक होने आते हैं, वातावरण साफ रखना हमारी प्राथमिकता है। इसीलिए वातावरण गंदा करने वालों को नोटिस दिए हैं।
केस 1- अस्थमा के मरीज की सांसों पर आया संकट
अकराबाद से आए 60 वर्षीय रामदीन को सांस लेने में तकलीफ के कारण वार्ड में भर्ती किया गया था। रामदीन के तीमारदारों का कहना है कि वार्ड के बाहर परिसर में मुर्गियों का बसेरा है। जब वह कुछ देर के लिए धूप में निकले तो मुर्गियों के पंख और उनकी बीट की दुर्गंध से रामदीन को एलर्जी और खांसी के दौरे पड़े।
केस 2- मासूम बच्चे को संक्रमण का डर
पनेठी से पांच साल के एक बच्चे को टाइफाइड के इलाज के लिए लाया गया था। उसकी मां ने बताया कि परिसर में खुलेआम घूम रहे लावारिस कुत्तों और बिल्लियों के कारण वार्ड के पास हमेशा गंदगी रहती है। बच्चे की कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता के बीच इन जानवरों से होने वाले संक्रमण का डर बना रहता है।
क्या कहा गया है नोटिस में
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. जगबीर सिंह ने नोटिस में कहा है कि संज्ञान में आया है कि आवासों में विभिन्न प्रकार के जानवर जैसे मुर्गी, कुत्ता, बिल्ली, सूअर आदि का पालन हो रहा है। इनके पालने से गंदगी हो रही है। वातावरण दूषित हो रहा है। मरीजों को संक्रमण का खतरा हो गया है। तीमारदारों के स्वास्थ्य पर गलत प्रभाव पड़ रहा है। अस्पताल की छवि को इन हरकतों से नुकसान पहुंच रहा है।
पशु-पक्षियों से मरीजों को क्या है खतरा (जैसा चिकित्सक ने बताया)
- मुर्गियों से - बीट सूखने के बाद हवा में बारीक कणों के रूप में तैरती है। सांस की गंभीर बीमारियां, एलर्जी और बर्ड फ्लू जैसे वायरस का खतरा
- कुत्ते-बिल्ली- बाल और लार से अस्थमा, चर्म रोग और रेबीज का खतरा, ये घाव वाले मरीजों में संक्रमण फैला सकते हैं।
- सूअर- जापानी इंसेफेलाइटिस और पेट के कीड़ों का संक्रमण फैलने की आशंका