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Aligarh Exhibition: नुमाइश में मासूम शर्मा नाइट में संचालक बदलने पर मचा बवाल, सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़ Published by: चमन शर्मा Updated Thu, 12 Feb 2026 12:18 PM IST
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सार

घटनाक्रम का वीडियो इंटरनेट पर वायरल होते ही शहर में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। मामला उस समय और गरमा गया जब  अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय से जुड़े कुछ सोशल मीडिया हैंडल्स ने इस घटना को सीधे तौर पर धर्म के आधार पर भेदभाव से जोड़ दिया।

Aligarh Exhibition Controversy over changing Masoom Sharma Night Sanchalak
कोहिनूर मंच पर हरियाणवी गायक मासूम शर्मा की नाइट - फोटो : संवाद
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विस्तार

अलीगढ़ में राजकीय औद्योगिक एवं कृषि प्रदर्शनी (नुमाइश) के कोहिनूर मंच पर 9 फरवरी को आयोजित मासूम शर्मा नाइट मनोरंजन से ज्यादा विवादों के कारण चर्चा में आ गई है। मंच संचालन (एंकरिंग) को बीच कार्यक्रम में बदले जाने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने अब सांप्रदायिक और राजनीतिक रंग ले लिया है।

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मिली जानकारी के अनुसार, इवेंट मैनेजर द्वारा मासूम शर्मा नाइट के संचालन के लिए जुहम रुबा को आमंत्रित किया गया था। कार्यक्रम की शुरुआत में जुहम ही मंच संभाल रही थीं। प्रत्यक्षदर्शियों और वायरल वीडियो के मुताबिक, मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे सांसद सतीश गौतम ने कार्यक्रम के शुभारंभ के दौरान अचानक मंच संचालन के लिए नीतू शर्मा को बुला लिया। आरोप है कि जुहम के हाथ से माइक लेकर नीतू शर्मा को सौंप दिया गया।
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इस घटनाक्रम का वीडियो इंटरनेट पर वायरल होते ही शहर में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। मामला उस समय और गरमा गया जब  अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय से जुड़े कुछ सोशल मीडिया हैंडल्स ने इस घटना को सीधे तौर पर धर्म के आधार पर भेदभाव से जोड़ दिया। पोस्ट्स में आरोप लगाया जा रहा है कि केवल विशेष धर्म से होने के कारण संचालक को बदला गया।

इस घटना ने नुमाइश के गलियारों में नई बहस छेड़ दी है।  इवेंट मैनेजर और आयोजकों की ओर से अभी तक इस पर कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण नहीं आया है। एएमयू के सोशल मीडिया एकाउंट्स पर इसे भेदभाव बताते हुए सांसद की आलोचना की जा रही है। शहर के लोग इसे मंच की गरिमा और प्रोटोकॉल के नजरिए से भी देख रहे हैं। फिलहाल, यह वीडियो जिला प्रशासन के लिए गले की हड्डी बना हुआ है, क्योंकि नुमाइश को गंगा-जमुनी तहजीब का प्रतीक माना जाता है और इस तरह के विवाद इसकी छवि पर सवाल खड़े कर रहे हैं।

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