अप्रैल से होंगे दो बड़े बदलाव: आंगनबाड़ी केंद्रों में अब मिलेगा हलवा, साथ ही बदल जाएगा समय भी
अप्रैल से आंगनाबाड़ी के बच्चों को खाने में हलवा तक मिलेगा। साथ ही आंगनबाड़ी के खुलने और बंद करने के समय में भी बदलाव हो जाएगा।
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अप्रैल से अलीगढ़ के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में पुष्टाहार बदल जाएगा। अब बच्चों को मीठा हलवा दिया जाएगा। केंद्रों के संचालन का समय भी बदलेगा। अभी तक इन केंद्रों पर बच्चों के पहुंचने का समय सुबह 10 से दोपहर दो बजे तक है। अप्रैल में बढ़ती गर्मी को देखते हुए यह समय सुबह आठ से दोपहर 12 बजे तक हो जाएगा।
जिला कार्यक्रम अधिकारी कृष्णकांत राय ने बताया कि अप्रैल से पुष्टाहार और ज्यादा स्वादिष्ट हो जाएगा, जो बच्चों को बहुत पसंद आएगा। लगभग 2 लाख 74 हजार 512 लाभार्थी जिले के 3039 आंगनबाड़ी केंद्रों पर पंजीकृत हैं। इसमें 2.10 लाख बच्चे हैं। 33 हजार गर्भवती और 33 हजार धात्री हैं।
अब तक मिल रहा पुष्टाहार
- बच्चों को सोमवार को सब्जी-रोटी, मंगलवार को दाल-चावल, बुधवार को कोफ्ता-चावल, बृहस्पतिवार को सब्जी-रोटी, शुक्रवार को खिचड़ी या तहरी और शनिवार को दाल-चावल दिया जाता है।
- गर्भवती महिला और धात्री को डेढ़ किलो दलिया, एक किलो चने की दाल और आधा किलो रिफाइंड छह महीने तक मिलता है। छह महीने बाद इसमें दलिया एक किलो रह जाता है। बच्चा तीन साल का होने पर दलिया आधा किलो रह जाता है।
अब यह पुष्टाहार मिलेगा
- छह माह से एक वर्ष तक आटा-बेसन हलवा, तीन से छह वर्ष तक आटा बेसन बर्फी या दलिया, मूंग सोया खिचड़ी (बाल पुष्टिकर) मिलेगा।
- छह माह तक कुपोषित बच्चों को मीठा हलवा, एक से छह वर्ष तक मीठा हलवा या नमकीन दलिया दिया जाएगा।
- गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को आटा, बेसन सोया बर्फी या दलिया और मूंग दाल की नमकीन खिचड़ी दी जाएगी।
ये भी जानें
- पहले नेफेड के गोदाम से पुष्टाहार सीडीपीओ के गोदाम तक पहुंचाने का कार्य स्वयं सहायता समूह करते थे। अब नेफेड से पुष्टाहार सीधे उस वेंडर को मिलेगा, जो आंगनबाड़ी केंद्रों तक इसको पहुंचाएगा।
- पोषण ट्रैकर एप में (एफआरटी) लाभार्थी की पहचान को सत्यापित करने का डिजिटल और बायोमीट्रिक तरीका है, जो चेहरा स्कैन कर सत्यापन करता है। अलीगढ़ में जनवरी 2026 से प्रयोग हो रहा है, 74 फीसदी वितरण इससे होता है।