Aligarh: किरायेदारों से अवैध वसूली पर प्रशासन सख्त, मकान मालिक नहीं वसूल सकेंगे मनमाना बिजली बिल, ये देना होगा
जीवनगढ़ में किराये के कमरे में रहने वालीं मलका बेगम ने बताया, मेरा कमरा छोटा है, लेकिन मकान मालिक 10 रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से पैसे लेते हैं।
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अलीगढ़ शहर के करीब 70 हजार किराएदारों के लिए राहत भरी खबर है। जिला प्रशासन ने मकान मालिकों द्वारा बिजली बिल के नाम पर की जा रही अवैध वसूली पर कड़ा रुख अपनाया है। अब कोई भी मकान मालिक किराएदार से निर्धारित सरकारी दरों से अधिक पैसा नहीं वसूल सकेगा। शिकायत मिलने पर प्रशासन त्वरित जांच कर कड़ी कानूनी कार्रवाई करेगा।
प्रशासन को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि कई इलाकों में मकान मालिक निजी मीटर लगाकर 8 से 10 रुपये प्रति यूनिट तक वसूल रहे हैं, जबकि सरकारी दरें इससे काफी कम हैं। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भुगतान केवल अधिकृत मीटर और निर्धारित स्लैब के अनुसार ही होना चाहिए।
किसी भी उपभोक्ता, विशेषकर किरायेदारों से मनमाने ढंग से अधिक दर पर बिजली शुल्क वसूलना नियमों के विरुद्ध है। ऐसे मामलों में शिकायत मिलने पर त्वरित जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। - संजीव रंजन, डीएम
आधी कमाई बिजली में चली जाती है
जीवनगढ़ में किराये के कमरे में रहने वालीं मलका बेगम ने बताया, मेरा कमरा छोटा है, लेकिन मकान मालिक 10 रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से पैसे लेते हैं। महीने का बिल 1500-2000 रुपये आ जाता है। खर्च के बीच इतना महंगा बिल देना हमारे लिए कमर तोड़ने जैसा है। प्रशासन का यह फैसला बहुत बड़ी बचत साबित होगा।
सरकारी दर का पता ही नहीं चलने देते
केला नगर में सिलाई का काम करने वालीं सहीबा ने कहा, हमें बताया गया था कि बिजली महंगी है, इसलिए हमसे नौ रुपये यूनिट लिया जाता है। असली रेट का पता ही नहीं था। अब स्थिति साफ कर दी है, तो हम मकान मालिक से बात करेंगे। अगर वो नहीं माने तो हम इसकी शिकायत दर्ज कराएंगे।
बिजली की दरें - घरेलू कनेक्शन
यूनिट स्लैब-निर्धारित दर (प्रति यूनिट)
1 से 150 यूनिट तक 5.50 रुपये
151 से 300 यूनिट तक 6.00 रुपये
300 यूनिट से ऊपर 6.50 रुपये