Aligarh News: मजबूर किसान है परेशान, गीली मक्का से कमाई धड़ाम, किसानों की फसल बिक रही औने-पौने दामों में
मक्का की सरकारी खरीद शुरू होने से पहले किसान अपनी फसल औने-पौने दामों में बेच रहे हैं। सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य 2410 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है। धनीपुर मंडी में आढ़ती 1900 रुपये बोल रहे हैं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
चार दिन बाद प्रदेश में मक्का की सरकारी खरीद शुरू होनी है, लेकिन उससे पहले ही किसानों की फसल औने-पौने दामों में बिक रही है। सरकार ने मक्का का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2410 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है, जबकि धनीपुर मंडी में आढ़तियों की बोली 1900 रुपये से आगे नहीं बढ़ रही। नमी अधिक होने से यही भाव गिरकर 1000 से 1200 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच रहा है।
सवाल यह है कि जब सरकार ने 2410 रुपये का मूल्य तय किया है तो किसान को उसकी उपज का आधा दाम क्यों मिल रहा है? इस पर विजयगढ़ से आए किसान चरन सिंह ने बताया कि बदलते मौसम से उन्हें काफी नुकसान हुआ है। सरकारी खरीद 15 जून से शुरू होगी लेकिन उनके पास मक्का गीली पड़ी है। बार-बार हुई बारिश से नमी आई है। अगर ये ज्यादा बढ़ी तो सरकारी खरीद केंद्र पर कोई लेगा भी नहीं।
चरन सिंह की तरह मंडी में अलीगढ़ और आसपास के जिले से आए दूसरे किसानों ने भी यही पीड़ा बताई। बुधवार को धनीपुर मंडी में चारों तरफ जमीन पर मक्का बिछी दिखी और अपने हाथों में मशीन लेकर किसान नमी जांचते नजर आए। खरीद से पहले आवक और नमी के चलते व्यापारियों ने भी भाव गिरा दिए। अब किसानों के पास न तो भंडारण की व्यवस्था है और न ही इंतजार करने की क्षमता है।
इस तरह मजबूर किसानों की गीली मक्का से कमाई धड़ाम हो गई है और उन्हें एमएसपी से 500 से 1300 रुपये प्रति क्विंटल तक कम दाम पर उपज बेचनी पड़ रही है। अगर कमाई और लागत के बीच अंतर देखें तो बीज, खाद, सिंचाई और मजदूरी सब खर्च जोड़ने के बाद भी चरन सिंह और उनके जैसे किसानों के लिए खर्च निकाल पाना भी मुश्किल लग रहा है।
एमएसपी पर अपनी फसल बेचने के लिए हम लगातार किसानों में जागरूकता लाने का प्रयास कर रहे हैं। नमी का एक पैमाना तय है। अगर उससे ज्यादा होती है तो किसानों से पहले नमी सुखाने के लिए कहा जाता है।- मोनिका माहेश्वरी, जिला विपणन अधिकारी
हाइब्रिड मक्का की बढ़ी आवक
मंडी में इस बार हाइब्रिड मक्का की आवक ज्यादा है। अतरौली के किसान महेंद्र प्रताप का कहना है कि हाइब्रिड किस्मों का उत्पादन अधिक होने के कारण बड़ी मात्रा में फसल बाजार में पहुंच रही है। दूसरी ओर देसी मक्का की आवक अपेक्षाकृत कम है। अधिक आवक भी कीमतों पर दबाव बनाने का एक कारण मानी जा रही है।
किसानों की मांग
- एमएसपी पर प्रभावी खरीद शुरू हो
- नमी प्रभावित मक्का के लिए विशेष राहत मिले
- किसानों को भंडारण सुविधा उपलब्ध कराई जाए
- फसल नुकसान का आकलन कर मुआवजा दिया जाए