Aligarh: पहली बार अस्पताल में चली गोली, दोनों हमलावर निकले पुलिसकर्मी, मथुरा की युवती के भाइयों ने की वारदात
जिस युवक पर मथुरा के पुलिसकर्मी परिवार ने हमला किया है। उस परिवार की बेटी से शादी की जिद पूरी न होने पर वेदपाल उसकी शादी तुड़वाने पहुंच गया था। उसी खुन्नस में इस घटना को अंजाम दिया गया है।
विस्तार
अलीगढ़ के अस्पताल में भर्ती मरीज को गोली मारकर वाकई बड़ी खुन्नस निकाली है। तभी तो मथुरा की युवती के परिवार से जुड़े हमलावरों ने चुनोती देकर पूर्व विधायक व पूर्व मेयर के आवास के बगल के पॉश इलाके में बेख़ौफ होकर वारदात को अंजाम दिया। इसके बाद आसानी से भाग गए। यह शहर के किसी अस्पताल में भर्ती किसी मरीज को गोली मारने की पहली घटना है, जिसने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़ा कर दिया है। वह तो गनीमत है कि सीसीटीवी में घटना के बाद भागते हमलावरों के चेहरे कैद हो गए हैं। वरना कोई जान भी न पाता कि हमलावर कौन थे। फिलहाल पुलिस की एक टीम मैरिस रोड पर आने जाने वाले रास्तों पर सीसीटीवी खंगाल रही है।
नर्सिंग होम स्टाफ व सीसीटीवी के अनुसार अब तक की जांच में उजागर हुआ है कि हमलावर अस्पताल की गली के बाहर तक किसी वाहन पर आए हैं। फिर गली में पैदल अंदर आकर अस्पताल में घुसे हैं। इसके बाद घटना को अंजाम देकर भागे और बाहर से वाहन लेकर चले गए। इस दौरान अस्पताल के रिसेप्शन पर एक कर्मचारी बैठा था। बाकी स्टाफ कमरों में अपने काम में व्यस्त था। डॉक्टर पराग शेखर अस्पताल के पीछे बने आवास में थे। वेदपाल के कमरे में दोनों मरीजों के बीच एक पर्दा पड़ा था। दोनों सोये हुए थे। दूसरे मरीज सुधीर ने बताया कि जब जब गोली की आवाज सुनी तो वह उठकर बैठा। उसने एक हमलावर को कमरे से निकलते देखा,जबकि सीसीटीवी में दो हमलावर अंदर आते व बाद भागते कैद हुए हैं। उनके चेहरे भी स्पष्ट हो गए हैं।
15 मिनट तक तलाशते रहे हमलावर
अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरा के अनुसार रात करीब 9:45 बजे दो हमलावर अस्पताल में पहुंचे थे। जो पूछताछ काउंटर पूछताछ के बाद अस्पताल में घूम-घूम कर 15 मिनट तक वेदपाल को खोजते रहे । सभी ने उन्हें मरीज का परिचित माना। इसी बीच सीधे अस्पताल की पहली मंजिल पर बने रूम नंबर 105 में भर्ती वेदपाल के पास पहुंच गए । जहां उन्होंने पहुंचने के बाद वेदपाल को निशाना बनाते हुए माथे पर गोली चला दी।
शहर के पॉश इलाका माने जाने वाले मैरिस रोड पर अस्पताल में चली गोली और हवाई फायरिंग करते हुए भागे हमलावरों के बाद इलाके की सुरक्षा व्यवस्था पर तमाम सवाल उठ रहे हैं। जिस इलाके में घटना हुई है। उस गली के बाहर वाला मकान सूबे के पूर्व डीजीपी के साले पूर्व विधायक विवेक बंसल का है। उसके पीछे पूर्व मेयर सावित्री वार्ष्णेय का आवास है। गली से कुछ दूरी पर सेंटर पॉइंट की ओर भाजपा के एमएलसी तारिक मंसूर का आवास है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे वीआईपी इलाके में सुरक्षा का ये हाल है। इस सूचना पर वरिष्ठ डॉक्टर वैभव वार्ष्णेय,नीलेश मित्तल, पराग शेखर के भाई डॉक्ट तन्मय शेखर, भाजपा नेता चन्द्रमणि कौशिक आदि आ गए थे।
हमलावर किधर भागे खोज रही पुलिस
अस्पताल में गोली चलाने के बाद हमलावर गली के मोड तक पहुंचे । इसके बाद हमलावर कहां गए ? किस वाहन से आए थे और किस वाहन से भागे इस बारे में पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे खंगाल रही है।
मथुरा की युवती के भाइयों ने मारी गोली
देर रात एसएसपी नीरज जादोन ने बताया कि इस पूरे घटनाक्रम के पीछे सामने आया है कि वेदपाल के मथुरा के गोविंद नगर की एक युवती से सम्बंध थे। उसके पिता व दो भाई पुलिस में हैं। वह लोग इस रिश्ते के खिलाफ थे। 3 फरवरी को युवती की शादी तय थी। वहां पहुंच कर वेदपाल ने विवाद किया था। तब उसे पीटा गया। बाद में 15 दिन वह मथुरा जेल भी रहा। उसी पिटाई में इसके चोट आई थी। वहां से छूटकर आने के बाद युवती का परिवार वेदपाल को धमकी दे रहा था। एक बार इसके घर तक वो लोग आए थे। इस बात की रिकार्डिंग भी मोबाइल में मिली हैं, जिसमें युवक को जान से मारने की धमकी दी गई है। हालांकि युवती की शादी हो गई। मगर वह लोग खुन्नस पाले थे। आज युवती के एक भाई व उसकी लोकेशन भी घटना के समय अलीगढ़ की आई है। बाइक सीसीटीवी में कैद मिली है। परिवार ने भी युवती परिवार पर आरोप लगाया है। उसी में मामला दर्ज कर एक टीम को गिरफ्तारी के लिए लगाया गया है। इधर घायल की हालत नाजुक है। 24 घण्टे के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा।
पहचाने गए हमलावर, दोनों पुलिसकर्मी
इस घटना में हमलावरों की पहचान यूपी पुलिस के सिपाहियों के रूप में हुई है। जिनमें एक युवती का सगा भाई आगरा में सिपाही है,जबकि एक चचेरा भाई पीएसी में सिपाही है। युवती का पिता बागपत में पुलिस में तैनात है। जिसे अलीगढ़ पुलिस की सूचना पर बागपत में हिरासत में ले लिया गया है और अलीगढ़ भेजा जा रहा है। एसएसपी नीरज जादोन के अनुसार सीसीटीवी व मोबाइल सर्विलांस की मदद से यह जानकारी मिली है। हमलावर दोनों पुलिसकर्मी के रूप में पहचाने गये हैं। युवती के पिता की भूमिका समझने के लिए उसे बागपत में हिरासत में कराया गया है। अलीगढ़ बुलाकर उससे पूछताछ होगी।
शादी की जिद पूरी न होने पर तुड़वाने पहुंचा था वेदपाल
जिस युवक पर मथुरा के पुलिसकर्मी परिवार ने हमला किया है। उस परिवार की बेटी से शादी की जिद पूरी न होने पर वेदपाल उसकी शादी तुड़वाने पहुंच गया था। उसी खुन्नस में इस घटना को अंजाम दिया गया है। पुलिस जांच, परिवार सेबातचीत में यह सब उजागर हुआ है। एसएसपी बताते हैं कि अब तक की जांच के अनुसार दोनों के बीच 5 वर्ष से प्रेम सम्बन्ध थे। अब दोनों कैसे मिले ये तो साफ नहीं हुआ। मगर युवती के परिवार ने उसकी कहीं दूसरी जगह शादी तय कर दी। शादी वाले दिन वेदपाल ने मथुरा पहुंच कर फजीता किया। शादी तुड़वाने का पूरा प्रयास किया। वहां उसे पीटा गया और पुलिस परिवार से होने के नाते बिना रिपोर्ट के 15 दिन तक शांति भंग में जेल भिजवा दिया। जब वह बाहर आ गया तो उस पर हमले की साजिश रचकर आज इस घटना को अंजाम दिया है।