Cyber Crime: थाईलैंड टूर पैकेज के नाम पर 8.29 लाख की ठगी, भुगतान के बाद न टिकट मिले, न होटल बुकिंग
23 यात्रियों के लिए 26 जुलाई की यात्रा के लिए चार रात और पांच दिन का पटाया-बैंकॉक टूर पैकेज बुक कराया था। आरोप है कि कंपनी ने कुल पैकेज की कीमत 8.45 लाख रुपये तय की और तीन किस्तों में 8.29 लाख रुपये आरटीजीएस के जरिए अपने बैंक खाते में जमा करा लिए। अंतिम भुगतान 15 जुलाई को होने के बाद कंपनी ने ई-मेल, व्हाट्सएप और फोन पर जवाब देना बंद कर दिया।
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अलीगढ़ शहर के एक कारोबारी से थाईलैंड टूर पैकेज के नाम पर 8.29 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। पीड़ित की शिकायत पर साइबर क्राइम थाने ने रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
रामघाट रोड स्थित एडीए कॉलोनी निवासी और लॉक मास्टर इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के प्रतिनिधि वरुण वर्मन ने रिपोर्ट में बताया कि उन्होंने 23 यात्रियों के लिए 26 जुलाई की यात्रा के लिए चार रात और पांच दिन का पटाया-बैंकॉक टूर पैकेज बुक कराया था। इसके लिए उन्होंने एक ट्रैवल कंपनी की वेबसाइट के माध्यम से संपर्क किया। आरोप है कि कंपनी ने कुल पैकेज की कीमत 8.45 लाख रुपये तय की और तीन किस्तों में 8.29 लाख रुपये आरटीजीएस के जरिए अपने बैंक खाते में जमा करा लिए।
अंतिम भुगतान 15 जुलाई को होने के बाद कंपनी ने ई-मेल, व्हाट्सएप और फोन पर जवाब देना बंद कर दिया। पीड़ित का कहना है कि यात्रा की तारीख नजदीक होने के बावजूद 23 यात्रियों के लिए न ई-वीजा जारी किए गए, न होटल बुकिंग की पुष्टि हुई और न ही फ्लाइट टिकट उपलब्ध कराए गए। प्रभारी निरीक्षक साइबर क्राइम शिवशंकर गुप्ता ने बताया कि ठगी करने वाली एजेंसी की छानबीन की जा रही है।
टूर पैकेज बुक करते समय बरतें ये सावधानियां
ऑनलाइन ट्रैवल पैकेज बुकिंग के बढ़ते चलन के साथ साइबर ठगी के मामले भी बढ़ रहे हैं। थोड़ी सी सावधानी अपनाकर आप लाखों रुपये की ठगी से बच सकते हैं।
- केवल प्रतिष्ठित और विश्वसनीय ट्रैवल कंपनी या अधिकृत वेबसाइट से ही पैकेज बुक करें।
- कंपनी की वेबसाइट, जीएसटी, कार्यालय का पता और ग्राहक समीक्षाएं (रिव्यू) जरूर जांचें।
- भुगतान से पहले फ्लाइट टिकट, होटल बुकिंग, यात्रा कार्यक्रम और रिफंड नीति लिखित रूप में लें।
- कंपनी के आधिकारिक बैंक खाते में ही भुगतान करें और रसीद सुरक्षित रखें।
- बहुत सस्ते या अविश्वसनीय ऑफर देखकर जल्दबाजी में भुगतान न करें।
- कंपनी के कस्टमर केयर नंबर पर बात कर पैकेज की पुष्टि अवश्य करें।
इन बातों से रहें सतर्क
- केवल व्हाट्सएप या सोशल मीडिया पर मिले लिंक के आधार पर बुकिंग न करें।
- किसी अनजान व्यक्ति के निजी बैंक खाते या यूपीआई आईडी में पैसे न भेजें।
- ओटीपी, बैंकिंग पासवर्ड, सीवीवी या कार्ड की जानकारी किसी के साथ साझा न करें।
- यदि भुगतान के बाद कंपनी संपर्क बंद कर दे या टिकट व होटल की पुष्टि न मिले तो तुरंत शिकायत करें।
ठगी होने पर क्या करें
- तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें।
- www.cybercrime.gov.in पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें।
- नजदीकी साइबर क्राइम थाने में बैंक ट्रांजेक्शन, चैट, ई-मेल और भुगतान की रसीदों के साथ शिकायत करें।
- समय रहते शिकायत करने पर कई मामलों में ठगी की गई राशि को रोकने या वापस दिलाने की संभावना बढ़ जाती है।