RMPSU: एकमुश्त 27 हजार का बोझ, हॉस्टल से छात्र-छात्राओं ने बनाई दूरी, स्टूडेंट्स ने उठाई यह मांग
अब तक छात्रावास के लिए 168 छात्रों ने आवेदन किया है, जबकि छात्रों के लिए 182 सीटें हैं। वहीं छात्राओं के लिए 134 सीटों के सापेक्ष केवल 65 आवेदन आए हैं। एक कमरे में तीन विद्यार्थियों के रहने की व्यवस्था है। ऐसे में छात्राओं के लिए कई कमरे खाली रहने की संभावना है।
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अलीगढ़ की राजा महेंद्र प्रताप सिंह विश्वविद्यालय (आरएमपीएसयू) में छात्रावास के लिए आवेदन करने वाले विद्यार्थियों की संख्या सीटों के मुकाबले कम है। छात्रावास का शुल्क एक साथ जमा करना विद्यार्थियों के लिए परेशानी का कारण बन गया है। छह महीने का मेस शुल्क 17,894 रुपये और एक साल का कमरा किराया 9,500 रुपये एक साथ जमा करने होंगे। विद्यार्थियों को रहने और खाने के लिए कुल 27,484 रुपये एकमुश्त देने पड़ रहे हैं। इसके अलावा पाठ्यक्रम की फीस, किताबें और अन्य खर्च भी होते हैं।
विश्वविद्यालय परिसर में छात्र-छात्राओं के लिए अलग-अलग छात्रावास बनाए गए हैं। इनमें छात्रों के लिए 182 और छात्राओं के लिए 134 सीटों की व्यवस्था है। छात्रावास आवंटन के लिए पहले आवेदन मांगे गए थे। इसके बाद 14 अगस्त को उन विद्यार्थियों से दोबारा आवेदन मांगे गए, जो पहले आवेदन नहीं कर पाए थे। आवेदन समर्थ पोर्टल के माध्यम से किए जा सकते हैं। आवेदन के बाद विद्यार्थियों को संबंधित वार्डन से संपर्क करना होगा। दस्तावेजों के सत्यापन और उपलब्ध सीटों के आधार पर कमरा आवंटित किया जाएगा।
छात्राओं के आवेदन आधे से भी कम
अब तक छात्रावास के लिए 168 छात्रों ने आवेदन किया है, जबकि छात्रों के लिए 182 सीटें हैं। वहीं छात्राओं के लिए 134 सीटों के सापेक्ष केवल 65 आवेदन आए हैं। एक कमरे में तीन विद्यार्थियों के रहने की व्यवस्था है। ऐसे में छात्राओं के लिए कई कमरे खाली रहने की संभावना है। दोबारा आवेदन मांगे जाने के बाद भी सभी सीटें भरने को लेकर संशय बना हुआ है।
छात्रावास एवं मेस शुल्क को लेकर प्रसारित की जा रहीं खबरें भ्रामक एवं तथ्यों से परे हैं। उत्तर प्रदेश के किसी भी राज्य विश्वविद्यालय में छात्रावास शुल्क इससे कम नहीं है। मेस में तीनों समय के भोजन के लिए निर्धारित 99 रुपये प्रतिदिन का शुल्क भी वर्तमान खाद्य सामग्री एवं संचालन लागत को देखते हुए अधिक नहीं है। -प्रबुद्ध सिंह, कुलसचिव