अमेरिका-ईरान युद्ध की मार: समुद्र में तैर रहा 1200 करोड़ का माल, प्रदेश के मीट निर्यात की टूटी कमर
अलीगढ़ के अलावा मेरठ, गाजियाबाद, हापुड़, उन्नाव, कानपुर, सहारनपुर, बुलंदशहर से भी बड़े पैमाने पर उत्पादन और आपूर्ति की जाती है। इन जिलों में भी यही स्थिति है। नए ऑर्डर बंद हैं। जो माल मुंबई बंदरगाह तक नहीं पहुंच पाया था, उसे वापस मंगाया जा रहा है।
विस्तार
पश्चिम एशिया में जारी युद्ध ने उत्तर प्रदेश के मीट निर्यात उद्योग को गहरे आर्थिक भंवर में धकेल दिया है। इसका असर अलीगढ़ के कारोबार पर भी पड़ा है। जिले के मीट निर्यातकों का लगभग 1200 करोड़ रुपये का माल समुद्र के बीच जहाजों पर फंसा हुआ है। इसके चलते फैक्टरियों में उत्पादन 80 फीसदी तक घट गया है। करीब पांच हजार श्रमिक हटाए गए हैं।
अलीगढ़ के बड़े निर्यातक हाजी जहीर का कहना है कि अलीगढ़ के अलावा मेरठ, गाजियाबाद, हापुड़, उन्नाव, कानपुर, सहारनपुर, बुलंदशहर से भी बड़े पैमाने पर उत्पादन और आपूर्ति की जाती है। इन जिलों में भी यही स्थिति है। नए ऑर्डर बंद हैं। जो माल मुंबई बंदरगाह तक नहीं पहुंच पाया था, उसे वापस मंगाया जा रहा है। यह हाल पूरे उत्तर प्रदेश का है। सभी जिलों से ऐसी ही खबरें आ रही हैं।
त्योहार के ठीक पहले आई इस मंदी ने हजारों श्रमिकों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा कर दिया है। काम न होने के कारण कई बड़ी फैक्ट्रियों से 500 मजदूरों को हटाया जा चुका है। ऐसे में मजदूरों के परिवारों के लिए इस बार ईद की खुशियां फीकी पड़ती नजर आ रही है।
सरकार युद्ध के बीच ही भारतीय व्यापार के लिए रास्ता खोजने में जुटी है। इसी का नतीजा है कि भारतीय झंडा लगे जहाजों को होर्मुज स्ट्रेट में रास्ता देने पर सहमति बन रही है। आने वाले समय में भारत सरकार अन्य विकल्पों पर भी विचार कर रही है। इससे कारोबारी राह आसान होगी। - आशुतोष वार्ष्णेय, अध्यक्ष, अलीगढ़ एक्सपोर्ट एसोसिएशन
प्रभावित होने वाली प्रमुख फैक्टरियां
जिले की लगभग सभी बड़ी इकाइयां इस संकट की जद में हैं। अलीगढ़ में अल-अम्मार फ्रोजन फूड एक्सपोर्ट्स, हिंद एग्रो इंडस्ट्रीज व फेयर एक्सपोर्ट्स, एलाना, अल दुआ और अल-हमद एग्रो फूड्स, इंटरनेशनल एग्रो, स्काईलार्क फूड्स, एमके ओवरसीज, एएल नफीस प्रोटीन्स फूड एक्सपोर्ट्स आदि मीट फैक्टरियां हैं। ये सभी इस समय संकट का सामना कर रही हैं।
25 किलो वाले हड्डी रहित मांस के पैकेट की मांग
अलीगढ़ से साल में 7500 करोड़ रुपये से अधिक का मीट निर्यात सालाना होता है। प्रसंस्कृत मांस मुख्य रूप से खाड़ी देशों और दक्षिण-पूर्व एशिया में भेजा जाता है। इनमें ईरान, इराक, दुबई, सऊदी अरब और मिस्र जैसे देश शामिल हैं। विशेष रूप से 25 किलो वाले हड्डी रहित मांस के पैकेट की मांग अंतरराष्ट्रीय बाजार में सबसे अधिक है। इसके अलावा, अन्य बाय-प्रोडक्ट्स का उपयोग भी किया जाता है।
पिछले पांच वर्षों के आंकड़े
वर्ष - निर्यात मूल्य (करोड़ रुपये में)
2020-21 - 5000
2021-22 - 5609
2022-23 - 6687
2023-24 - 7100
2024-25 - 7400