Aligarh: ऑनलाइन लूडो गेम में जीते रुपये न मिलने पर की दोस्त की हत्या, 68 दिन बाद आरोपी गिरफ्तार, ऐसे ली जान
दो दोस्तों ने ऑनलाइन लूडो गेम खेला। इसमें जीते गए रुपये मांगने पर युवक ने अपने दोस्त को मौत के घाट उतार दिया था। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर हत्या का खुलासा कर दिया है।
विस्तार
अलीगढ़ के हरदुआगंज थाना अंतर्गत जलाली क्षेत्र में 68 दिन पहले हुए दिनेश उर्फ अबनू हत्याकांड का पुलिस ने 10 जनवरी को खुलासा कर आरोपी को दबोच लिया। इस हत्या को अबनू के पड़ोसी गांव के दोस्त विष्णु ने लूडो की जीती हुई रकम नहीं देने व ऊपर से दबंगई दिखाने के गुस्से में अंजाम दिया था। इसका खुलासा सर्विलांस व डीएनए साक्ष्यों के आधार पर हुआ है।
एसपी देहात अमृत जैन व सीओ राजीव द्विवेदी ने शनिवार को पुलिस लाइन में प्रेसवार्ता में बताया कि जलाली क्षेत्र के नगरिया भूड़ के ठाकुर दिनेश उर्फ अबनू की हत्या उसके पड़ोसी गांव दौलतपुर के अनुसूचित जाति के दोस्त शटरिंग मजदूर विष्णु ने की थी। उन्होंने बताया कि अबनू लूडो में सात हजार रुपये हार गया था। जब विष्णु ने रुपये मांगे तो अबनू दबंगई दिखाकर, गाली-गलौज करता व धमकाता था।
तीन नवंबर को घटना वाले दिन अबनू ने अलीगढ़ से लेकर शेखाझील तक कई बार विष्णु को जुआ खेलने के लिए फोन किया और पत्नी के आने से पहले वह घटनास्थल के पास विष्णु को मिला। जहां दोनों के बीच पांच-पांच हजार के दो दांव और लगे, जिन्हें विष्णु जीता गया। अब अबनु पर 17 हजार रुपये चढ़ गए। जब उसने रुपये मांगे तो अबनू ने एक बार फिर विष्णु अपनी दबंगई का दंभ भरकर टालमटोल कर दी।
इसी गुस्से में सुनियोजित साजिश के तहत विष्णु ने पहले से झाडि़यों में छिपाकर रखी लकड़ी काटने की वसूली से अबनू के सिर में पीछे से व गर्दन में ताबड़तोड़ प्रहार कर दिए। इसके बाद शव को झाडि़यों में छिपाकर मोबाइल वहीं फेंक दिया। बाइक ढाई किमी आगे मई गांव के निकट नहर किनारे झाडि़यों में फेंक दी। पुलिस ने शनिवार को विष्णु को रिमांड के बाद जेल दाखिल कर दिया। इस घटना के खुलासे में सीओ राजीव द्विवेदी की अगुवाई में थाना व साइबर-सर्विलांस टीम शामिल रही। एसएसपी ने पुलिस टीम को खुलासे पर 25 हजार के इनाम की घोषणा की है।
बाइक मिलने के बाद सुलझी हत्या की गुत्थी
तीन नवंबर को गायब हुए अबनू का कंकाल 13 नवंबर को मिला था। इसके बाद से हत्या का खुलासा पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ था, लेकिन कंकाल मिलने के 39 दिन बाद 22 दिसंबर को जब अबनू की बाइक मिली तो पुलिस ने नए सिरे से जांच शुरू की। जिस स्थान पर अबनू की बाइक मिली उस स्थान पर हत्या वाले दिन विष्णु की लोकेशन पाई गई। इसी के आधार पर जब पुलिस ने विष्णु को हिरासत लिया तो घटना का खुलासा हो गया। मामले में लापरवाही पर हंगामा होने पर एसएचओ को भी निलंबित किया गया था।