SVPEIZ: अलीगढ़ सहित प्रदेश के नौ जोन में विकसित होंगे मेगा औद्योगिक केंद्र, शहर में 100 एकड़ भूमि की तलाश तेज
इसमें पहले चरण में अलीगढ़, लखनऊ, वाराणसी, आगरा, नोएडा, गोरखपुर, मेरठ, अयोध्या, गाजियाबाद व प्रयागराज को जोन में विभाजित किया गया है। इनमें एमएसएमई और यूपीसीडा पांच-पांच, यूपीईडा और यीडा दो-दो, जबकि ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण और गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण एक-एक केंद्र विकसित करेंगे
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सरदार वल्लभभाई पटेल रोजगार एवं औद्योगिक क्षेत्र परियोजना (एसवीपीईआईजेड) में अलीगढ़ सहित प्रदेश के नौ जोन में मेगा औद्योगिक क्षेत्र विकसित किए जाएंगे। इसके लिए अलीगढ़ में भी 100 एकड़ भूमि पर यह केंद्र विकसित करने के लिए भूमि की तलाश शुरू हो गई है। प्रदेश सरकार की इस परियोजना के संबंध में शुक्रवार को लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अंतिम मुहर लगनी है। इसके बाद यह तय होगा कि अलीगढ़ में यह केंद्र कहां स्थापित किया जाएगा।
प्रदेश में युवाओं को कौशल विकास, रोजगार और उद्यमिता से जोड़ने के लिए एसवीपीईआईजेड के तहत नए औद्योगिक एवं रोजगार केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं। इनमें प्रशिक्षण, रोजगार सहायता, आधुनिक औद्योगिक सुविधाएं और उद्यमिता समर्थन एक ही स्थान पर मिलेगा। इसके प्रथम चरण में प्रदेश में 16 एसवीपीईआईजेड केंद्र स्थापित किए जाएंगे जिन्हें नौ हब एंड स्पोक जोन मॉडल पर विकसित किया जाएगा।
इसमें पहले चरण में अलीगढ़, लखनऊ, वाराणसी, आगरा, नोएडा, गोरखपुर, मेरठ, अयोध्या, गाजियाबाद व प्रयागराज को जोन में विभाजित किया गया है। इनमें एमएसएमई और यूपीसीडा पांच-पांच, यूपीईडा और यीडा दो-दो, जबकि ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण और गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण एक-एक केंद्र विकसित करेंगे। इन केंद्रों को वन स्टॉप इंडस्ट्रियल, स्किल एंड एम्प्लॉयमेंट इकोसिस्टम के रूप में तैयार किया जाएगा।
एसवीपीईआईजेड योजना के तहत प्रदेश भर में केंद्र स्थापित किए जाने हैं जिसमें एक स्थान पर रोजगार प्रशिक्षण से लेकर समस्या समाधान व औद्योगिक प्लॉट तक मिलेंगे। इस संबंध में शुक्रवार को मुख्यमंत्री की ओर से लखनऊ में मंजूरी मिलने की उम्मीद है। अलीगढ़ में जमीन तलाशी जा रही है। -एसपी यादव, उपायुक्त उद्योग
सरदार वल्लभभाई पटेल रोजगार एवं औद्योगिक क्षेत्र विकास योजना से डिफेंस कॉरिडोर के बाद जिले को नई औद्योगिक पहचान मिलेगी। इससे निवेश आकर्षित होगा। स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और ताला, हार्डवेयर, इंजीनियरिंग एवं एमएसएमई उद्योगों को बेहतर बाजार और औद्योगिक कनेक्टिविटी का लाभ मिलेगा। -अविनाश कुमार, जिलाधिकारी
मुख्यालय से 20 किमी परिधि में स्थापित होगा केंद्र
जारी निर्देश के अनुसार यह केंद्र जिला मुख्यालय से 20 किलोमीटर की परिधि में स्थापित होगा। इसके लिए कम से कम 50 एकड़ या अधिकतम 100 एकड़ भूमि की जरूरत होगी। अगर कहीं भूमि कम है तो वहां बहुमंजिला औद्योगिक परिसर और फ्लैटेड फैक्टरी मॉडल अपनाया जाएगा। परियोजना के संचालन के लिए प्रत्येक हब में विशेष प्रयोजन वाहन (एसपीवी) का गठन होगा और प्रमुख निवेशक को उसका अध्यक्ष बनाया जाएगा।
निवेश और रोजगार को बढ़ावा देना मुख्य उद्देश्य
एसवीपीईआईजेड में कौशल विकास केंद्र, प्लग एंड प्ले औद्योगिक शेड, रोजगार सहायता केंद्र, उद्यमिता सहायता केंद्र, साझा सुविधा केंद्र, डिजिटल साक्षरता, विदेशी भाषा प्रशिक्षण और आधुनिक आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध होंगी। उद्यमियों को तैयार औद्योगिक परिसर मिलने से कम समय में उत्पादन शुरू होगा, ताकि निवेश और रोजगार दोनों को बढ़ावा मिलेगा।
पहले चरण में अलीगढ़ शामिल
ताला-हार्डवेयर उद्योग के लिए प्रसिद्ध अलीगढ़ में कारीगरों की कमी नहीं है लेकिन अभी तक यहां की 50 हजार से अधिक छोटी-बड़ी इकाइयों में अप्रशिक्षित कारीगर इस उद्योग को ऊंचाइयों पर पहुंचाते रहे हैं। दूसरा यहां डिफेंस कॉरिडोर का नोड भी विकसित हो रहा है। एनसीआर से सटा होने के कारण यहां सुगम यातायात व भूमि की उपलब्धता के चलते अच्छे निवेश की संभावनाएं हैं। इसलिए अलीगढ़ पहले चरण में शामिल है।