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आस्था: अनोखी कांवड़, भोले हैं विराजमान, 10 क्विंटल की कार दांतों से खींच हरिद्वार से अलीगढ़ ला रहे नरेंद्र
Fri, 31 Jul 2026 10:24 AM IST
Chaman Kumar Sharma
अमर उजाला नेटवर्क अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क अलीगढ़
Published by: Chaman Kumar Sharma
Updated Fri, 31 Jul 2026 10:24 AM IST
सार
नरेंद्र के साथ गांव के हरिओम शर्मा, मोना बाबा, शंकर दादा, जगत जाट और कालू भी अपने कंधों पर 41 लीटर गंगाजल लेकर कांवड़ यात्रा कर रहे हैं। नरेंद्र ने बताया कि करीब आठ महीने पहले उन्होंने 50 किलो चीनी की बोरी उठाकर दांतों से वजन खींचने की शुरुआत की थी।
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नरेंद्र चौधरी उर्फ टिकना दांतों से खींच रहा कार, जिसे भोले सवार
- फोटो : संवाद
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विस्तार
भगवान शिव के प्रति अटूट आस्था अनोखा उदाहरण पेश करते हुए जट्टारी के गांव छजूपुर निवासी 25 वर्षीय नरेंद्र चौधरी उर्फ टिकना कार को दांतों से खींचते हुए कांवड़ यात्रा कर रहे हैं। कार पर 11 लीटर गंगाजल और भगवान शिव की प्रतिमा रखी है। कार व प्रतिमा सहित कुल वजन करीब 10 क्विंटल बताया जा रहा है।
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नरेंद्र ने बताया कि उन्होंने 10 जुलाई को हरिद्वार से यात्रा शुरू की थी और 10 अगस्त तक गांव पहुंचने का लक्ष्य है। इसके बाद सावन के दूसरे सोमवार को गांव के प्राचीन अंडारेश्वर महादेव मंदिर में 11 लीटर गंगाजल से भगवान शिव का जलाभिषेक करेंगे। बृहस्पतिवार शाम तक वह जेवर हवाई अड्डा पार कर चुके थे। उन्होंने बताया कि यात्रा का उद्देश्य गोमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने और भारत को हिंदू राष्ट्र घोषित करने की मांग को जन-जन तक पहुंचाना है। उनकी यात्रा के वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहे हैं।
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गांव के कई युवक भी साथ ला रहे हैं कांवड़
नरेंद्र के साथ गांव के हरिओम शर्मा, मोना बाबा, शंकर दादा, जगत जाट और कालू भी अपने कंधों पर 41 लीटर गंगाजल लेकर कांवड़ यात्रा कर रहे हैं। नरेंद्र ने बताया कि करीब आठ महीने पहले उन्होंने 50 किलो चीनी की बोरी उठाकर दांतों से वजन खींचने की शुरुआत की थी। इसके बाद ट्रैक्टर, ट्रक और एक साथ छह वाहनों तक को दांतों से खींचने का दावा किया। मई में वह अपने गांव से वृंदावन तक कार खींचकर संत प्रेमानंद महाराज के दर्शन के लिए भी पहुंचे थे। पिता के निधन के बाद वह पैतृक खेती संभाल रहे हैं।
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