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AMU: 19 वर्ष बाद आया फैसला, अमुवि छात्र मुल्ला साबित की हत्या के तीन दोषियों को उम्रकैद, तीनों ही पूर्व छात्र

अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़ Published by: चमन शर्मा Updated Fri, 23 Jan 2026 11:06 AM IST
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सार

छात्र मुल्ला मोहम्मद साबित अली, मोहम्मद शाहनवाज खां व निजामुद्दीन के साथ हबीब हॉल के सामने ढाबे पर चाय पी रहे थे। तभी दो बाइकों पर सवार होकर चार-पांच लड़के आए। उन्होंने आते ही उन पर फायरिंग कर दी। फायरिंग में एक गोली साबित अली के बांई तरफ लगी। वह वहीं गिर गया।

Three convicted in the murder of AMU student Mulla Sabit get life imprisonment
हत्या के दोषियों को जेल ले जाते पुलिसकर्मी - फोटो : संवाद
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विस्तार
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अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के छात्र गुटों की रंजिश में एएमयू छात्र मुल्ला साबित अली की हत्या में अदालत ने तीन दोषियों को उम्रकैद से दंडित किया है। साथ में 30-30 हजार रुपये अर्थदंड भी नियत किया गया है। 19 वर्ष पुराने इस बहुचर्चित हत्याकांड में एडीजे फास्ट ट्रैक द्वितीय तारकेश्वरी सिंह की अदालत ने निर्णय सुनाया है।

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अभियोजन पक्ष के अनुसार ये घटना आठ अप्रैल 2007 की रात करीब डेढ़ बजे की है। मूल रूप से लखनऊ निवासी हबीब हॉल में रहने वाले एएमयू छात्र नबील अहमद ने सिविल लाइंस में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमें कहा था कि वह रात में अपने साथी छात्र मुल्ला मोहम्मद साबित अली, मोहम्मद शाहनवाज खां व निजामुद्दीन के साथ हबीब हॉल के सामने ढाबे पर चाय पी रहे थे। तभी दो बाइकों पर सवार होकर चार-पांच लड़के आए। उन्होंने आते ही उन पर फायरिंग कर दी। फायरिंग में एक गोली साबित अली के बांई तरफ लगी। वह वहीं गिर गया। इसके बाद आरोपी शमशाद मार्केट की तरफ भाग गए। आनन-फानन साबित अली को जेएन मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। जहां मृत घोषित कर दिया गया।
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मूल रूप से उड़ीसा जाजपुर जिले के रहने वाला मुल्ला साबित अली एएमयू में बीकॉम द्वितीय वर्ष का छात्र था। अल्लामा इकबाल हॉल में रहता था। इस संबंध में पहचानने के आधार पर एएमयू के ही बीकॉम द्वितीय वर्ष के छात्र बुलंदशहर शिकारपुर कुतुब दरवाजा के आसिफ नवी खां, बी-कॉम के छात्र छर्रा सिरौली के गीतम सिंह कुशवाह, एएमयू से निष्कासित छात्र इटावा बुलाकी मस्जिद के आबिद अंसारी उर्फ चौधरी व एक अन्य निष्कासित छात्र मोहम्मद इमरान को नामजद किया।

गीतम व आसिफ पर फायरिंग का आरोप था। पुलिस विवेचना व बयानों में उजागर हुआ कि एएमयू में छात्रसंघ चुनाव में हुए झगड़ों में दो गुटों में रंजिश पनप गई थी। इसी रंजिश में इस हत्या को अंजाम दिया गया था। पुलिस ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट, सीडीआर व बयानों के आधार पर आसिफ, गीतम और आबिद को जेल भेजा। इनसे हथियार बरामद किए। बाद में तीनों पर चार्जशीट दी। इसी मामले में न्यायालय ने तीनों को मंगलवार को साक्ष्यों व गवाही के आधार पर दोषी करार दिया। अब 22 जनवरी को उम्रकैद की सजा सुनाई है।


हत्या के बाद हुआ था बवाल
इस हत्याकांड के बाद एएमयू छात्रों ने जमकर उपद्रव किया था। जाम, हंगामा प्रदर्शन के बीच छात्रों को पुलिस ने किसी तरह समझाकर शांत किया था। पुलिस ने आनन-फानन आरोपियों की धरपकड़ के लिए अभियान चलाया था।हत्या के बाद तीनों जेल भेजे गए थे। बाद में जमानत पर आने के बाद तीनों अपने-अपने घर चले गए। अब जॉब कर रहे थे।

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