Cardiac Arrest: भोजन करने के बाद युवा कारोबारी के पेट में बनी गैस बनी, हाथ में उठा दर्द उठा, हुई मौत
दिल के अंदर का सिस्टम अचानक फेल हो जाता है। दिल धड़कना बंद कर देता है और रक्त को पंप करना रोक देता है। जिससे अचानक बेहोशी आती है। नब्ज और सांस बंद हो जाती है। व्यक्ति अचानक बेहोश हो जाता है। इसे ही कार्डियक अरेस्ट कहते हैं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
अलीगढ़ शहर के मशहूर बर्तन कारोबारी परिवार के सदस्य अंकुर कसेरे (32) की मंगलवार रात कार्डियक अरेस्ट से मौत हो गई। परिजन के अनुसार रात भोजन करने के बाद उनके पेट में गैस बनी। हाथ में दर्द उठा और कुछ देर बाद ही जान चली गई। बुधवार को चंदनिया स्थित श्मशान गृह में उनके शव का अंतिम संस्कार किया गया।
परिजन एडवोकेट पंकज गुप्ता ने बताया कि मंगलवार रात साढ़े दस बजे अंकुर ने मोबाइल पर अपने ससुर से बात की। इसके बाद रात करीब साढ़े ग्यारह बजे भोजन किया। इसके कुछ देर बाद ही उसे पेट में गैस और हाथ में कुछ दर्द महसूस हुआ, जिस पर डायजिन की गोली खाई। इसके कुछ देर बाद वह जमीन पर गिर कर बेहोश हो गए।
यह देखकर घबराए छोटे भाई अनुज ने तत्काल सीपीआर दिया, लेकिन कुछ सेकंड की राहत के बाद वह फिर बेहोश हो गए। परिजन उन्हें एक निजी ट्रामा सेंटर लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने जांच कर मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों ने मौत की वजह कार्डियक अरेस्ट बताई। अंकुर अपने पीछे 10 वर्षीय बेटी रिया, पत्नी सोनाक्षी, मंगला, अजिता सहित परिजन को रोता छोड़ गए हैं। एक माह पहले ही पिता अजय कसेरे का निधन हुआ था।
हार्ट अटैक : दिल तक रक्त पहुंचाने वाली नसों में रुकावट आ जाती है। दिल धड़कता रहता है, लेकिन रक्त न मिलने से उसमें खराबी आने लगती है। सीने में तेज दर्द, पसीना आना, सांस फूलना और कमजोरी इसके लक्षण है।
कार्डियक अरेस्ट : दिल के अंदर का सिस्टम अचानक फेल हो जाता है। दिल धड़कना बंद कर देता है और रक्त को पंप करना रोक देता है। जिससे अचानक बेहोशी आती है। नब्ज और सांस बंद हो जाती है। व्यक्ति अचानक बेहोश हो जाता है।
अनियमित दिनचर्या और तनावपूर्ण जीवनशैली से बढ़ रहा हृदय रोग
जेएन मेडिकल कॉलेज के कार्डियोलॉजी विभाग के संस्थापक वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. एएमयू रब्बानी कहते हैं कि अनियमित दिनचर्या और तनावपूर्ण जीवनशैली से हृदयरोग तेजी से बढ़ रहा है। हार्ट अटैक की घटनाएं दो दशक में तेजी से बढ़ी हैं, दो वर्ष से इसमें और इजाफा हो रहा है। कार्डियक अरेस्ट भी बढ़ रहा है।
डॉ. रब्बानी कहते हैं कि आजकल कम उम्र में हृदय रोग तेजी से बढ़ रहा है। अनियमित दिनचर्या, तनावपूर्ण जीवनशैली, धूम्रपान एवं तंबाकू सेवन, मधुमेह, उच्च रक्तचाप, मोटापा, असंतुलित आहार और शारीरिक निष्क्रियता इसके मुख्य कारण हैं। इसलिए व्यायाम करें, पौष्टिक भोजन लें, तंबाकू से दूर रहें। रक्तचाप, शुगर और कोलेस्ट्रॉल की समय-समय पर जांच कराएं। सीने में दर्द, सांस फूलना, अत्यधिक पसीना आना या अचानक कमजोरी जैसे लक्षणों को नजरअंदाज न करें। तुरंत डॉक्टर से सलाह लें। हृदय रोग की रोकथाम जागरूकता, समय पर जांच और स्वस्थ जीवनशैली से ही संभव है।