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प्रयागराज: शिक्षामित्रों के नियमितीकरण पर दो महीने में फैसला लें अपर मुख्य सचिव, इलाहाबाद हाईकोर्ट का आदेश
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: Vijay Singh Pundir
Updated Tue, 07 Apr 2026 01:26 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला।
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शिक्षामित्रों के नियमितीकरण और सहायक अध्यापक के वेतन मामले में अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा को दो माह में सकारण आदेश पारित करने का निर्देश दिया है। साथ ही याचियों को तीन हफ्ते में प्रत्यावेदन देने के लिए कहा है। यह आदेश न्यायमूर्ति मंजू रानी चौहान ने देवरिया की निघत फिरदौस की याचिका को निस्तारित करते हुए दिया है।
याची का कहना था कि वह लंबे समय से प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षामित्र के रूप में कार्यरत है। उसने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला दिया। कहा कि जग्गो बनाम भारत संघ केस व श्रीपाल व अन्य केस एवं 11 जून, 2025 के केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के निर्देशानुसार उसे नियमित कर सहायक अध्यापक का वेतन दिया जाए। कोर्ट ने कहा कि तेज बहादुर मौर्य व 114 अन्य के केस में यही मुद्दा था, जिसमें कोर्ट ने निर्देश दिए हैं। इसी फैसले के आलोक में अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा निर्णय लें।
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याची का कहना था कि वह लंबे समय से प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षामित्र के रूप में कार्यरत है। उसने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला दिया। कहा कि जग्गो बनाम भारत संघ केस व श्रीपाल व अन्य केस एवं 11 जून, 2025 के केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के निर्देशानुसार उसे नियमित कर सहायक अध्यापक का वेतन दिया जाए। कोर्ट ने कहा कि तेज बहादुर मौर्य व 114 अन्य के केस में यही मुद्दा था, जिसमें कोर्ट ने निर्देश दिए हैं। इसी फैसले के आलोक में अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा निर्णय लें।
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