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Prayagraj :पिटाई से नाराज टैक्निशियन के छात्रों ने एसआरएन अस्पताल में बंद किया एक्सरे, एमआरआई और पैथालॉजी जांच

अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Mon, 12 Jan 2026 01:34 PM IST
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सार

SRN Hospital : एसआरएन अस्पताल के टैक्निशिनय और रेडियोलॉजिस्ट के छात्रों ने हड़ताल शुरू कर दी है। इससे अस्पताल में 12 घंटे से एक्सरे, अल्ट्रासाउंड, एमआरआई और पैथालॉजी समेत सभी जांच बंद हैं। टैक्निशियन छात्र का आरोप है कि ड्यूटी का समय पूरा हो जाने के बाद भी जूनियर डॉक्टर ने उस पर काम करने का दबाव बनाया। विरोध करने पर पिटाई की और जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया। मामले की जांच के लिए सीएमएस डॉ. नीलम सिंह ने डॉ. मोहित जैन के नेतृत्व में जांच कमेटी का गठन कर दिया है। 

Angered by the beating, technician students stopped X-ray, MRI and pathology tests at SRN Hospital
एक्सरे, अल्ट्रासाउंड का काम ठप करके एसआरएन में प्रदर्शन करते प्रशिक्षु छात्र। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय के टैक्निशियन के छात्रों ने एक्सरे, अल्ट्रासाउंड एमआरआई और पैथॉलाजी समेत सभी जांच को बंद कर दिया है। इसके कारण मरीजों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। छात्रों की हड़ताल रविवार शाम छह बजे से ही बंद है। छात्र शिवम रावत का आरोप है कि रविवार शाम को ड्यूटी समाप्त होने के बाद भी एक मरीज का एक्सर करने का दबाव बनाने लगे। मना करने पर मारा पीटा। आरोप है कि ड्यूटी का समय पूरा हो जाने के बाद भी छात्रों पर काम करने का दबाव बनाया गया। मना करने पर एक छात्र की पिटाई कर दी गई। दूसरे दिन सोमवार को भी हड़ताल जारी रही। 

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मरीजों ने हल्ला मचाना शुरू कर दिया। दूर-दूर से आए तीमारदार मरीजों को व्हील चेयर और स्ट्रेचर पर लेकर खडे़ हैं। अधिकारियों के आश्वासन के बाद भी जांच शुरू नहीं हुई। सीएमएस डॉ. नीलम सिंह ने डॉ. मोहित जैन की अध्यक्षता में मामले में जांच के लिए कमेटी  का गठन कर दिया है। रिपोर्ट आने के बाद दोषी पर कार्रवाई की बात कही है। उधर, छात्रों का कहना है कि उनका ड्यूटी का समय शाम चार बजे तक है लेकिन देर रात तक जबरन काम लिया जाता है। कहा कि इस तरह के माहौल में वह काम नहीं कर पाएंगे। कहा कि जब तक आरोपी चिकित्सकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं हो जाती है तब तक वह काम नहीं करेंगे। कहा कि उनका उत्पीड़न किया जाता है और विरोध करने पर सेशन को लेट कर दिया जाता है। दो साल का कोर्स पूरा करने में तीन साल से ज्यादा का समय लगा दिया जाता है। 

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