सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   blood of trust is being spilled on the very threshold of the home; in some instances

Prayagraj : घर की चौखट पर बहाया जा रहा विश्वास का लहू, कहीं भाई तो कहीं पुत्र बना कातिल

अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Mon, 15 Jun 2026 02:17 PM IST
विज्ञापन
सार

जिले में बढ़ते अपराध के बीच एक चिंताजनक तथ्य सामने आया है। पिछले छह माह में हुईं 27 हत्याओं में से 17 मामलों में हत्यारोपी कोई बाहरी नहीं, बल्कि परिवार और रिश्तेदारी से जुड़े लोग ही निकले। कहीं संपत्ति विवाद में भाई ने जान ले ली।

blood of trust is being spilled on the very threshold of the home; in some instances
मर्डर। - फोटो : अमर उजाला।
विज्ञापन

विस्तार

जिले में बढ़ते अपराध के बीच एक चिंताजनक तथ्य सामने आया है। पिछले छह माह में हुईं 27 हत्याओं में से 17 मामलों में हत्यारोपी कोई बाहरी नहीं, बल्कि परिवार और रिश्तेदारी से जुड़े लोग ही निकले। कहीं संपत्ति विवाद में भाई ने जान ले ली। कहीं पति-पत्नी, पिता-पुत्र और अन्य पारिवारिक रिश्तों के बीच उपजे विवाद खूनी संघर्ष में बदल गए।

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, दिसंबर 2025 से 13 जून 2026 तक जिले में हत्या की 27 वारदात दर्ज की गईं। इनमें अधिकतर मामलों की जांच में घरेलू कलह, पारिवारिक विवाद, अवैध संबंधों को लेकर तनाव, संपत्ति बंटवारा और आपसी रंजिश हत्या की मुख्य वजह बनकर सामने आई है।

विज्ञापन
विज्ञापन


हाल ही में साउथ मलाका में कारोबारी वीरेंद्र कुमार वैश्य के परिवार के चार लोगों की हत्या ने पूरे जिले को झकझोर दिया। इसमें तीन हत्याओं का आरोप परिवार के बेटे पर है। इसके बाद कर्नलगंज में बेटे ने सिर्फ इस बात पर पिता रामदुलारे कोरी की हत्या कर दी कि भरण-पोषण नहीं देना पड़ेगा। भावनाओं से ओतप्रोत ऐसे रिश्तों के कत्ल की मानसिकता के पीछे उपजे सवालों के जवाब खोज पाना समाजशास्त्रियों के लिए भी चुनौतीपूर्ण हो रहा है। पुलिस अफसरों का कहना है कि अधिकतर मामलों में आरोपी पीड़ित के करीबी रिश्तेदार या परिचित रहे हैं।

विज्ञापन

पारिवारिक रिश्तों में संवाद की कमी- डॉ. ईशान्या

नैदानिक मनोवैज्ञानिक डॉ. ईशान्या राज का कहना है कि पारिवारिक रिश्तों में संवाद की कमी बढ़ी है। सहनशीलता और आत्मसंतोष में लगातार गिरावट आ रही रही है। आर्थिक दबाव और लालच का स्तर बढ़ा है। इन सभी कारणों से इन्सान में तनाव बढ़ता है। छोटी-छोटी बातों पर होने वाले विवाद समय रहते नहीं सुलझते और कई बार गंभीर रूप ले लेते हैं। उनका कहना है कि परिवारों में आपसी बातचीत और भावनात्मक जुड़ाव कम होने से रिश्तों में दूरियां बढ़ रही हैं। इसका असर सामाजिक व्यवहार पर भी पड़ रहा है।

 

केस-एक

जनवरी 2026 को मऊआइमा के लोकापुर बिसानी गांव में नए साल की शुरुआत में प्रयागराज तिहरे हत्याकांड से दहल उठा। युवक ने जमीन के बंटवारे के विवाद में पिता, बहन और भांजी की कुल्हाड़ी से हत्या कर दी। वारदात के बाद शवों को कुएं में फेंक दिया।

केस-दो

जून 2026 में साउथ मलाका में लूटपाट के लिए कारोबारी वीरेंद्र कुमार वैश्य, उनकी पत्नी अनीता, बेटी मीनाक्षी को बेटे अभिषेक ने लोहे की रॉड से मौत के घाट उतार दिया। इसके बाद बंटवारे में गड़बड़ी करने पर अभिषेक के दोस्त ने उसकी ही हत्या कर दी थी।

केस-तीन

जून 2026 में ही कर्नलगंज के विश्वविद्यालय पुलिस चौकी के पास छोटे बेटे अखिलेश ने पिता रामदुलारे कोरी (70) की गोली मारकर हत्या कर दी। पिता के सीने में तमंचा सटाकर गोली मार रहे बेटे की हरकत सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। पिता को भरण-पोषण का खर्च देने से बचने के लिए हत्या की वजह सामने आई थी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed