तीर्थनगरी में संस्कृतियों के समागम से पहले समस्याओं का महाकुंभ लगने लगा है। बांसमंडी में पीडीए के विकास का पहिया किस कदर उल्टी दिशा में घूमने लगा है, इसे देखकर आप हैरान रह जाएंगे। सात मीटर चौड़ी सड़क के दोनों तरफ नाली निर्माण के लिए डेढ़-डेढ़ मीटर खोदाई कर छोड़े जाने से जिंदगी की गाड़ी ठहर सी गई है। पानी की पाइपें जेसीबी से टूट कर नष्ट हो गई हैं उन्हीं गड्ढों में अब पानी भरकर सुबह-शाम घरों-दुकानों से लेकर सड़क तक पहुंच रहा रहा है। मंडी में भीषण जाम की वजह से ग्राहकों के न आने से कारोबारी सुबह से शाम तक धूल फांक रहे हैं।
Prayagraj : पीडीए ने मुट्ठीगंज के बासमंडी में लगाया समस्याओं का महाकुंभ, कारोबार और जनजीवन प्रभावित
प्रयागराज विकास प्राधिकरण (पीडीए) ने मुट्ठीगंज के तिलक नगर रोड स्थित बांसमंडी में रहने वालों की परेशानी बढ़ा दी है। नाली निर्माण के लिए जेसीबी से खुदाई करके ठेकेदार और उसके लोग गायब हो गए हैं। अधूरा निर्माण के चलते लोगों को दिक्कत हो रही है। लोग अपने घरों में अस्थायी पुल बनाकर आवागमन कर रहे हैं।
महीने भर पहले पीडीए की ओर से महाकुंभ के तहत सेठी हार्डवेयर के पास से विंध्यवासिनी आयरन स्टोर के बीच इंटरलॉकिंग तोड़कर बांईं पटरी की खोदाई कराई जाने लगी। जब व्यापारियों ने विरोध किया तब ठेकेदार का कहना था कि रात में सौ मीटर खोदाई कर स्लैब बना दिया जाएगा। तब काम आगे होगा। वहां रहने वाले डॉ. कौस्तुभ तिवारी बताते हैं कि दुकानों के आगे तीन मीटर से अधिक गहरा और डेढ़ मीटर चौड़ी खोदाई कर मलबा सड़क पर ही डाला जाने लगा।
तब जेई-ठेकेदार का कहना था कि एक पटरी पर नाली बनने के बाद दूसरी तरफ खोदाई कराई जाएगी, लेकिन पांच दिन बाद ही दूसरी तरफ भी गहरी खोदाई जेसीबी के कराई जाने लगी। इससे दर्जनों घरों की पेयजल पाइप लाइन टूट गई। पानी घरों से दुकानों तक घुसने लगा। शिकायत पर ठेकेदार ने दूसरी पाइप जोड़वाई, लेकिन वह घटिया किस्म की होने की वजह लिकेज कर रही है।
सौ मीटर प्रतिदिन खोदाई कर नाली के लिए स्लैब ढालने का लक्ष्य था, लेकिन महीने भर से गड्ढे खोद कर छोड़ दिए गए हैं। जाम लगने से व्यवसाय बुरी तरह प्रभावित हो गया है। - जय श्याम तिवारी- कारोबारी।
मेरी पत्नी को शुक्रवार को प्रसव पीड़ा होने लगी। घर से अस्पताल तक जाने में पसीने छूट गए। घर से बाहर कार तक उनको लाना मुश्किल हो गया। जाम में फंसना पड़ा। अब अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद वहीं उनको रोकना पड़ा है। - सुनीश जायसवाल।
150 से अधिक दुकानें इस मंडी में प्रभावित हुई हैं। जाम लगने की वजह से ग्राहकों ने आना बंद कर दिया है। कारोबारी दिन भर राह देखते रह जा रहे हैं। - डॉ. कौस्तुभ तिवारी
पहली पटरी का काम अधूरा छोड़कर दूसरी पटरी की भी खोदाई किए जाने से मुसीबत पैदा हो गई है। कारोबार तो ठप ही है, घरों से बच्चों, बुजुर्गों का निकलना दूभर हो गया है। - राजू जायसवाल।
मेरे हैंडलूम स्टोर में पहले जहां 10 हजार से अधिक की रोजाना बिक्री थी, वहीं अब पांच सौ रुपये की बोहनी के भी लाले पड़ गए हैं। जाम लगने की वजह से ग्राहक नहीं आ रहे हैं। - ईशान जायसवाल-कपड़ा व्यवसायी।
जेसीबी से मनमाना खोदाई की वजह से सबके घरों के पेयजल के कनेक्शन टूट गए हैं। इस वजह से पेयजल संकट पैदा हो गया है। लोग बाहर से पानी मंगाने के लिए मजबूर हैं। - मनु जायसवाल- कारोबारी।
पाइप लाइनें टूटने से घरों में मटमैला, गंगा पानी आ रहा है। इस वजह से लोग परेशान हैं। हर रोज सुबह शाम जलकल की टूटी पाइप लाइनों से हजारों लीटर पानी बर्बाद हो रहा है अलग से। - राजीव जायसवाल
ठेकेदार के मुंशी ने शिकायत करने के बाद कुछ घरों में पाइप लाइन का कनेक्शन जोड़वाया है, लेकिन घटिया पाइप लीक कर रही है और पानी बहने से परेशानी बढ़ गई है।
-राजेश जायसवाल
कुंभ के तहत चौड़ी नाली के निर्माण के लिए महीने भर से सड़क की दोनों पटरियों पर गहरी खोदाई अब कारोबार और घर दोनों के लिए जंजाल बन गई है। - पंकज जायसवाल।
जेसीबी से घरों के पानी के कनेक्शन कटने से नाली का पानी नहर बनकर दुकानों-घरों में घुस रहा है। कारोबार ठप होने से पस्त लोग गुहार लगा रहे हैं, लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है। - आशीष कुमार शुक्ल