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Ambedkar Nagar News: कंपनी की डीलरशिप दिलाने पर ठगे 5.98 लाख
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
Updated Fri, 20 Feb 2026 01:34 AM IST
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साइबर थाना कार्यालय भवन।
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अंबेडकरनगर। अकबरपुर के विजयगांव निवासी व्यवसायी रणजीत सिंह को जालसाजों ने रिलायंस कैंपा कोला की डीलरशिप दिलाने के नाम पर ठगी का शिकार बनाया। जालसाजों ने व्यापारी को अपने झांसे में लेकर 5.98 लाख रुपये मुंबई स्थित कोटक महिंद्रा बैंक शाखा में स्थानांतरित करा लिए। ठगी की जानकारी होने पर पीड़ित ने पुलिस से शिकायत की, जिस पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की गई है।
पीड़ित रणजीत सिंह के मुताबिक वह लक्ष्मी ट्रेडिंग कंपनी के प्रोपराइटर हैं। 18 जनवरी को उनके मोबाइल पर एक फोन आया। फोन करने वाले व्यक्ति ने अपना नाम आकाश गुप्ता बताया और खुद को कैंपा कोला कंपनी का सेल्समैन बताया। व्यवसायी को अंबेडकरनगर जिले की डीलरशिप देने का प्रस्ताव दिया और अपनी मेल आईडी भेजने को कहा।
20 जनवरी को उन्हें मेल पर डीलरशिप से संबंधित कागजात मिले। कागज देखने पर असली जैसे प्रतीत हुए। इसके बाद रणजीत को अमित सिंह का फोन आया, जिसने खुद को कंपनी का अधिकारी बताते हुए 49,500 रुपये कोटक महिंद्रा बैंक शाखा नरीमन पॉइंट मुंबई में जमा करने को कहा। उन्होंने नेफ्ट के माध्यम से धनराशि बताए गए खाते में भेज दी।
23 जनवरी को एक बार फिर कंपनी की ओर से ऑर्डर आने की बात कहकर 50 प्रतिशत धनराशि के रूप में 3,24,850 रुपये जमा कराए। 28 जनवरी को 2.24 लाख रुपये की राशि को सिक्योरिटी मनी के तौर पर जमा करवा लिए। इसके बाद पांच फरवरी 2026 को माल पहुंचने का आश्वासन दिया गया। इसके बाद एक बार फिर फोन कर 80 हजार रुपये और जमा करने की बात कही गई तो पीड़ित को ठगी का एहसास हुआ। इसके बाद कई बार फोन किए, लेकिन संपर्क नहीं हुआ तो पुलिस से शिकायत की। साइबर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
ठगी से बचने के लिए सुझाव
सीओ साइबर क्राइम शुभम कुमार ने बताया कि किसी भी कंपनी की डीलरशिप लेने से पहले उसकी आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर या सीधे कंपनी के ग्राहक सेवा नंबर पर संपर्क करके उसकी प्रामाणिकता की पुष्टि अवश्य करें। केवल मेल पर आए कागजातों या फोन पर हुई बातचीत पर विश्वास न करें।
अपनी मेल आईडी, बैंक खाते का विवरण या अन्य संवेदनशील व्यक्तिगत जानकारी किसी भी अपरिचित व्यक्ति के साथ साझा न करें, खासकर अगर वे फोन या ईमेल पर आपसे संपर्क कर रहे हों। डीलरशिप प्राप्त करने की प्रक्रिया में लगने वाले सभी शुल्कों की सूची प्राप्त करें और प्रत्येक शुल्क के बारे में स्पष्टीकरण मांगें। यदि कोई शुल्क संदिग्ध लगे, तो उसका भुगतान करने से बचें। हैंडलिंग चार्ज या एजेंट फीस जैसे अतिरिक्त शुल्क अवैध हो सकते हैं।
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पीड़ित रणजीत सिंह के मुताबिक वह लक्ष्मी ट्रेडिंग कंपनी के प्रोपराइटर हैं। 18 जनवरी को उनके मोबाइल पर एक फोन आया। फोन करने वाले व्यक्ति ने अपना नाम आकाश गुप्ता बताया और खुद को कैंपा कोला कंपनी का सेल्समैन बताया। व्यवसायी को अंबेडकरनगर जिले की डीलरशिप देने का प्रस्ताव दिया और अपनी मेल आईडी भेजने को कहा।
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20 जनवरी को उन्हें मेल पर डीलरशिप से संबंधित कागजात मिले। कागज देखने पर असली जैसे प्रतीत हुए। इसके बाद रणजीत को अमित सिंह का फोन आया, जिसने खुद को कंपनी का अधिकारी बताते हुए 49,500 रुपये कोटक महिंद्रा बैंक शाखा नरीमन पॉइंट मुंबई में जमा करने को कहा। उन्होंने नेफ्ट के माध्यम से धनराशि बताए गए खाते में भेज दी।
23 जनवरी को एक बार फिर कंपनी की ओर से ऑर्डर आने की बात कहकर 50 प्रतिशत धनराशि के रूप में 3,24,850 रुपये जमा कराए। 28 जनवरी को 2.24 लाख रुपये की राशि को सिक्योरिटी मनी के तौर पर जमा करवा लिए। इसके बाद पांच फरवरी 2026 को माल पहुंचने का आश्वासन दिया गया। इसके बाद एक बार फिर फोन कर 80 हजार रुपये और जमा करने की बात कही गई तो पीड़ित को ठगी का एहसास हुआ। इसके बाद कई बार फोन किए, लेकिन संपर्क नहीं हुआ तो पुलिस से शिकायत की। साइबर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
ठगी से बचने के लिए सुझाव
सीओ साइबर क्राइम शुभम कुमार ने बताया कि किसी भी कंपनी की डीलरशिप लेने से पहले उसकी आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर या सीधे कंपनी के ग्राहक सेवा नंबर पर संपर्क करके उसकी प्रामाणिकता की पुष्टि अवश्य करें। केवल मेल पर आए कागजातों या फोन पर हुई बातचीत पर विश्वास न करें।
अपनी मेल आईडी, बैंक खाते का विवरण या अन्य संवेदनशील व्यक्तिगत जानकारी किसी भी अपरिचित व्यक्ति के साथ साझा न करें, खासकर अगर वे फोन या ईमेल पर आपसे संपर्क कर रहे हों। डीलरशिप प्राप्त करने की प्रक्रिया में लगने वाले सभी शुल्कों की सूची प्राप्त करें और प्रत्येक शुल्क के बारे में स्पष्टीकरण मांगें। यदि कोई शुल्क संदिग्ध लगे, तो उसका भुगतान करने से बचें। हैंडलिंग चार्ज या एजेंट फीस जैसे अतिरिक्त शुल्क अवैध हो सकते हैं।