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Amethi News: थम नहीं रहा वकीलों का आक्रोश
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Fri, 20 Feb 2026 12:41 AM IST
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मुसाफिरखाना। तहसील परिसर में बृहस्पतिवार को अधिवक्ताओं के विरोध के चलते न्यायिक कार्य प्रभावित रहा। अदालतों में सूचीबद्ध मामलों की सुनवाई नहीं हो सकी। सुबह से दस्तावेज और गवाहों के साथ पहुंचे वादकारी पूरे दिन प्रतीक्षा करते रहे, बाद में नई तारीख लेकर लौट गए।
एसडीएम न्यायालय में 26, एसडीएम न्यायिक में 48, तहसीलदार के यहां 40, नायब तहसीलदार मुसाफिरखाना में 33 और नायब तहसीलदार जगदीशपुर में 26 प्रकरण नियत थे। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष वेद प्रकाश शुक्ल के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने प्रदर्शन किया और न्यायिक कार्य से विरत रहे।
तहसील गेट तक मार्च और नारेबाजी के बाद सड़क पर धरना दिया गया, जिससे कुछ समय आवागमन भी प्रभावित रहा। दोपहर बाद बार सभागार में बैठक हुई। इसमें न्यायिक कार्य में सहयोग न करने का निर्णय लिया गया। सप्ताह में एक दिन कस्बे में जुलूस निकालकर विरोध दर्ज कराने की घोषणा की गई।
वकीलों ने नहीं किया काम, मायूस लौटे वाद कारी
तिलोई। तहसील परिसर में बृहस्पतिवार को न्यायिक अधिकारी अदालतों में नहीं बैठे। उपजिलाधिकारी न्यायालय में 83, उपजिलाधिकारी न्यायिक में 94, तहसीलदार के यहां 32, तहसीलदार न्यायिक में 29, नायब तहसीलदार उत्तरी में 26 और नायब तहसीलदार दक्षिणी में 21 मुकदमे सुनवाई के लिए तय थे। वकीलों ने न्यायिक कार्य नहीं किया। कार्य स्थगित होने से दो सौ से अधिक वाद प्रभावित हुए। वादकारी दिनभर प्रतीक्षा के बाद अगली तारीख लेकर लौटे। तहसील बार एसोसिएशन के महामंत्री सुरेंद्र कुमार शुक्ला ने निर्णय की पुष्टि की। (संवाद)
इंसेट
गौरीगंज तहसील में सुनवाई से मिली राहत
अमेठी सिटी। गौरीगंज तहसील परिसर में बृहस्पतिवार को न्यायालयों का कार्य सामान्य रहा। डीएम, एडीएम, एडीएम न्यायिक, डीडीसी चकबंदी, बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी, उपभोक्ता फोरम, एसडीएम और तहसीलदार न्यायालय में सूचीबद्ध वादों पर सुनवाई हुई। कई मामलों में बहस पूरी की गई और कुछ प्रकरणों में गवाहों को अगली तिथि पर उपस्थित होने का निर्देश दिया गया। सुनवाई जारी रहने से वादकारियों को राहत मिली। (संवाद)
इंसेट
एसडीएम न्यायिक कोर्ट में नहीं हुई सुनवाई
अमेठी। तहसील परिसर में बृहस्पतिवार को एसडीएम न्यायिक न्यायालय का संचालन नहीं हो सका, जिससे सूचीबद्ध मामलों की सुनवाई टल गई। न्यायालय में तय 10 प्रकरणों पर कार्रवाई नहीं हुई और पहुंचे वादकारियों को नई तारीख लेकर लौटना पड़ा। अन्य न्यायालयों में कार्य सामान्य रहा। दूरदराज से आए पक्षकारों ने बताया कि तय तिथि पर उपस्थित होने के बावजूद सुनवाई न होना समय और धन दोनों की दृष्टि से नुकसानदेह है। उन्होंने नियमित संचालन सुनिश्चित करने की मांग की। (संवाद)
एसडीएम न्यायालय में 26, एसडीएम न्यायिक में 48, तहसीलदार के यहां 40, नायब तहसीलदार मुसाफिरखाना में 33 और नायब तहसीलदार जगदीशपुर में 26 प्रकरण नियत थे। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष वेद प्रकाश शुक्ल के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने प्रदर्शन किया और न्यायिक कार्य से विरत रहे।
तहसील गेट तक मार्च और नारेबाजी के बाद सड़क पर धरना दिया गया, जिससे कुछ समय आवागमन भी प्रभावित रहा। दोपहर बाद बार सभागार में बैठक हुई। इसमें न्यायिक कार्य में सहयोग न करने का निर्णय लिया गया। सप्ताह में एक दिन कस्बे में जुलूस निकालकर विरोध दर्ज कराने की घोषणा की गई।
वकीलों ने नहीं किया काम, मायूस लौटे वाद कारी
तिलोई। तहसील परिसर में बृहस्पतिवार को न्यायिक अधिकारी अदालतों में नहीं बैठे। उपजिलाधिकारी न्यायालय में 83, उपजिलाधिकारी न्यायिक में 94, तहसीलदार के यहां 32, तहसीलदार न्यायिक में 29, नायब तहसीलदार उत्तरी में 26 और नायब तहसीलदार दक्षिणी में 21 मुकदमे सुनवाई के लिए तय थे। वकीलों ने न्यायिक कार्य नहीं किया। कार्य स्थगित होने से दो सौ से अधिक वाद प्रभावित हुए। वादकारी दिनभर प्रतीक्षा के बाद अगली तारीख लेकर लौटे। तहसील बार एसोसिएशन के महामंत्री सुरेंद्र कुमार शुक्ला ने निर्णय की पुष्टि की। (संवाद)
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अमेठी। तहसील परिसर में बृहस्पतिवार को एसडीएम न्यायिक न्यायालय का संचालन नहीं हो सका, जिससे सूचीबद्ध मामलों की सुनवाई टल गई। न्यायालय में तय 10 प्रकरणों पर कार्रवाई नहीं हुई और पहुंचे वादकारियों को नई तारीख लेकर लौटना पड़ा। अन्य न्यायालयों में कार्य सामान्य रहा। दूरदराज से आए पक्षकारों ने बताया कि तय तिथि पर उपस्थित होने के बावजूद सुनवाई न होना समय और धन दोनों की दृष्टि से नुकसानदेह है। उन्होंने नियमित संचालन सुनिश्चित करने की मांग की। (संवाद)
एसडीएम न्यायालय में 26, एसडीएम न्यायिक में 48, तहसीलदार के यहां 40, नायब तहसीलदार मुसाफिरखाना में 33 और नायब तहसीलदार जगदीशपुर में 26 प्रकरण नियत थे। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष वेद प्रकाश शुक्ल के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने प्रदर्शन किया और न्यायिक कार्य से विरत रहे।
तहसील गेट तक मार्च और नारेबाजी के बाद सड़क पर धरना दिया गया, जिससे कुछ समय आवागमन भी प्रभावित रहा। दोपहर बाद बार सभागार में बैठक हुई। इसमें न्यायिक कार्य में सहयोग न करने का निर्णय लिया गया। सप्ताह में एक दिन कस्बे में जुलूस निकालकर विरोध दर्ज कराने की घोषणा की गई।
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