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Bahraich News: फर्जी वसीयत से पैतृक संपत्ति हड़पने का आरोप
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हराइच/शिवपुर। पैतृक संपत्ति को कथित रूप से फर्जी वसीयत के जरिए हड़पने के आरोप में पुलिस ने सात नामजद और एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामला नानपारा तहसील क्षेत्र की जमीन से जुड़ा है।
कानपुर नगर निवासी स्वाति अग्रवाल की तहरीर पर दर्ज मुकदमे में कहा गया है कि उनके पिता रामगोपाल अग्रवाल मूल रूप से नानपारा क्षेत्र के निवासी हैं। उनकी पैतृक संपत्तियां नानपारा तहसील के जुबलीगंज और भोपतपुर बेलवा गांव में स्थित हैं। इन संपत्तियों के मूल स्वामी उनके दादा हरीराम अग्रवाल और चाचा गिरधारी लाल अग्रवाल थे।
शिकायत के अनुसार, दादा की मृत्यु के बाद संपत्तियों का न तो पारिवारिक स्तर पर और न ही राजस्व अभिलेखों में विधिवत बंटवारा हुआ। आरोप है कि इसी स्थिति का फायदा उठाते हुए रामगोपाल अग्रवाल के भाई रामकिशोर अग्रवाल समेत अन्य लोगों ने 27 अक्तूबर 1998 की एक वसीयत तैयार कर ली, जिसे हरीराम अग्रवाल के नाम से दर्शाया गया है।
तहरीर में दावा किया गया है कि प्रस्तुत की जा रही वसीयत फर्जी है और उसमें रवि कुमार व सोमप्रकाश को गवाह के रूप में दर्शाया गया है। आरोप है कि इसी दस्तावेज के आधार पर संपत्ति पर एकतरफा दावा किया जा रहा है।
पीड़िता के अनुसार, हाल ही में जब उनके पिता पैतृक गांव पहुंचे, तब इस कथित फर्जीवाड़े की जानकारी हुई। इससे पहले रामकिशोर अग्रवाल ही संपत्ति की देखरेख कर रहे थे।
प्रभारी निरीक्षक राजनाथ सिंह ने बताया कि मामले में सात नामजद और एक अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
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कानपुर नगर निवासी स्वाति अग्रवाल की तहरीर पर दर्ज मुकदमे में कहा गया है कि उनके पिता रामगोपाल अग्रवाल मूल रूप से नानपारा क्षेत्र के निवासी हैं। उनकी पैतृक संपत्तियां नानपारा तहसील के जुबलीगंज और भोपतपुर बेलवा गांव में स्थित हैं। इन संपत्तियों के मूल स्वामी उनके दादा हरीराम अग्रवाल और चाचा गिरधारी लाल अग्रवाल थे।
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शिकायत के अनुसार, दादा की मृत्यु के बाद संपत्तियों का न तो पारिवारिक स्तर पर और न ही राजस्व अभिलेखों में विधिवत बंटवारा हुआ। आरोप है कि इसी स्थिति का फायदा उठाते हुए रामगोपाल अग्रवाल के भाई रामकिशोर अग्रवाल समेत अन्य लोगों ने 27 अक्तूबर 1998 की एक वसीयत तैयार कर ली, जिसे हरीराम अग्रवाल के नाम से दर्शाया गया है।
तहरीर में दावा किया गया है कि प्रस्तुत की जा रही वसीयत फर्जी है और उसमें रवि कुमार व सोमप्रकाश को गवाह के रूप में दर्शाया गया है। आरोप है कि इसी दस्तावेज के आधार पर संपत्ति पर एकतरफा दावा किया जा रहा है।
पीड़िता के अनुसार, हाल ही में जब उनके पिता पैतृक गांव पहुंचे, तब इस कथित फर्जीवाड़े की जानकारी हुई। इससे पहले रामकिशोर अग्रवाल ही संपत्ति की देखरेख कर रहे थे।
प्रभारी निरीक्षक राजनाथ सिंह ने बताया कि मामले में सात नामजद और एक अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
