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बरेली नमाज प्रकरण: हाईकोर्ट ने डीएम-एसएसपी को किया तलब, उपस्थित नहीं होने पर जारी होगा गैर-जमानती वारंट

अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज/बरेली Published by: Mukesh Kumar Updated Thu, 12 Mar 2026 11:34 AM IST
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सार

बरेली में घर में नमाज पढ़ने पर पीड़ित के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई की। उसे धमकाया भी गया। इस मामले को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गंभीरता से लिया है। कोर्ट ने बरेली के डीएम और एसएसपी को अवमानना का दोषी मानते हुए 23 मार्च को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का आदेश दिया है। 

Allahabad High Court summons DM-SSP non-bailable warrant to be issued if they do not appear
इलाहाबाद हाईकोर्ट। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बरेली में एक घर में नमाज पढ़ने पर पुलिसिया कार्रवाई और उसके बाद पीड़ित को मिलीं धमकियों को गंभीरता से लिया है। कोर्ट ने डीएम अविनाश सिंह और एसएसपी अनुराग आर्य को अवमानना का दोषी मानते हुए 23 मार्च को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का आदेश दिया है। कहा है कि तय समय पर उपस्थित नहीं होते हैं तो गैर-जमानती वारंट जारी किया जाएगा।  
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यह आदेश न्यायमूर्ति अतुल श्रीधरन और न्यायमूर्ति सिद्धार्थ नंदन की खंडपीठ ने तारिक खान की याचिका पर दिया है। बुधवार को मामले की सुनवाई के दौरान घर के मालिक हसीन खान ने अदालत के सामने बयान दर्ज कराया। बताया कि 16 जनवरी 2026 को परिवार के साथ वह घर में नमाज पढ़ रहे थे, तब पुलिस उन्हें उठाकर ले गई और उनका चालान कर दिया। 
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याची की दलील... अदालत में सच बोला तो घर पर चला दिया जाएगा बुलडोजर
हसीन खान ने आरोप लगाया कि उन पर दबाव बनाया गया। धमकी दी गई कि यदि उन्होंने अदालत में सच बोला तो घर पर बुलडोजर चला दिया जाएगा। यह भी खुलासा किया कि वह अनपढ़ हैं और पुलिस ने उन्हें गांव के बाहर ले जाकर घेर लिया। जबरन एक लिखित दस्तावेज पर उनका अंगूठा लगवा लिया, जिसे वह पढ़ नहीं सके थे। कोर्ट ने इन आरोपों को देखते हुए आदेश दिया है कि हसीन खान को तत्काल प्रभाव से 24 घंटे दो सशस्त्र गार्डों की सुरक्षा प्रदान की जाए।

नुकसान पर राज्य सरकार होगी जिम्मेदार : कोर्ट
हाईकोर्ट ने यह भी साफ कर दिया है कि यदि हसीन खान या उनकी संपत्ति को कोई नुकसान पहुंचता है तो इसके लिए सीधे तौर पर राज्य सरकार को जिम्मेदार माना जाएगा। इस आदेश की प्रति महाधिवक्ता कार्यालय को भेज दी जाए, ताकि पीड़ित को आज से ही सुरक्षा मुहैया कराई जा सके।

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