बरेली नमाज प्रकरण: हाईकोर्ट ने डीएम-एसएसपी को किया तलब, उपस्थित नहीं होने पर जारी होगा गैर-जमानती वारंट
बरेली में घर में नमाज पढ़ने पर पीड़ित के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई की। उसे धमकाया भी गया। इस मामले को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गंभीरता से लिया है। कोर्ट ने बरेली के डीएम और एसएसपी को अवमानना का दोषी मानते हुए 23 मार्च को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का आदेश दिया है।
विस्तार
हसीन खान ने आरोप लगाया कि उन पर दबाव बनाया गया। धमकी दी गई कि यदि उन्होंने अदालत में सच बोला तो घर पर बुलडोजर चला दिया जाएगा। यह भी खुलासा किया कि वह अनपढ़ हैं और पुलिस ने उन्हें गांव के बाहर ले जाकर घेर लिया। जबरन एक लिखित दस्तावेज पर उनका अंगूठा लगवा लिया, जिसे वह पढ़ नहीं सके थे। कोर्ट ने इन आरोपों को देखते हुए आदेश दिया है कि हसीन खान को तत्काल प्रभाव से 24 घंटे दो सशस्त्र गार्डों की सुरक्षा प्रदान की जाए।
नुकसान पर राज्य सरकार होगी जिम्मेदार : कोर्ट
हाईकोर्ट ने यह भी साफ कर दिया है कि यदि हसीन खान या उनकी संपत्ति को कोई नुकसान पहुंचता है तो इसके लिए सीधे तौर पर राज्य सरकार को जिम्मेदार माना जाएगा। इस आदेश की प्रति महाधिवक्ता कार्यालय को भेज दी जाए, ताकि पीड़ित को आज से ही सुरक्षा मुहैया कराई जा सके।