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बरेली में दर्दनाक घटना: बंदर ने मारा झपट्टा, छत से गिरकर तीन साल की बच्ची की मौत

संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली Published by: Mukesh Kumar Updated Fri, 06 Mar 2026 06:39 AM IST
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सार

बरेली के गांव मुड़िया अहमदनगर में बंदरों के उत्पात से एक मासूम बच्ची की जान चली गई। बच्ची छत पर खेल रही थी, तभी एक बंदर उस पर झपटा। बच्ची डरकर भागी तो वह छत से सड़क पर गिर गई, जिससे उसकी मौत हो गई। 

Three-year-old girl dies after being attacked by a monkey in Bareilly
तनिष्का का फाइल फोटो - फोटो : संवाद
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विस्तार

बरेली के थाना इज्जतनगर के गांव मुड़िया अहमदनगर में एक परिवार में बुधवार को होली के उल्लास के बीच एक चीख ने सन्नाटा पसार दिया। घर की छत पर होली खेल रही तीन वर्षीय मासूम बच्ची बंदर की घुड़की से डरकर भागी तो अनियंत्रित होकर सड़क पर जा गिरी। परिजन उसे तुरंत शहर के निजी अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

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ग्रामीणों ने बताया कि अर्जुन साहू की तीन साल की बेटी आकांक्षा उर्फ तनिष्का बुधवार सुबह परिवार के अन्य बच्चों के साथ घर की छत पर होली खेल रही थी। इस दौरान बंदरों का एक झुंड वहां आ गया। तनिष्का के हाथ में गुलाल की थैली देख एक बंदर ने उसकी ओर झपट्टा मारते हुए घुड़की दी। इससे बच्ची बुरी तरह सहम गई। 
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डर से पीछे हटते समय उसका संतुलन बिगड़ गया और वह नीचे सड़क पर जा गिरी। बच्ची की चीख सुनकर परिवार के लोग दौड़े तो देखा कि बच्ची के सिर से काफी खून बह रहा है। वह तनिष्का को तत्काल शहर के अस्पताल ले गए। यहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

आंगनबाड़ी केंद्र में पढ़ती थी बच्ची
ग्रामीणों ने बताया कि अर्जुन मजदूरी करके परिवार पालते हैं। उनकी दो बेटियों में तनिष्का दूसरे नंबर की थी। वह गांव के ही आंगनबाड़ी केंद्र पर पढ़ने जाती थी। जैसे ही बच्ची की मौत की खबर मां ममता को मिली, वह बेहोश हो गईं। तनिष्का की बड़ी बहन भी रो रही थी। आसपास के कई घरों में खाना नहीं बना।

बंदरों की बढ़ती तादाद से ग्रामीणों में गुस्सा
मुड़िया अहमदनगर के ग्रामीणों में इस घटना को लेकर गहरा रोष है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में बंदरों की तादाद तेजी से बढ़ रही है। आए दिन वह बच्चों और बुजुर्गों पर हमला करते हैं। ग्राम प्रधान धर्मेंद्र पटेल ने कहा कि यह घटना अत्यंत दुखद है। बंदरों की वजह से गांव में बच्चों का बाहर निकलना और छत पर जाना मुश्किल हो गया है। 

शिकायतों के बाद भी संबंधित विभाग बंदरों को पकड़ने पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। प्रधान ने कहा कि प्रशासन से शीघ्र बंदरों को पकड़वाने के लिए अभियान चलाने की मांग करेंगे ताकि ऐसी घटना दोबारा न हो।

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