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Bijnor: 'पैसे दोगे तो ही काम करूंगा', पंचायत सचिव ने कर दी शिकायत, विजिलेंस ने रंगेहाथ पकड़ा डीपीआरओ

अमर उजाला नेटवर्क, बिजनौर Published by: Mohd Mustakim Updated Wed, 08 Apr 2026 05:30 PM IST
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सार

जिला पंचायत राज अधिकारी रिजवान अहमद एक काम की एवज में एक पंचायत सचिव से रिश्वत की मांग कर रहा था। सचिव ने विजिलेंस में शिकायत कर दी। इसके बाद जाल बिछाकर डीपीआरओ को गिरफ्तार कर लिया गया।

Bijnor: 'I will work only if you give me money', Panchayat Secretary complained, Vigilance caught DPRO
गिरफ्तार किया गया डीपीआरओ (चेक शर्ट में)। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत विजिलेंस बरेली की टीम ने बिजनौर विकास भवन में कार्यरत जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) रिजवान अहमद को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई एक पंचायत सचिव की शिकायत पर की गई है।
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सूत्रों के अनुसार, डीपीआरओ रिजवान अहमद ने पंचायत सचिव से एक लंबित काम को पूरा करने के एवज में 50 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। पंचायत सचिव इस रकम को देने में असमर्थ थे और उन्होंने इस संबंध में विजिलेन्स टीम से संपर्क साधा। विजिलेंस टीम ने शिकायत की सत्यता की पुष्टि के लिए जाल बिछाया और योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई को अंजाम दिया।
 
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योजना के तहत, जब रिजवान अहमद ने सचिव से 20 हजार रुपये की पहली किस्त के रूप में रिश्वत ली, तभी विजिलेंस टीम ने उसे दबोच लिया। रिश्वत की रकम बरामद होने के बाद डीपीआरओ रिजवान अहमद को तत्काल गिरफ्तार कर लिया गया। इस गिरफ्तारी से प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है।
 

यह घटना बिजनौर के विकास भवन में व्याप्त भ्रष्टाचार की ओर इशारा करती है, जहां सरकारी अधिकारी अपने पद का दुरुपयोग कर आम लोगों के काम करने के बदले अनुचित लाभ की मांग करते हैं। विजिलेंस टीम की यह कार्रवाई एक महत्वपूर्ण कदम है और उम्मीद है कि इससे अन्य भ्रष्ट अधिकारियों पर भी नकेल कसी जाएगी।
 

फिलहाल, रिजवान अहमद से पूछताछ की जा रही है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। इस मामले में और भी खुलासे होने की संभावना है। इस घटना ने एक बार फिर सरकारी दफ्तरों में सुशासन और पारदर्शिता की आवश्यकता को रेखांकित किया है।

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