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Bijnor News: छह साल में बना दिव्यांग बेटी का कार्ड, भावुक हो गए दंपती
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धामपुर। गांव सेढ़ा निवासी ब्रजपाल और उनकी पत्नी मिथिला रानी को स्वास्थ्य विभाग ने छह साल बाद बेटी का दिव्यांग कार्ड उपलब्ध कराया तो वे भावुक हो गए।
दंपती ने बताया कि बेटी का दिव्यांग कार्ड बनाने के लिए धामपुर पीएचसी से लेकर बिजनौर सीएमओ कार्यालय के चक्कर लगाते थक चुके थे। जब उन्होंने धामपुर में ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि के समक्ष समस्या को रखा तो विभाग ने उन्हें कार्ड बनाकर दिया।
बुधवार को ब्लॉक में दोनों पति-पत्नी ने बताया कि उनके दो बच्चों में बेटी दिव्यांग है। दिव्यांग होने के कारण वह कार्ड बनवाने के लिए पिछले 6 सालों से प्रयास कर रही थी। धामपुर से लेकर बिजनौर सीएमओ कार्यालय तक उसने काफी प्रयास किया लेकिन सफलता नहीं मिली।
13 जुलाई को धामपुर में ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि नीरज प्रताप सिंह से मिले और समस्या के बारे में अवगत कराया। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से वार्ता की और प्रक्रिया के तहत आवेदन के साथ सीएमओ के पास भेजा। सीएमओ से तत्काल उसकी बेटी का दिव्यांग कार्ड जारी कर दिया।
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मिथिला रानी का कहना है कि दिव्यांग कार्ड मिल जाने के बाद अब वह अपनी बेटी को कार्ड से सरकार की ओर से मिलने वाली सभी सुविधाओं का लाभ उपलब्ध करा सकेगी।ै
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दंपती ने बताया कि बेटी का दिव्यांग कार्ड बनाने के लिए धामपुर पीएचसी से लेकर बिजनौर सीएमओ कार्यालय के चक्कर लगाते थक चुके थे। जब उन्होंने धामपुर में ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि के समक्ष समस्या को रखा तो विभाग ने उन्हें कार्ड बनाकर दिया।
बुधवार को ब्लॉक में दोनों पति-पत्नी ने बताया कि उनके दो बच्चों में बेटी दिव्यांग है। दिव्यांग होने के कारण वह कार्ड बनवाने के लिए पिछले 6 सालों से प्रयास कर रही थी। धामपुर से लेकर बिजनौर सीएमओ कार्यालय तक उसने काफी प्रयास किया लेकिन सफलता नहीं मिली।
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13 जुलाई को धामपुर में ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि नीरज प्रताप सिंह से मिले और समस्या के बारे में अवगत कराया। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से वार्ता की और प्रक्रिया के तहत आवेदन के साथ सीएमओ के पास भेजा। सीएमओ से तत्काल उसकी बेटी का दिव्यांग कार्ड जारी कर दिया।
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मिथिला रानी का कहना है कि दिव्यांग कार्ड मिल जाने के बाद अब वह अपनी बेटी को कार्ड से सरकार की ओर से मिलने वाली सभी सुविधाओं का लाभ उपलब्ध करा सकेगी।ै