बदायूं में डेयरी पर छापा: डिटर्जेंट से दूध, रिफाइंड से बनाया जा रहा था देसी घी, संचालक के खिलाफ एफआईआर
बदायूं में एक डेयरी पर दूध और देसी घी में मिलावट की जा रही थी। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि विभाग की टीम ने शुक्रवार को डेयरी पर छापा मारा तो इसका खुलासा हुआ है। टीम ने आठ नमूने लेकर जांच के लिए भेजे हैं।
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बदायूं में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि विभाग की टीम ने शुक्रवार को सहसवान क्षेत्र के कोल्हाई गांव स्थित दूध की डेयरी पर छापा मारा। टीम ने यहां पर नकली देसी घी बनाने की फैक्टरी का भंडाफोड़ किया। टीम को मौके से रिफाइंड, पामोलिन ऑयल और अन्य पदार्थ मिलाकर देसी घी तैयार करने वाले उपकरण भी मिले हैं। कार्रवाई के दौरान संदिग्ध घी, दूध, क्रीम, तेल, चीनी और डिटर्जेंट बरामद हुआ है। आठ नमूने लेकर जांच के लिए भेजे गए हैं। डेयरी संचालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है।
सहायक खाद्य सुरक्षा अधिकारी (द्वितीय) सीएल यादव के नेतृत्व में टीम ने कोल्हाई स्थित कादरी डेयरी पर छापा मारा। छापा मारने के दौरान वहां मौजूद लोग काम छोड़कर इधर-उधर भागने लगे। टीम ने मौके पर मौजूद सामान की जांच की तो पाया कि यहां पर नकली घी बनाने का कारोबार किया जा रहा है। जांच के दौरान टीम को करीब 200 लीटर दूध, 110 किलो संदिग्ध देसी घी, 10 किलो क्रीम, 28 किलो रिफाइंड व पामोलिन ऑयल, 93 किलो चीनी और डिटर्जेंट मिला। मौके पर ऐसे उपकरण भी मिले, जिनसे मिलावट कर देसी घी तैयार किया जा रहा था।
रिफाइंड और पामोलिन ऑयल से बनाया जा रहा था घी
टीम ने दूध और देसी घी के दो-दो व अन्य खाद्य पदार्थों के एक-एक नमूने भरकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिए। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि डेयरी में रिफाइंड व पामोलिन ऑयल और अन्य पदार्थ मिलाकर देसी घी तैयार कर बाजार में खपाया जा रहा था। कार्रवाई के बाद डेयरी संचालक फहजल खान के खिलाफ संबंधित थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई है।
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम अब संचालक से पता कर रही है कि वह नकली सामान की आपूर्ति कहां-कहां किया करता था। उसके आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी, ताकि नकली घी आम जनता के पास जाने से रोका जा सके। नकली घी खाने से मानव शरीर को दिक्कत हो सकती है। छापामार कार्रवाई के दौरान अभिहीत अधिकारी विनीत कुमार, खाद्य सुरक्षा अधिकारी सौरभ सोनी, वरुण कुमार, खुशीराम आदि मौजूद रहे।
कैसे तैयार हो रहा था नकली घी
जांच टीम के अनुसार, डेयरी में रिफाइंड और पामोलिन ऑयल में अन्य सामग्री मिलाकर उसे देसी घी का रूप दिया जा रहा था। मौके पर मिले उपकरण और कच्चा माल इस बात की ओर इशारा करते हैं कि यहां बड़े स्तर पर मिलावटी घी तैयार कर बाजार में सप्लाई किया जा रहा था। अब प्रयोगशाला की रिपोर्ट से मिलावट की अंतिम पुष्टि होगी। इस कार्रवाई के बाद जिले में मिलावटी खाद्य पदार्थों के कारोबार पर फिर सवाल खड़े हो गए हैं।
सहायक खाद्य सुरक्षा अधिकारी द्वितीय के सीएल यादव ने बताया कि जो चीजें वहां मौके पर मिलीं, उसको देखकर प्रथम दृष्टया लग रहा है कि यहां पर नकली घी बनाने का काम चल रहा था। सैंपल लेकर जांच के लिए लैब भेजे गए हैं। प्रयोगशाला की रिपोर्ट आने के बाद खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जांच अभी जारी है।