{"_id":"6963fd3010b80588d50b935a","slug":"the-city-of-faith-resonated-with-chants-of-har-har-gange-farrukhabad-news-c-222-1-frk1012-135690-2026-01-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Farrukhabad News: आस्था की नगरी हर-हर गंगे के जयकारों से गूंजी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Farrukhabad News: आस्था की नगरी हर-हर गंगे के जयकारों से गूंजी
विज्ञापन
फोटो-22 मेला रामनगरिया के बाजार में उमड़ी भीड़। संवाद
विज्ञापन
फर्रुखाबाद/अमृतपुर। खिली धूप और रविवार का अवकाश होने से मेला रामनगरिया में भीड़ उमड़ पड़ी। मेला क्षेत्र के साथ-साथ गंगा तट पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। गंगा स्नान के लिए सुबह से ही घाटों पर श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया। चारों ओर हर-हर गंगे के जयकारों से आस्था की गूंज सुनाई देती रही।
पांचाल घाट गंगा तट पर बसी आस्था की नगरी में हजारों की संख्या में श्रद्धालु कल्पवास कर रहे हैं। मौसम साफ होने व रविवार का अवकाश होने के साथ धूप खिली तो गंगा के तट पर श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़नी शुरू हो गई। मेला बाजार व मनोरंजन क्षेत्र में अच्छी खासी भीड़ हुई है। श्रद्धालुओं ने पावन गंगा में स्नान कर सत्यनारायण भगवान की कथा कराई और परिवार की सुख-समृद्धि व मनोकामना पूर्ण होने की कामना की। धूप खिलने से ठंड से भी राहत मिली। श्रद्धालुओं ने पूरे दिन मेला भ्रमण का आनंद लिया। गंगा तट पर पहुंचे श्रद्धालुओं ने बाजार में खरीदारी की तो बच्चों में झूले का आनंद लिया।
________
फोटो-30 मेला रामनगरिया के सांस्कृतिक पंडाल मयूर नृत्य करते वृंदावन के कलाकार। संवाद
फोटो-31 सांस्कृतिक पंडाल रासलीला का मंचन करते वृंदावन के कलाकार। संवाद
कृष्ण जन्म का मंचन कर कलाकारों ने मोहा
मयूर नृत्य, चक्र व बिहारी जी की झांकियों ने बांधा समां
संवाद न्यूज एजेंसी
फर्रुखाबाद/ अमृतपुर। वृंदावन धाम के सर्वेश्वर रासलीला संस्थान के संचालक स्वामी हरगोविंददास जी की टीम ने सांस्कृतिक पंडाल में भव्य रासलीला का आयोजन किया। इसमें भगवान श्रीकृष्ण के जन्म से जुड़ी पौराणिक कथाओं का भावपूर्ण मंचन किया गया।
पांचाल घाट मेला रामनगरिया के सांस्कृतिक पंडाल में लीला में कंस द्वारा देवकी–वासुदेव का विवाह कराए जाने, इसके बाद देवकी–वासुदेव व राजा उग्रसेन को कारागार में डालने तथा देवकी की छह संतानों के वध का मार्मिक दृश्य प्रस्तुत किया गया। देवताओं द्वारा श्रीनारायण के पास जाकर अवतार लेने की प्रार्थना का प्रसंग भी प्रभावशाली ढंग से दिखाया गया। कार्यक्रम में मयूर नृत्य, सुदर्शन चक्र झांकी एवं बिहारी जी की मनोहारी झांकी ने दर्शकों को आकर्षित किया।
______
सांस्कृतिक पंडाल में गूंजा रामकथा का अमृत
अमृतपुर। मेला रामनगरिया के सांस्कृतिक पंडाल में रामकथा सुनाई गई। इसमें आचार्य ज्ञानेश गौड़ ने भगवान श्रीराम के जन्म की दिव्य कथा का भावपूर्ण वर्णन किया।
आचार्य ने राम जन्म प्रसंग सुनाते हुए कहा कि भगवान श्रीराम ने पृथ्वी पर असुरों के अत्याचारों का अंत करने और धर्म की स्थापना के लिए अवतार लिया। उन्होंने मर्यादा पुरुषोत्तम राम के आदर्श जीवन, सत्य, करुणा और धर्म के बारे में जानकारी दी है। कथा के दौरान श्रद्धालु जय श्रीराम के जयकारों के साथ भावविभोर हो उठे।
_________
फोटो-29 मेला रामनगरिया में चरित्र निर्माण शिविर का ध्वजा रोहण करते स्वामी चंद्रदेव शास्त्री व पूर्व सैनिक। संवाद
चरित्र निर्माण शिविर का शुभारंभ
फर्रुखाबाद। मेला रामनगरिया के वैदिक क्षेत्र, चरित्र निर्माण शिविर का शुभारंभ भारतीय सेना के पूर्व कैप्टन राजीव सिंह यादव ने किया है।
सूबेदार राकेश सिंह जादौन, विवेक सिंह राठौर आदि कई सैनिकों के द्वारा ध्वजारोहण कर शिविर का विधिवत शुभारंभ किया गया। आचार्य चंद्रदेव शास्त्री ने कहा कि स्वामी दयानंद सरस्वती एवं स्वामी श्रद्धानंद महान समाज सुधारक व राष्ट्रीय चिंतक थे, उन्होंने सामाजिक कुरीतियों के निवारण के साथ-साथ नारी शिक्षा पर विशेष बल दिया। तथा स्त्रियों को पुरुषों के बराबर वेद आदि धार्मिक ग्रंथों को पढ़ने का अधिकार भी दिया है। उन्होंने समाज में व्याप्त गुलामी की मानसिकता को छोड़ क्रांति के लिए लोगों को प्रेरित किया है। उनकी प्रेरणा से हजारों युवा स्वतंत्रता आंदोलन में शामिल हुए। शिविर के संयोजक डॉ. हरिदत्त द्विवेदी ने सैनिकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सैनिकों का तप, त्याग, शौर्य के कारण ही हमारा देश सुरक्षित है। रामस्नेही आर्य उर्फ मुन्ना यादव ने मंच का संचालन करते हुए बताया कि शिविर में संतसम्मेलन, महिला सम्मेलन व राष्ट्र रक्षा आदि सामाजिक विषयों को लेकर विविध सम्मेलनों व गोष्ठियों का आयोजन किया जाएगा । उदिता आर्या ने प्रभु भक्ति एवं ऋषि महिमा भजनों को गया है। योगेन्द्र आर्य नीता आर्या, बृजेन्द्र सिंह, उर्मिला देवी यजमान रहे।
Trending Videos
पांचाल घाट गंगा तट पर बसी आस्था की नगरी में हजारों की संख्या में श्रद्धालु कल्पवास कर रहे हैं। मौसम साफ होने व रविवार का अवकाश होने के साथ धूप खिली तो गंगा के तट पर श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़नी शुरू हो गई। मेला बाजार व मनोरंजन क्षेत्र में अच्छी खासी भीड़ हुई है। श्रद्धालुओं ने पावन गंगा में स्नान कर सत्यनारायण भगवान की कथा कराई और परिवार की सुख-समृद्धि व मनोकामना पूर्ण होने की कामना की। धूप खिलने से ठंड से भी राहत मिली। श्रद्धालुओं ने पूरे दिन मेला भ्रमण का आनंद लिया। गंगा तट पर पहुंचे श्रद्धालुओं ने बाजार में खरीदारी की तो बच्चों में झूले का आनंद लिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
________
फोटो-30 मेला रामनगरिया के सांस्कृतिक पंडाल मयूर नृत्य करते वृंदावन के कलाकार। संवाद
फोटो-31 सांस्कृतिक पंडाल रासलीला का मंचन करते वृंदावन के कलाकार। संवाद
कृष्ण जन्म का मंचन कर कलाकारों ने मोहा
मयूर नृत्य, चक्र व बिहारी जी की झांकियों ने बांधा समां
संवाद न्यूज एजेंसी
फर्रुखाबाद/ अमृतपुर। वृंदावन धाम के सर्वेश्वर रासलीला संस्थान के संचालक स्वामी हरगोविंददास जी की टीम ने सांस्कृतिक पंडाल में भव्य रासलीला का आयोजन किया। इसमें भगवान श्रीकृष्ण के जन्म से जुड़ी पौराणिक कथाओं का भावपूर्ण मंचन किया गया।
पांचाल घाट मेला रामनगरिया के सांस्कृतिक पंडाल में लीला में कंस द्वारा देवकी–वासुदेव का विवाह कराए जाने, इसके बाद देवकी–वासुदेव व राजा उग्रसेन को कारागार में डालने तथा देवकी की छह संतानों के वध का मार्मिक दृश्य प्रस्तुत किया गया। देवताओं द्वारा श्रीनारायण के पास जाकर अवतार लेने की प्रार्थना का प्रसंग भी प्रभावशाली ढंग से दिखाया गया। कार्यक्रम में मयूर नृत्य, सुदर्शन चक्र झांकी एवं बिहारी जी की मनोहारी झांकी ने दर्शकों को आकर्षित किया।
______
सांस्कृतिक पंडाल में गूंजा रामकथा का अमृत
अमृतपुर। मेला रामनगरिया के सांस्कृतिक पंडाल में रामकथा सुनाई गई। इसमें आचार्य ज्ञानेश गौड़ ने भगवान श्रीराम के जन्म की दिव्य कथा का भावपूर्ण वर्णन किया।
आचार्य ने राम जन्म प्रसंग सुनाते हुए कहा कि भगवान श्रीराम ने पृथ्वी पर असुरों के अत्याचारों का अंत करने और धर्म की स्थापना के लिए अवतार लिया। उन्होंने मर्यादा पुरुषोत्तम राम के आदर्श जीवन, सत्य, करुणा और धर्म के बारे में जानकारी दी है। कथा के दौरान श्रद्धालु जय श्रीराम के जयकारों के साथ भावविभोर हो उठे।
_________
फोटो-29 मेला रामनगरिया में चरित्र निर्माण शिविर का ध्वजा रोहण करते स्वामी चंद्रदेव शास्त्री व पूर्व सैनिक। संवाद
चरित्र निर्माण शिविर का शुभारंभ
फर्रुखाबाद। मेला रामनगरिया के वैदिक क्षेत्र, चरित्र निर्माण शिविर का शुभारंभ भारतीय सेना के पूर्व कैप्टन राजीव सिंह यादव ने किया है।
सूबेदार राकेश सिंह जादौन, विवेक सिंह राठौर आदि कई सैनिकों के द्वारा ध्वजारोहण कर शिविर का विधिवत शुभारंभ किया गया। आचार्य चंद्रदेव शास्त्री ने कहा कि स्वामी दयानंद सरस्वती एवं स्वामी श्रद्धानंद महान समाज सुधारक व राष्ट्रीय चिंतक थे, उन्होंने सामाजिक कुरीतियों के निवारण के साथ-साथ नारी शिक्षा पर विशेष बल दिया। तथा स्त्रियों को पुरुषों के बराबर वेद आदि धार्मिक ग्रंथों को पढ़ने का अधिकार भी दिया है। उन्होंने समाज में व्याप्त गुलामी की मानसिकता को छोड़ क्रांति के लिए लोगों को प्रेरित किया है। उनकी प्रेरणा से हजारों युवा स्वतंत्रता आंदोलन में शामिल हुए। शिविर के संयोजक डॉ. हरिदत्त द्विवेदी ने सैनिकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सैनिकों का तप, त्याग, शौर्य के कारण ही हमारा देश सुरक्षित है। रामस्नेही आर्य उर्फ मुन्ना यादव ने मंच का संचालन करते हुए बताया कि शिविर में संतसम्मेलन, महिला सम्मेलन व राष्ट्र रक्षा आदि सामाजिक विषयों को लेकर विविध सम्मेलनों व गोष्ठियों का आयोजन किया जाएगा । उदिता आर्या ने प्रभु भक्ति एवं ऋषि महिमा भजनों को गया है। योगेन्द्र आर्य नीता आर्या, बृजेन्द्र सिंह, उर्मिला देवी यजमान रहे।

फोटो-22 मेला रामनगरिया के बाजार में उमड़ी भीड़। संवाद