सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hardoi News ›   By simply placing a brick, the devotee's wishes are fulfilled.

Hardoi News: ईंट रखने भर से श्रद्धालु की पूरी हो जाती मनोकामना

Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 24 Mar 2026 10:58 PM IST
विज्ञापन
By simply placing a brick, the devotee's wishes are fulfilled.
फोटो 22 : माता कामाख्या की इसी स्थल पर श्रद्धालु करते हैं पूजन-अर्चन। संवाद
विज्ञापन
कछौना। गैसिंगपुर गांव में मां कामाख्या देवी का प्राचीन मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था और विश्वास का केंद्र हैं। मंदिर पर आने वाले सभी श्रद्धालुओं की मनोकामना पूरी होती हैं। इससे मंदिर श्रद्धालुओं के लिए बहुत प्रिय है। नवरात्र पर मेला लगता है जबकि मंदिर पर साल भर श्रद्धालु आते हैं।
Trending Videos




गैसिंगपुर गांव का मां कामाख्या मंदिर पौराणिक और आध्यात्मिक इतिहास समेटे है। खास बात यह है कि इस मंदिर में पुजारी भी महिला है। पुजारी रामकुमारी ने बताया कि करीब 40 साल से मंदिर पर सेवा कर रही हैं। इससे पहले मंदिर की देखरेख उनके ससुर भोले करते थे। बताया कि मंदिर के विषय में उनके ससुर और बुजुर्ग बताया करते थे कि मंदिर के आसपास घना जंगल था। एक बार कुछ चरवाहे जानवर चराते हुए इस स्थान तक आ गए। चरवाहों ने देखा कि यहां पर एक सोने की मूर्ति स्थापित है। सोने की मूर्ति देखकर चरवाहों के मन में लालच आ गया। उन चरवाहों ने इस मूर्ति को चुरा लेने का मन बना लिया और जैसे ही वह मूर्ति को उठाकर ले जाने लगे तो देवी मूर्ति जमीन के अंदर धंसने लगी। चरवाहों ने काफी प्रयास किया लेकिन मूर्ति का कुछ पता नहीं चल सका।
विज्ञापन
विज्ञापन




बताया कि अंत में थक हार कर चरवाहे गांव लौट गए। लोगों को पूरी घटना बताई। इसके बाद ग्रामीणों ने उस भूमि में समाई देवी मूर्ति की पूजा करना शुरू कर दिया। साल 2012 में मंदिर के पास के गांव झरिहाई गाजू निवासी पंडित चंद्र मिश्रा ने पास की ही भूमि पर मंदिर बनवा दिया। दूसरी मान्यता यह है कि श्रद्धालुओं ने मनोकामना पूरी होने पर बकरे की बलि देने शुरू किया। इस पर मां कामाख्या ने पुजारी को स्वप्न में दर्शन दिए और बलि की प्रथा को बंद करने को कहा। तब से बलि स्वीकार नहीं की जाती है। मान्यता है कि मंदिर में एक ईंट रख देने से मनोकामना पूरी हो जाती है। मनोकामना पूरी होने पर ईंट को हटा दिया जाता है। साल भर यहां पर मुंडन, देवाई संस्कार, शादी के बाद नव विवाहिता माता रानी का आशीर्वाद लेने आती हैं।

फोटो 22 : माता कामाख्या की इसी स्थल पर श्रद्धालु करते हैं पूजन-अर्चन। संवाद

फोटो 22 : माता कामाख्या की इसी स्थल पर श्रद्धालु करते हैं पूजन-अर्चन। संवाद

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed