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Hardoi News: 15,879 में से बिना फिटनेस दौड़ रहे हैं 6493 ई-रिक्शा
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फोटो-22 कचहरी रोड पर बिना इंडिकेटर लैंप के सवारी बैठाकर ले जाता ई-रिक्शा। संवाद
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हरदोई। शहर की सड़कों पर सवारियां ढो रहे ई-रिक्शा में से करीब 41 प्रतिशत बिना फिटनेस के हैं। इन्हें न सवारियों को चिंता है और न ही यातायात नियम-कानून की। ई-रिक्शा पर बैठी सवारियों के साथ ही मार्गों से आवागमन करने वाले लोगों के लिए भी परेशानी का सबब बने हुए हैं। परिवहन विभाग के आंकड़े इसकी गंभीर तस्वीर सामने ला रहे हैं। जिले में कुल 15,879 ई-रिक्शा पंजीकृत हैं, इनमें करीब 41 फीसदी पंजीकृत ई-रिक्शा बिना फिटनेस के सड़कों पर दौड़ रहे हैं।
विभागीय आंकड़ों के मुताबिक जिले में अब तक 9,386 ई-रिक्शों की फिटनेस पास है। वहीं 6,493 ई-रिक्शा ऐसे हैं, जिनकी फिटनेस नहीं है। इसीलिए ई-रिक्शों की पहचान और निगरानी के लिए लगाए जा रहे क्यूआर कोड की गति धीमी है। कुल पंजीकृत ई-रिक्शों में अब तक महज 1,067 पर ही क्यूआर कोड लगाया जा सका है। ऐसे में सड़क पर उतरे हजारों ई-रिक्शों की पहचान और उनके संचालन की निगरानी को लेकर सवाल तो खड़े हो ही रहे हैं साथ ही यात्रियों की सुरक्षा चिंताजनक है।
एआरटीओ प्रवर्तन अरविंद कुमार सिंह ने कहा कि बिना फिटनेस और नियमों की अनदेखी करने वाले ई-रिक्शों पर विभाग समय-समय पर अभियान चलाकर कार्रवाई करता है। पिछले छह माह में 409 ई-रिक्शों के चालान किए हैं, जबकि 51 ई-रिक्शों को सीज करने की कार्रवाई की गई है। -
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विभागीय आंकड़ों के मुताबिक जिले में अब तक 9,386 ई-रिक्शों की फिटनेस पास है। वहीं 6,493 ई-रिक्शा ऐसे हैं, जिनकी फिटनेस नहीं है। इसीलिए ई-रिक्शों की पहचान और निगरानी के लिए लगाए जा रहे क्यूआर कोड की गति धीमी है। कुल पंजीकृत ई-रिक्शों में अब तक महज 1,067 पर ही क्यूआर कोड लगाया जा सका है। ऐसे में सड़क पर उतरे हजारों ई-रिक्शों की पहचान और उनके संचालन की निगरानी को लेकर सवाल तो खड़े हो ही रहे हैं साथ ही यात्रियों की सुरक्षा चिंताजनक है।
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एआरटीओ प्रवर्तन अरविंद कुमार सिंह ने कहा कि बिना फिटनेस और नियमों की अनदेखी करने वाले ई-रिक्शों पर विभाग समय-समय पर अभियान चलाकर कार्रवाई करता है। पिछले छह माह में 409 ई-रिक्शों के चालान किए हैं, जबकि 51 ई-रिक्शों को सीज करने की कार्रवाई की गई है। -
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