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Hardoi News: गर्रा में फिर बढ़ा पानी, किसान चिंतित
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फोटो 28: जलस्तर बढ़ने से राजघाट के टापू वाले स्थान पर नज़र आते घास के अवशेष
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हरदोई। पहाड़ों पर हो रही बारिश और बैराजों से छोड़ जाने वाले पानी से जिले की नदियों के पानी में उतार-चढ़ाव जारी है। शुक्रवार को गर्रा नदी के पानी में 15 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई। जबकि गंगा नदी में पांच सेंटीमीटर पानी हुआ है, लेकिन चेतावनी बिंदु से करीब 1.15 मीटर ऊपर बना हुआ है। गर्रा नदी में पानी बढ़ने से इसकी सहायक नदियों और बरसाती नालों में भी पानी उफान मार गया है। इससे खेतों और निचले भाग के गांवों के रास्तों तक पानी पहुंचने लगा है।
गंगा नदी में नरौरा बैराज से 1,58,512 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। यह पानी रविवार तक जिले में पहुंच जाएगा। वहीं पहले से छोड़े जाने वाले पानी से गंगा नदी, रामगंगा नदी और गर्रा नदी के पानी में उतार-चढ़ाव जारी है। गंगा नदी का पानी 136.85 मीटर गेज पर है, यह फर्रुखाबाद के पांचाल घाट पर चेतावनी बिंदु 136.60 मीटर से 25 सेंटीमीटर और राजघाट पर चेतावनी बिंदु 124.47 मीटर से 1.15 मीटर ऊपर 125.50 मीटर गेज पर बना हुआ है। वहीं गर्रा के पानी शाहजहांपुर के मुमोक्ष आश्रम घाट पर 15 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हुई और पानी 144.05 मीटर गेज पर पहुंच गया है। गर्रा नदी का पानी बढ़ने से कटियारी क्षेत्र में सहायक नदियों और बरसाती नालों से होकर पानी खेतों तक पहुंचने लगा है।
वहीं बिलग्राम क्षेत्र में राजघाट पर गंगा का पानी पूर्व के जलस्तर पर बना हुआ है। रामपुर मझियारा के घाट पर पानी बढ़ने के कारण पुलिस प्रशासन ने रामपुर मझियारा के घाट पर स्नान और कांवड़ के लिए बैरिकेडिंग करा दी है। गंगा तटों पर जलस्तर के बढ़ने के मद्देनजर और कांवड़ियों की सुरक्षा के दृष्टिकोण से उपजिलाधिकारी एन राम, कोतवाल विजय कुमार, बीडीओ नीरज शर्मा समेत अधिकारियों ने भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। एसडीएम ने स्थिति नियंत्रिण में होने की जानकारी दी। नरौरा बैराज से गंगा नदी में बड़ी मात्रा में पानी छोड़े जाने के बाद बाढ़ का पानी अब गांवों और खेतों की ओर बढ़ने लगा है। पानी के फैलाव और लगातार हो रही बारिश ने कटरी और कटियारी क्षेत्र के लोगों की चिंता बढ़ा दी है। निचले इलाकों में पानी पहुंचने से फसलों के जलमग्न होने का खतरा मंडराने लगा है, जबकि ग्रामीणों की रोजमर्रा की गतिविधियां भी प्रभावित होने लगी हैं।
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गंगा नदी में नरौरा बैराज से 1,58,512 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। यह पानी रविवार तक जिले में पहुंच जाएगा। वहीं पहले से छोड़े जाने वाले पानी से गंगा नदी, रामगंगा नदी और गर्रा नदी के पानी में उतार-चढ़ाव जारी है। गंगा नदी का पानी 136.85 मीटर गेज पर है, यह फर्रुखाबाद के पांचाल घाट पर चेतावनी बिंदु 136.60 मीटर से 25 सेंटीमीटर और राजघाट पर चेतावनी बिंदु 124.47 मीटर से 1.15 मीटर ऊपर 125.50 मीटर गेज पर बना हुआ है। वहीं गर्रा के पानी शाहजहांपुर के मुमोक्ष आश्रम घाट पर 15 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हुई और पानी 144.05 मीटर गेज पर पहुंच गया है। गर्रा नदी का पानी बढ़ने से कटियारी क्षेत्र में सहायक नदियों और बरसाती नालों से होकर पानी खेतों तक पहुंचने लगा है।
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वहीं बिलग्राम क्षेत्र में राजघाट पर गंगा का पानी पूर्व के जलस्तर पर बना हुआ है। रामपुर मझियारा के घाट पर पानी बढ़ने के कारण पुलिस प्रशासन ने रामपुर मझियारा के घाट पर स्नान और कांवड़ के लिए बैरिकेडिंग करा दी है। गंगा तटों पर जलस्तर के बढ़ने के मद्देनजर और कांवड़ियों की सुरक्षा के दृष्टिकोण से उपजिलाधिकारी एन राम, कोतवाल विजय कुमार, बीडीओ नीरज शर्मा समेत अधिकारियों ने भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। एसडीएम ने स्थिति नियंत्रिण में होने की जानकारी दी। नरौरा बैराज से गंगा नदी में बड़ी मात्रा में पानी छोड़े जाने के बाद बाढ़ का पानी अब गांवों और खेतों की ओर बढ़ने लगा है। पानी के फैलाव और लगातार हो रही बारिश ने कटरी और कटियारी क्षेत्र के लोगों की चिंता बढ़ा दी है। निचले इलाकों में पानी पहुंचने से फसलों के जलमग्न होने का खतरा मंडराने लगा है, जबकि ग्रामीणों की रोजमर्रा की गतिविधियां भी प्रभावित होने लगी हैं।
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