Health: सर्दी और बर्फीली हवाओं ने बढ़ाया जोड़ों का दर्द, मरीज हो गए दोगुने, बचाव के लिए अपनाएं ये उपाय
चिकित्सकों के अनुसार जब तापमान में गिरावट आती है तो शरीर की नसें सिकुड़ने लगती हैं। इससे जोड़ों तक पहुंचने वाला रक्त प्रवाह कम हो जाता है, जिससे वहां कड़ापन और सूजन बढ़ जाती है।
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सर्दी और बर्फीली हवाओं ने जोड़ों और पुरानी चोटों का दर्द बढ़ा दिया है। हाथरस के बागला संयुक्त जिला चिकित्सालय के हड्डी रोग विभाग में इन दिनों ऐसे मरीजों की लंबी कतारें लग रही हैं। पहले रोजाना ऐसे 140 मरीज पहुंच रहे थे, अब इनकी संख्या दोगुना बढ़ कर 300 तक पहुंच रही है। सामान्य दिनों की तुलना में इनकी संख्या में बड़ा इजाफा हुआ है।
रोजाना 280 से 300 मरीज जोड़ों के दर्द, जकड़न और पुरानी चोटों के उभरने की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। इससे एक्स-रे कराने वालों की भी संख्या बढ़ गई है। रोजाना 100 से 140 एक्स-रे हो रहे हैं। इनमें सबसे अधिक संख्या बुजुर्गों की है, लेकिन खराब जीवनशैली के कारण युवा भी इसकी चपेट में आ रहे हैं।
सर्दी के कारण शरीर में रक्त का संचार धीमा होने से दर्द की यह समस्या गंभीर होती जा रही है। चिकित्सकों के अनुसार जब तापमान में गिरावट आती है तो शरीर की नसें सिकुड़ने लगती हैं। इससे जोड़ों तक पहुंचने वाला रक्त प्रवाह कम हो जाता है, जिससे वहां कड़ापन और सूजन बढ़ जाती है। बर्फीली हवाएं इस समस्या को और अधिक संवेदनशील बना देती हैं।
सर्दी में शारीरिक गतिविधियां कम हो जाती हैं। जोड़ों के आसपास की मांसपेशियां सख्त हो जाती हैं। पुराने ऑस्टियोआर्थराइटिस या गठिया के मरीजों के लिए यह समय बेहद चुनौतीपूर्ण होता है। मरीजों को सलाह दी जा रही है कि वे शरीर को गर्म रखें और हल्का व्यायाम जारी रखें।-डाॅ. गोपाल वर्मा, हड्डी रोग विशेषज्ञ।
बचाव के लिए अपनाएं ये उपाय
- गर्म कपड़ों का प्रयोग करें। जोड़ों को हमेशा ढंक कर रखें।
- विटामिन-डी की कमी न होने दें, दोपहर की धूप जरूर लें।
- गुनगुना पानी पीएं। मैथी, अदरक व हल्दी का सेवन करें।
- घर के अंदर ही रोजाना हल्का व्यायाम करें।
