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Hathras Nagar Palika: गृहकर-जलकर के बड़े बकायेदारों पर कसेगा शिकंजा, जारी होंगे नोटिस

अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस Published by: चमन शर्मा Updated Fri, 20 Feb 2026 02:35 PM IST
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सार

हाथरस नगर पालिका के 120 ऐसे बड़े बकायेदारों को चिह्नित किया है, जिन पर अकेले 1.46 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि बकाया है। 35 बकायेदारों को अंतिम चेतावनी के रूप में डिमांड नोटिस जारी कर दिए गए हैं।

Notice to big defaulters of house tax and water tax
हाथरस नगर पालिका - फोटो : संवाद
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विस्तार

हाथरस नगर पालिका परिषद ने गृहकर व जलकर की लंबी देनदारी रखने वाले भवन स्वामियों के खिलाफ अब सीधी कार्रवाई का मन बना लिया है। पालिका प्रशासन ने शहर के 120 ऐसे बड़े बकायेदारों को चिह्नित किया है, जिन पर अकेले 1.46 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि बकाया है। 35 बकायेदारों को अंतिम चेतावनी के रूप में डिमांड नोटिस जारी कर दिए गए हैं।

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यदि निर्धारित समय में इन बकायेदारों ने बकाया का भुगतान नहीं किया तो इनके खिलाफ आरसी (रिकवरी सर्टिफिकेट) जारी की जाएगी। इस वित्तीय वर्ष में नगर पालिका ने सरकारी व गैर सरकारी भवनों के कुल 34,123 बिल जनरेट किए हैं, जिसके तहत कुल 6.89 करोड़ रुपये की वसूली होनी है।
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नगर पालिका के सात टैक्स कलेक्टरों की टीम लगातार क्षेत्र में डटी हुई है, लेकिन अब तक केवल दो करोड़ रुपये ही सरकारी खजाने में आ सके हैं। लक्ष्य और वर्तमान वसूली के बीच करीब 4.89 करोड़ का बड़ा अंतर है, जिसे पाटने के लिए अब सख्ती बरती जा रही है।

जिन्हें योजना का लाभ लेना होता है या फिर खरीद-फरोख्त में आवश्यकता होती है, वे ही टैक्स जमा करने कार्यालय तक आते हैं। टैक्स कलेक्टर क्षेत्र में बिल बांट रहे हैं। बड़े बकायेदारों को भी चिह्नित किया गया है। इनसे वसूली के लिए आरसी जारी करने की तैयारी है।-रोहित सिंह, ईओ नगर पालिका हाथरस

पिछले वर्ष मिले थे 3.40 करोड़ रुपये
पिछले साल 31 मार्च तक नगर पालिका को लगभग आठ हजार भवनों से 3.4 करोड़ रुपये कर के रूप में प्राप्त हुए थे। इस बार मार्च में चार करोड़ से बकाया जमा होने की संभावना जताई जा रही है। पिछले वर्ष से सबक लेते हुए नगर पालिका ने इस बार बड़े बकायेदारों को पहले ही चिह्नित कर लिया है। ऐसे 120 बकाएदार छांटे गए हैं। इनमें 10 से एक लाख रुपये तक के बकाएदार हैं, जो वर्ष 2016 के जीआईएस सर्वे में आने के बाद से ही गृह व जलकर का भुगतान नहीं कर रहे हैं।

इन मोर्चों पर अटकी है वसूली

  • पुराने बकायेदार : शहर की पुरानी व घनी आबादी वाले इलाकों में 11 हजार भवन ऐसे हैं, जो कई साल से बकायेदारों की सूची में हैं। ये जीआईएस सर्वे के बाद से टैक्स नहीं दे रहे। इनमें अधिकतर तीन हजार रुपये लेकर 20 हजार रुपये तक के बकाएदार हैं।
  • मलिन बस्तियां : शहर की मलिन बस्तियों में लगभग नौ हजार भवन चिह्नित किए गए हैं। इनसे टैक्स की वसूली नहीं हो पाती। इनमें दो सौ रुपये से लेकर एक हजार रुपये तक के बकायेदार हैं।
  • लापता मालिक : शहर में छह हजार प्लॉटों के भी बिल निकाले जाते हैं। इनमें 70 फीसदी पर मालिकों के नाम दर्ज नहीं हैं, जिससे वसूली नहीं हो पाती।
  • विवादित इलाके : शहर में कई इलाके विवादित भी हैं, जैसे किला खाई, वाटर वर्क्स आदि। इन इलाकों में तीन से साढ़े तीन हजार ऐसे मकान हैं, जिनसे वसूली नहीं हो पाती।


आंकड़े एक नजर में

  • कुल जारी बिल 34,123
  • कुल बकाया राशि 6.89 करोड़
  • अब तक हुई वसूली 2 करोड़ (6700 भवन)
  • चिह्नित बड़े बकायेदार 150
  • पुराने शहर में भवन 11 हजार
  • मलिन बस्ती में भवन 9 हजार
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